बुधवार, 14 अप्रैल 2010

डा अम्बेडकर अमर रहे

डा अम्बेडकर अमर रहे , कुछ फुलमाले और कुछ नारे ,
मगर उनके लक्छ्य, उनके सपने कौन पूरे करेगा ,
आरक्छन का फायदा जिन्हें मिला, उन्हें अन्य पिछड़ों को लाभ दिलाना होगा ,
सम्पन्न दलितों को अपना कब्जा निति छोड़ कर,
अपने ही अन्य पिछड़ों को साथ लेना और उन्हें आगे बढ़ाना होगा ।
अम्बेडकर मेरी कुर्शी अमर रहे नहीं हें , मेरी नोकरी अमर रहे नहीं हें ।
अम्बेडकर समाज का उठान अमर रहे हें, रास्ट्र का उठान अमर रहें हें ।
एक भी व्यक्ति जब तक गरीव हे , अम्बेडकर के सपने अधूरे हें ।
भारत के सपने अधूरे हें , संविधान की आत्मा अधूरी हें ।
हम सब मिल कर संकल्प लें ,
जब तक एक भी भूखा हें ,पिछड़ा हे , अशिछित हे ,
अम्बेडकर जेसी हिम्मत से संघर्स करें ।
बी पि एल को नर्क से उबारना होगा , उनकी भूख दूर करनी होगी ,
उनका जीवन खुशाल बनाना हे , उनकी चिंता करो ,
अम्बेडकर आशीर्वाद देंगे ।
अरविन्द सीसोदिया
राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा
कोटा २ राजस्थान ।
०९४१४१ ८०१५१

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