शनिवार, 17 अप्रैल 2010

आयकर विभाग दोषी

आयकर विभाग ने थुरुर प्रकरण सामने आते ही ,
आई पी एल कमिश्नर मोदी को फंसाने के लिए ,
छापे पर छापे डाले , मिडिया स्टंट छापे ,
कोशिश यह किए की मोदी आपराधी हे ,
मगर आई पी एल तो , तीन साल से चालू हे ,
इसकी हर गति विधि सब की नजर में हे ।
कुछ छुपा नही था । समय से नोटिस जारी करते ,
सबने टीमों की नीलामी देखि ही हे ,
रुपयाँ की बरसात देखि हे ,सब कुछ खुले में हुआ ,
बड़े राजनेतन के खिलाफ आयकर विभाग छोटा हे।
तब चुप रहा ; दूम हिला कर देस लुट वाया ।
सब कुछ लूट रहा था , सभ्यता , संस्क्रती , नेतिकता ।
राजनेता और अति सम्पन्न जम कर लूट रहे थे ।
अब एक पोल खुली तो तमासा चालू हो गया ।
पहले तो सी बी आई का दूरउपयोग होता था ,
यह आयकर विभाग का दूरउपयोग हे ,
थरूर को दूध का दुला घोषित करने हेतु ,
मोदी को फफेदा जा रहा हे, आयकर विभाग छू होते ही दोडा पड़ा,
इससे सरकार की इज्जत गिरी हे ,
असल में अपराधी आयकर विभाग हे , जिसने इतने बड़े घोटाले पर पर्दा ढल रखा था ।
अरविन्द सीसोदिया ,
राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा , कोटा २ ,
राजस्थान ।
०९४१४१ ८०१५१

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