शनिवार, 29 मई 2010

नक्सलवाद - य़ूपीए की मनमोहन सरकार त्यागपत्र दे

मनमोहन सिंह जी य़ू भी कमजोर और छाया प्रधान मंत्री ही कहलाते हें .अब यह बात और ज्यादा प्रमाणित हो रही हे . की वे नाकाबिल हें उनमें कोई क्षमता नही हे , हर मामला इसका गवाह हे . 
नक्सलवाद के उग्र तेवरों ने एक बार फिर, अपने निर्मम तेवर दिखाते ही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस को उड़ा दिया ,६५ यात्री मरे और २५० से ज्यादा घायल हुए यह संख्या और ज्यादा  हो जाएगी .
सवाल यही हे की गत एक माह में , नक्सलियों ने एक के वाद एक चुनोती दी और केंद्र सरकार असाह हे , कारण  की वे बहुत मजबूत हो चुके हें , वे यह भी जानते हें की गुडों की गुलामी आप की  विशेसता हे , राजीव के हत्यारों के साथ आप सरकार चला रहे हें , जिस  करुणानिधि को आप ने राजीव हत्या के लिए तमिलनाडू  सरकार से बर्खास्त किया था और उसके साथ मिल कर चल  रही गुजराल की सरकार को गिराया था , अब आप उसके साथ सरकार चला रहे हें ,कांग्रेस के लिए राजीव से बड़ी केंद्र सरकार हे , यह तो साबित होही गया हे ,  चन्द्र बाबु नायडू की आंध्र प्रदेश सरकार के खिलाफ  आप ने इनसे ही हाथ मिलाया था ,
वे आप की नस नस जानते हें , वे आप से नही डरते , आप उनका कुछ भी नही बिगाड सकते , इसलिए  रास्ता एक ही हे की आप सरकार चलाना छोड़ें ,य़ू  पी ए की मनमोहन सरकार त्यागपत्र दे कर मजबूत हाथों को सरकार चलाने दे ,
प्रवक्‍ता डॉट कॉम का मानना है की -
नक्सली आतंकवाद की भयानक तस्वीर:

• 2009 के आंकड़ों के अनुसार नक्सलवाद देश के 20 राज्यों की 220 जिलों में फैल चुका हैं।
• पिछले तीन साल (2007-08 तथा 2009) में देश में नक्सली हिंसा के कारण 1405 लोग मारे गए जबकि 754 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।
• भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के मुताबिक देश में 20,000 नक्सली काम कर रहे हैं।
• लगभग 10,000 सशस्त्र नक्सली कैडर बुरी तरह प्रेरित और प्रशिक्षित हैं।
• आज देश में 56 नक्सल गुट मौजूद हैं।
• करीब 40 हजार वर्ग किलोमीटर इलाका नक्सलियों के कब्जे में हैं।
• नक्सली करीब 1400 करोड़ रुपए हर साल रंगदारी के जरिए वसूलते हैं।
• नक्सली भारतीय राज्य को सशस्त्र विद्रोह के जरिए वर्ष 2050 तक उखाड़ फेंकना चाहते हैं।
मेरा मानना हे की नक्सलवाद पर काबू पाने के लिए  सबसे पहले राजनेतिक मदद बंद हो , शास्त्र  आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगे , विदेशी धन और शस्त्र  नही मिलने दिए जाएँ , गुप्त निति से काम हो और , जो राज्य सरकार साथ नही दे उसका ग्रह   विभाग  केंद्र अपने हाथ में ले ले , जो भी दल इन देश द्रोहियों को मदद दे उसकी मान्यता रद्द करो , लगता हे की रास्त्रपति महोदया की चीन यात्रा में चीन  ने भारत में अपनी ताकत  का अहसास दिलाने के लिए यह काम किया हे , येशी ओछी हरकतें पाकिस्तान भी कई बार कर चूका हे ,     

अरविन्द सिसोदिया
राधा क्रिशन मंदिर रोड ,
ददवाद्र , वार्ड ५९ ,
कोटा , राजस्थान . 
     
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