शुक्रवार, 2 जुलाई 2010

चोगुनी महंगाई-गैर कांग्रेसी दलों को भगवान सदबुद्दी दे

छूट भैय्या दल जनहित से  गद्दरी ना करें .
- अरविन्द सिसोदिया
भारतीय राजनीती में फूट का बड़ा बोलबाला रहा हे , आज से नही कई सदियों से यह चल रहा हे , इसी का खामियाजा जनता को उठाना पड़ता हे . पश्चिम सीमा से हमलावर  आये तब भी हम फूटग्रस्त  रहे , समुद्र के रास्ते अंग्रेज आये तब भी हम अलग अलग   रहे , आजादी के आन्दोलन में भी सत्याग्रही  और क्रन्तिकारी  अलग  अलग थे , मुस्लिम लीग ने देश का विभाजन  ही करा डाला  . कुल मिला कर फूट में लुट हुई .
आजादी के बाद भी दलों का अलग अलग राग़ ही जन शोसक कांग्रेस को मनमानी से रोक नही पाया . अमरीकी हितों के लिए परमाणु बिल आया विपक्ष बंटा रहा , बिल पास हो गया . महंगाई के विरूद्ध कटोती   प्रस्ताव के कारण सरकार संकट में थी , जो दल बाहर बंद करवा  रहे थे वे ही अन्दर  सरकार को बचा रहे थे . सवाल फिर यही हे कि छूट भैय्या दलों का यह समूह तो आय से अधिक संपत्ति  बटोरने के कारण ही खुद फंसा हुआ हे . सरकार सी बी आई को ईशारा करेगी , ये फिर से सरकार के फायदे के लिए दुम हिलाने लगेंगे .
कमुनिस्ट देश के लिए सबसे बड़ा खतरा हें , वे हुल्लड़ भा ज पा  ,  विरोध का मचाते हें और फायदा कांग्रेस को पहुचाते हें, भारतीय  कमुनिस्ट पार्टी आपातकाल में भी कांग्रेस कि इमरजेंसी का साथ दे रही थी . अभी भारत बद हे ५ जुलाई को लालू पासवान अलग हे , बद कि घोषणा भी राजग और गैर  राजग विपक्षी  दलों ने अलग अलग कि हे .   कुल मिला कर बात यह हे कि महंगाई जैसे जनता के मुद्दे को भी बेकार से अहमों में तोला जा रहा हे , ये अहम धारी जानते के शुभ चिन्तक नही हे बल्कि शत्रु हें ,इन्ही कि गलत चालचलन  का फायदा कांग्रेस उठा कर दिन दूनी और रात चोगुनी महंगाई बड़ा रही हे . गैर  कांग्रेसी दलों को भगवान  सदबुद्दी दे . 
- राधा कृष्ण मन्दिर रोड , डडवाडा , कोटा २, राजस्थान
ई- मेल - sisodiaarvind0@gmail.com  

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