मंगलवार, 30 नवंबर 2010

क्या जेपीसी के इटली पहुचने का डर है ...

- अरविन्द सीसोदिया
सोमवार से तीन दिवसीय यात्रा पर श्रीमति सोनिया गांधी रायवरेली की यात्रा पर हैं .., संसद में जे पी सी गठन का गतिरोध चल रहा है ..! वे उसे यथा स्थिति छोड़ कर यात्रा पर हैं जबकि वे उस गठबंधन की अध्यक्ष  हैं जो सरकार चला रहा है ..! जे पी सी से जांच होनें का इतिहास रहा है.., इस घोटाले से कम रकम कीई जांच जे पी सी ने की है ..!
  लगता है कि जे पी सी की जांच , जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा लगाये आरोपों पर भी होगी जिसमें उन्होंने कहा है कि " पौने दो लाख करोड़ रुपये के 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 60 हजार करोड़ रुपये घूस में बांटी गई, जिसमें चार लोग हिस्सेदार थे। इस घूस में सोनिया गांधी की दो बहनों का हिस्सा 30-30 प्रतिशत है। दस जनपथ को घोटाले का केंद्र बिंदु बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सब कुछ जानते हुए भी मूक दर्शक बने रहे।"
     यदी जे पी सी बनीं तो वह इन नामों से भी पूछताछ कर सकती है..! यानी इटली तक बात जा सकती है ..! प्रधान मंत्री को भी रहस्य उजागर करने को कह सकती है ..! कोई कमजोर नस  अवश्य है ..!
***** एक समाचार जो हमने देखा ...... 
http://in.jagran.yahoo.com/news/national/politics/5_2_6927406.html
       देहरादून [जागरण ब्यूरो]। जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी अब 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जद में कांग्रेस व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी ले आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पौने दो लाख करोड़ रुपये के 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले में 60 हजार करोड़ रुपये घूस में बांटी गई, जिसमें चार लोग हिस्सेदार थे। इस घूस में सोनिया गांधी की दो बहनों का हिस्सा 30-30 प्रतिशत है। दस जनपथ को घोटाले का केंद्र बिंदु बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सब कुछ जानते हुए भी मूक दर्शक बने रहे।स्पेक्ट्रम मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले अपने घर आराम करने देहरादून पहुंचे स्वामी ने पत्रकार वार्ता के दौरान 2 जी मामले में कांग्रेस नेतृत्व पर कई आरोप लगाए। स्वामी ने दावा किया इस घोटाले में घूस के तौर पर बांटे गए 60 हजार करोड़ रुपये का दस प्रतिशत हिस्सा पूर्व संचार मंत्री ए राजा को गया। तीस प्रतिशत तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि और 30-30 प्रतिशत सोनिया गांधी को दो बहनों नाडिया और अनुष्का को गया है। हालांकि, इसके कोई दस्तावेजी सबूत उन्होंने उपलब्ध नहीं कराए।

       स्वामी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि अमेरिका से स्पेक्ट्रम मामले में हुए लेन-देन का रिकार्ड भी मंगाया जाए। साथ ही उन्होंने पूर्व मंत्री ए राजा की सुरक्षा की मांग भी प्रधानमंत्री से की है।
       उनका कहना था कि ए राजा की सबसे अच्छी सुरक्षा तभी हो सकती है जब वो जेल में हों या फिर उन्हें हाउस अरेस्ट किया जाए। स्वामी ने राजा की सुरक्षा को लेकर लिखी चिट्ठी के जवाब में प्रधानमंत्री की ओर से आए पत्र को भी सार्वजनिक किया। इस पत्र में कहा गया है कि ए राजा को उच्च स्तरीय सुरक्षा दी जा रही है और स्पेक्ट्रम डील के बैंक रिकार्ड की जानकारी के लिए अमेरिकी सरकार से कहा जा रहा है।
       ए राजा की चिंता की वजह पूछे जाने पर स्वामी ने कहा कि इस महा घोटाले की सारी जानकारी राजा के पास है। इस मामले में अरब देशों के अंडरव‌र्ल्ड के लोग भी शामिल हैं। राजा की हत्या कर वे सबूत मिटाना चाहेंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ बाबा रामदेव मुहिम में सहयोग करने पर भी खुद को तैयार बताया।
****** हालांकी में स्वामी से कोई खास सच की उम्मीद नहीं रखता मगर वे किसी न किसी लिंक से अवश्य जुड़े हैं जो उन्हें आतंरिक सच से परिचित करवा देता है.., ऐसा उनके लगाये आरोपों से प्रतीत होता है.., इस कारण आरोपों को जांचने में हमारा क्या बिगड़ता है..!
-- बोफोर्स घोटाला मामले में सबसे अधिक 45 दिन तक चले शोर शराबे और व्यवधान के बाद सरकार ने जेपीसी की घोषणा की।
-- हर्षद मेहता से जुड़े प्रतिभूति एवं बैंक घोटाला मामले में जेपीसी की मांग को लेकर 17 दिन तक संसद की कार्यवाही बाधित रही।
-- केतन पारिख से जुड़े शेयर घोटाला मामले में जेपीसी की मांग पर 15 दिन तक संसद की कार्यवाही बाधित रही थी।
-- अंतिम बार संयुक्त संसदीय समिति का गठन शीतल पेय, फलों से जुड़े पेय पदार्थो और अन्य पेय सामग्रियों में कीटानुनाशकों के अंश पाए जाने से संबंधित मामलों की जांच के लिए 2003 में किया गया था। इस मामले में जेपीसी की अध्यक्षता शरद पवार ने की थी।
-- जयललिता ने कहा, "यदि डीएमके को छोड़कर संप्रग के सभी सहयोगी पाक-साफ हैं तो वे जेपीसी की जांच से दूर क्यों भाग रहे हैं?"

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