रविवार, 19 दिसंबर 2010

हिंदुत्व पर आक्रमण,एक बड़ी साजिश और भयानक षडयंत्र

- अरविन्द सीसोदिया
   इस समय भारत के हिन्दू समाज पर तीन प्रकार के आक्रमण इसे निंगल जानें कि द्रष्टि से चल रहे हें , 
* पहला इसाई भारत और विशेष कर हिन्दुओं को ईषा का अनुयायी बनाना चाहते हैं , यह कार्य तब से चल रहा है जब ईस्ट  इण्डिया कंम्पनी भारत में आई थी , हालांकी यह प्रयत्न इससे पूर्व से भी गोवा में चालू हो गया था , पीछे समय जब इसाई धर्म प्रमुख पॉप भारत आये थे तब वे खुल कर यह घोषणा कर गये कि इस सहस्त्रावदी में भारत सहित एसिया को इसाई बनाना है | 
* दूसरा इस्लामिक क्षैत्र है जो भारत पर इश्लामिक प्रभुसत्ता स्थापित कर चुका था , उन्होंने अपने हिंषक  तौर तरीकों से न केवल भारत बल्की तमाम यूरोप को भी धर्म बदल कर इस्लाम कबूल ने के लिए मजबूर किया था , बाद में इसाई और इस्लाम में लगातार कई युद्ध हुए ....! यह भी विभाजन के द्वारा भारत के काफी हिस्सों को इस्लामी देश बना कर उसके  के तहत ला चुके हैं जैसे पाकिस्तान और बांगलादेश | इनका प्रयत्न हंस कर लिया है पाकिस्तान लड़ कर लेंगे हिन्दुस्तान का है | आतंकवाद सिर्फ जम्मू और कश्मीर इश्यू तक नहीं है वह भारत में लगातार हस्तक्षेप है जो इस देश को पूर्ण रूपेण इस्लामिक सत्त स्थापित करने का उद्देश्य रखता है | 
* तीसरा साम्यवाद है जो विश्व में ध्वस्त होनें के बावजूद भी भारत को अपनी गिरफ्त में ले लेना चाहता है , यह चीन कि स्कीम से कहीं अधिक  प्रभावित है , नेपाल को एक प्रकार से कब्जानें के बाद से इनके हौंसले बड़े हुए हैं ..! क्यों कि विश्व में एक मात्र नेपाल ही हिन्दू राष्ट्र था जो अब हिन्दू राष्ट्र नहीं रहा ! माओवाद और नक्षलवाद के पीछे इस समय चीन है उसकी रणनीतियां  हैं ! 
$$$$--- सोनिया गांधी की सोच पूरी तरह से हिन्दुस्तानी नहीं है उन्होंने टियुशन   पर भारतीय राजनीति सीखी है , उन्हें बेकप कौन दे रहा है यह अंदाज सबको है मगर कोई खुल कर कुछ नहीं बोलता, मगर वे एक इसाई हैं उनका मन इसाई है सो उनका फेवर कहाँ है यह भी सब कुछ सामने है , भारत में उनकी निष्ठा का जहाँ तक प्रश्न है उन्होंने विवाह के बाद वर्षों तक भारत की नागरिकता तक स्वीकार नहीं की थी ..! इस क्यों का कोई उत्तर नहीं है ?
####--- अर्थात भारत भूमि और विशेष कर हिन्दू , विश्व की तीन महा शक्तियों के निशानें पर है ..? और  सबसे बड़ी बात यह धर्म युद्ध रूपी कार्य योजनायें बे खौफ चल रहीं हैं ! इनके खिलाफ भारत सरकार आँखें मूँद का हाथ पर हाथ रख कर बैठी है ! इन पर  संवाद तक नहीं होना दुर्भाग्य पूर्ण है ! कुल मिला कर जो भी परिस्थिति  हैं उनमें एक तेजस्वी हिंदुत्व की आवश्यकता है जो अपने अस्तित्व की रक्षा कर सके ..! निश्चित  रूप से जो भी लोग हिंदुत्व की रक्षा के लिए प्रयत्नशील हैं उन पर यह तीनों शक्तियाँ अलग - अलग या एक जुट हो कर रोकेंगी या  आक्रमण करेंगी ..! यह हिंदुत्व के विरुद्ध एक बड़ी साजिश और भयानक  षडयंत्र  है ! 
और यही वह बिंदु है जो कांग्रेस के मुंह से निकल  कर बार - बार सामनें आ रहा है , सवाल यही है कि ये किसके साथ हैं.....? इसाई महाशक्ती  के साथ या इस्लामिक महा शक्ती के साथ ....? या साम्यवादियो माओ वादियों के साथ...?            
सवाल यह देश को आजाद करवानें में हिन्दुओं का साथ कांग्रेस ने  लिया गया मगर एक भी हिन्दू हित का काम नेहरु - गांधी सत्तासीनों  ने नहीं किया बल्की अब लोकतान्त्रिक व्यवस्था को ही ख़त्म करनें की कोशिस हो रही   है, कांग्रेस पा वंशवादी अधिपत्य हो चुका है अब देश पर भी एकमेव राज सत्ता  स्थापित होने की कोशिस के चलते मुख्य विपक्ष को ही समाप्त करने की परोक्ष योजना प्रतीत होती है |  
राहुल क्या जानें हिंदुत्व क्या है ........
१- राहुल के बयान से ज्यादा सोचने का विषय यह है कि राहुल में हिंदुत्व  हैं क्या ? 
२- वे हिन्दू शब्द का अर्थ या उसमें निहित सारभूत तत्वों को जानते हैं क्या ? 
३- उन्हें हिंदुत्व का इतिहास मालूम है क्या ?
४- उन्हें यह मालूम है क्या  स्वतंत्रता आन्दोलन में मुस्लिम लीग के खिलाफ कांग्रेस ही हिन्दू पार्टी थी ? 
५- रघुपति राघव राजाराम का गान करके ही महात्मा गांधी ने आम भारतवासी को कांग्रेस से जोड़ा था ?
  मुझे नहीं लगता कि राहुल नामक ४० साल के इस बच्चे को सोनिया या किसी अन्य ने हिंदुत्व के बारे में बताया या सिखाया होगा ! क्यों कि परिवार ही मुख्य रूप से मानसिकता पर प्रभाव डालता है .. राहुल को क्या कांग्रेसजन को क्या कोई हिंदुत्व सिखाएगा .. उन्हें सिखाया जायेगा तो स्वामी भक्ती , स्वामी स्तुती , यही सिखाया जायेगा !     
नाम हिन्दू रख  कर कोई हिन्दू नहीं हो जाता , बहुत से इसाई अब हिन्दू नाम ही रखते हैं , इंदिरा गांधी के बाद इस परिवार में मेनका गांधी जरुर हिन्दू कही जा सकती है  ! अन्यथा बहुत से प्रश्न उभरते रहते हैं ?

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