शनिवार, 19 फ़रवरी 2011

कैंसर पैदा करने वाले तत्व हैं , विदेशी शीतल पेय





- अरविन्द सिसोदिया
  वाशिगटन की एक खबर ने भारतियों की आशंका को सच साबित  कर दिया  है की कोका - कला , पेप्सी और उस जैसे विदेशी शीतल पेय शारीर के लिए हानी कारक हैं .., विशेष   कर  आयुर्वेद , स्वदेशी जागरण मंच , राजीव दीक्षित और बाबा रामदेव व श्री श्री रविशंकर ने इन्हें नुकशान दायक पहले से ही बताया था ..! जो सच सवित हुआ .., एक रिसर्च ने इन से  केंसर होने का दावा करते हुए , इन्हें बंद करने की मांग की है !!!

वॉशिंगटन। कोल्ड ड्रिंक्स के हेल्थ पर खराब पर असर को लेकर चर्चा कोई नई बात नहीं है। अब यह बात सामने आ रही हैं कि कोका-कोला और पेप्सी में इस्तेमाल होने वाला तत्व की वजह से कैंसर तक हो सकता है। हेल्थ के क्षेत्र में काम करने वाली पावरफुल लॉबी ने इसे तुरंत बैन करने की मांग की है।


ब्रिटिश टैब्लॉइड ' डेली मेल ' के मुताबिक, रिसर्चरों का मानना है कि कोल्ड ड्रिंक्स में भूरा रंग लाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कलरिं एजेंट की वजह से हजारों लोगों को कैंसर हो सकता है। वॉशिंगटन डीसी के सेंटर फॉर साइंस इन द पब्लिक इंटरेस्ट (सीएसपीआई) ने कहा, 'कोका-कोला, पेप्सी और बाकी चीजों में इस्तेमाल किए जाने वाले दो केमिकल कैंसर पैदा कर सकते हैं और इन्हें बैन किया जाना चाहिए।'


'कोल्ड ड्रिंक्स और बाकी चीजों में भूरा रंग लाने के लिए चीनी को अमोनिया और सल्फाइट के साथ उच्च दबाव और तापमान पर मिलाया जाता है। इस केमिकल रिऐक्शन में दो तत्व 2-एमआई और 4-एमआई बनते हैं। सरकारी स्टडी यह बात पता चली है कि ये तत्व चूहों के फेफड़े, लीवर और थायरॉइड कैंसर का कारण बने हैं।'           अमेरिका के नैशनल टॉक्सिकोलॉजी प्रोग्राम ने कहा है कि इस बात के साफ सबूत हैं कि 2-एमआई और 4-एमआई, दोनों जानवरों में कैंसर पैदा करने वाले तत्व हैं इसलिए आदमियों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। सीएसपीआई के एग्जेक्युटिव डायरेक्टर माइकल जैकबसन ने अमेरिका के फूड रेग्युलेटर के पास इस बारे में कार्रवाई करने के लिए एक याचिका दाखिल की है। उनका कहना है, ' कैंसर पैदा करने वाले तत्वों को खाने में कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए, खासतौर पर तब जब उनका इस्तेमाल केवल रंग के लिए किया जाता हो। '         
      अमेरिकी कानून में रंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले चार तरह के कैरेमल में अंतर किया गया है। इनमें से दो अमोनिया के साथ बनते हैं और दो अमोनिया के बिना। सीएसपीआई अमोनिया के साथ बनने वाले दो कैरेमल पर बैन चाहती है। सीएसपीआई की बात का पांच बड़े कैंसर एक्सपर्ट समर्थन करते हैं। 
    कोल्ड ड्रिंक्स में इस्तेमाल किया जाने वाला तत्व कैरेमल 4 या अमोनिया सल्फाइट से प्रोसेस कैरेमल के नाम से जाना जाता है। सल्फाइट के बिना केवल अमोनिया के साथ बनाया जाने वाला कैरेमल 3 बियर, सोया सॉस और खाने की कई चीजों में इस्तेमाल किया जाता है। सीएसपीआई के मुताबिक जांच किए गए कोल्ड ड्रिंक्स में जितना 4एमआई पाया गया है, वह अमेरिका में हजारों लोगों में कैंसर फैला सकता है। सीएसपीआई की बात पर कोका-कोला और पेप्सी ने कुछ भी नहीं कहा है।
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नई दिल्ली : योग गुरु रामदेव ने क्रिकेटरों और फिल्म स्टारों से सॉफ्ट ड्रिंक्स की बिक्री बढ़ाने के लिए अपनी इमिज़ को नहीं बेचना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्मी हस्तियों को सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों का ब्रैंड ऐंबैसडर नहीं बनना चाहिए। रामदेव ने कहा, ' किसी भी क्रिकेटर, फिल्मी हीरो या हीरोइन को महज पैसे के लिए खुद को नहीं बेचना चाहिए क्योंकि अगर आप दो-चार करोड़ रुपये के लिए खुद को बेच रहे हैं तो आप अपना विवेक बेच रहे हैं।' उन्होंने कहा कि देश में लोग क्रिकेटर और फिल्मी सितारों को पूजते हैं और इसके बदले में फिल्मी सितारों को अपने प्रशंसकों की सेहत का ख्याल रखना चाहिए। 
      रामदेव ने कहा, 'मुझे दुख होता है जब एक खिलाड़ी यह कहता है कि यह उसका व्यावसायिक हित है। आपके व्यावसायिक हितों से राष्ट्र हित प्रभावित होता है। अगर हम अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करते हैं तो मुझे लगता है कि हम निदंनीय कार्य कर रहे हैं।' गौरतलब है कि क्रिकेटर एम. एस. धोनी पेप्सी का विज्ञापन करते हैं, ऐक्टर्स सैफ अली खान पेप्सी ग्रुप के चिप्स के लिए विज्ञापन करते हैं।
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  • (David McNew / Getty Images)

Center for Science in the Public Interest launches another attack -- this time against caramel coloring

February 16, 2011|By Mary Forgione, Tribune Health
If you’re not alarmed by caramel colorings, you soon might be. A consumer group has urged the FDA to ban some of them. One guess as to which group. Yes, the Center for Science in the Public Interest.
"The "caramel coloring" used in Coca-Cola, Pepsi, and other foods is contaminated with two cancer-causing chemicals and should be banned," the organization announced. Its news release helpfully links to the petition it filed with the FDA.
 

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