बुधवार, 4 मई 2011

आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को कायरता छोड़ना चाहिए


- अरविन्द सिसोदिया 

अब भारत की पहली कार्यवाही पाकिस्तान को एक आतंकवादी देश घोषित करवाए जानें की होनी चाहिए ..! दूसरी कार्यवाही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की किसी प्रकार की मिल रहीं मद्दों पर तुरंत   रोक की होनी चाहिए ..! तीसरी बात भारत के बांछित अपराधियों को पाकिस्तान से  प्राप्त कर उन्हें दंडित करने की होनी चाहिए !!!! चौथी बात भारत में न्याय प्रक्रिया के द्वारा दंडित किये गए अपराधियों को सजा दे ..! सजा नहीं देना भी अपराध का प्रोत्साहन है ...!!! कुल मिला कर आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को कायरता छोड़ना चाहिए ..!!!
 
अफजल गुरु पर सरकार ले निर्णय
अमेरिका ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में घुसकर 9/11 के हमले की सजा दे सकता है, लेकिन केंद्र सरकार अभी तक संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु, जो हमारी ही गिरफ्त में है, को ही सजा नहीं दे सकी है। बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि मुंबई में हुए हमले के आरोपी भी पाकिस्तान में पनाह पाए हैं और भारत सरकार को उन्हें भारत लाने के नए सिरे से प्रयास करना चाहिए।
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नई दिल्ली।। विवादित बयानों के लिए मशहूर हो चुके कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह इस बार ओसामा बिन लादेन को समुद्र में दफनाने की निंदा करके फंस गए हैं। उन्होंने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी लादेन को अमेरिका द्वारा समुद्र में दफनाए जाने पर कहा था कि कोई कितना भी बड़ा अपराधी क्यों न हो, उसके अंतिम समय में उसके धार्मिक रिवाजों का सम्मान करना चाहिए। पार्टी आलाकमान को उनका यह बयान रास नहीं आया है और उन्हें सफाई देने के लिए तलब किया गया।

दिग्विजय के इस बयान को उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोट हासिल करने के एक हथकंडे के रप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि वह उत्तर प्रदेश के प्रभारी हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी लादेन के मामले को सांप्रदायिक नजरिये से देखे जाने से कतई सहमत नहीं है और दिग्विजय की टिप्पणी को ठीक नहीं मानती है।

सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी को दिग्विजय सिंह की बयानबाजी रास नहीं आई है और उन्होंने कांग्रेस महासचिव को तलब किया। दिग्विजय की पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मंगलवार को हुई मुलाकात को भी इसी मामले से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि, दिग्विजय का कहना है कि उनकी सोनिया गांधी से इस मामले पर कोई बात नहीं हुई।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने दिग्विजय के बयान पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था। संवाददाताओं के बार-बार पूछे जाने पर तिवारी ने कहा कि जहां तक लादेन का प्रश्न है तो हमें यही कहना है कि जो दूसरों के लिए कांटे बोएगा, उसे शूल तो चुभेंगे ही।

आतंकवाद के मुद्दे पर अपने बयानों के लिए दिग्विजय इससे पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। दिल्ली में हुए बटला हाउस इन्काउंटर पर भी उन्होंने सवाल उठाए थे और न्यायिक जांच की मांग की थी। वह इस मुठभेड़ में मारे और गिरफ्तार किए गए लोगों के परिवार वालों से मिलने आजमगढ़ भी गए थे।

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भोपाल. राज्य के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के उस बयान की आलोचना की है जिसमें उन्होंने आतंकी ओसामा बिन लादेन की अन्त्येष्टि अमरीका द्वारा मुस्लिम रीति रिवाज से न कर समुद्र में में किये जाने को गलत बताया है।

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने लादेन के अंतिम संस्कार के रीति रिवाजों की बात उठाकर यह साबित कर दिया है कि कांग्रेस के मन में दुनिया भर में आतंकवाद का शिकार हुये लोगों के प्रति तो कोई सहानुभूति नहीं है लेकिन ओसामा के प्रति गहरी हमदर्दी है। उनके इस बयान से भारत के अमरीका से सम्बन्धों पर विपरीत असर पड़ सकता है।

विजयवर्गीय ने मांग की कि सोनिया गांधी को तुरन्त स्पष्ट करना चाहिये कि कांग्रेस लादेन के साथ है या अमरीका राष्ट्रपति ओबामा के साथ।

1 टिप्पणी:

  1. aap apne blog me bhrastchari neton ki to koi bhi baat publish nahi karni chahiye , doosri maine comment pahle bhi kiya tha ki Jab bhi koi aatankwadi humle me hindu marte hain to congress ke netaon ka yah bayan aata hai ki aatankwadiyon , dahshatgardon ki koi jaati ya dharam nahi hota , to fir digvijaysingh se poocho ki jab aatankwadiyon ka koi dharam , jaat nahi hoti to fir kis hisab se inke antim reeti riwaj karen???????????

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