गुरुवार, 5 मई 2011

ओसामा जी : लखनवी अंदाज में दोस्ती वयां कर रही है कांग्रेस



 = अरविन्द सिसोदिया 
   अपराधियों को प्रतिष्ठा प्रदान करने वाले शब्द शायद कांग्रेस की रणनीति का ही हिस्सा होगा .., यदि ये द्वितीय विश्व युद्ध के समय कोई प्रतिक्रिया दे रहे होते तो कहते .., हिटलर जी , मुसोलीन जी , अभी कहा ...ओसामा जी .......आगे कहेंगे ......हाफिज  सईद  जी  .., अफजल गुरु जी , दाऊद जी , कसाव जी ..., डेविड हेडली जी, तहव्वुर राणा जी , लिट्टे जी .., सिम्मी  जी , आईएसआई जी आदि आदि ..,  इस तरह के  उच्चारण उस पार्टी के नेता द्वारा किये  गए हैं .., जो देश पर सबसे ज्यादा  समय से राज कर रही है ..!! शायद अपराधियों से सांठ  -  गांठ और उन्हें सम्मान देना  ही इनके लम्बे राज का कारण है ..? 

 वाराणसी। कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री लादेन पर अपने बयानों के कारण फंसते जा रहे हैं। यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने कहा, "यह कैसे संभव है कि ओसामा जी पाकिस्तान में इतने सालों से रह रहे थे और पाक को इस बारे में पता न रहा हो?" इसके पहले सिंह ने कहा था, "कोई चाहे जितना बड़ा आतंकी हो लेकिन मरने के बाद उसका अंतिम संस्कार उसके धार्मिक रीति-रिवाज से ही करना चाहिए। हमने भी मुंबई हमले में मारे गए लोगों को दफन किया था।"

इस बीच, सिंह के बयान से जहां कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है वहीं बीच भाजपा ने कांग्रेस से सफाई मांगी है। भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, अगर दिग्विजय सिंह को लादेन से इतना ही प्यार है तो वे अपने घर पर या कांग्रेस मुख्यालय पर उसकी कब्र बनवा लें और रोज ओसामा जी, ओसामा जी कहें।
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एक दिग्विजय सिंह न्यूजीलैंड में  भी ......
ऑकलैंड. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह द्वारा कुख्यात आतंकवादी लादेन को ‘ओसामा जी’  बोलकर इज्जत बख्शने के बाद न्यूजीलैंड के भी एक सांसद ने ओसामा की तारीफ करते हुए कहा है कि वह बुरा आदमी नहीं था और वह हमेशा स्वाधीनता और आम आदमी के अधिकारों के लिए लड़ता रहा। हालांकि बाद में उन्होंने बयान पर माफी मांग ली है। 

न्यूजीलैंड के निर्दलीय सांसद होन हारावीरा ने कहा कि ओसामा के गुणों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ओसामा के बारे में हमेशा गलत बातें ही उड़ाई हैं, जबकि वह अपने लोगों की आजादी के लिए युद्ध कर रहा था।

हारावीरा ने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा कि मीडिया जो भी कहे, लेकिन ओसामा का परिवार, समर्थक काफी दुखी हैं, क्योंकि उसने इतने साल उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया। 

लेकिन अब उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि उनका पहले दिया गया बयान गलती थी और राजनीतिक कारणों के लिए आतंक का उपयोग कभी भी उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि उनके बयान का आशय ओसामा को समर्थन देना नहीं था।

हारावीरा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। और हाल ही में उन्होंने अपने एक साथी पॉलिटिशियन को हिटलर बताया था।

इसके पहले बुधवार को दिग्विजय ने लखनऊ में कहा था कि ओसामा जी कई वर्षों से पाक में रह रहे थे। पाक आर्मी ने क्‍यों नहीं कुछ किया? अमेरिका ने मारने के बाद समुद्र में फेंक कर अच्छा नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि अपने देश में भी मुंबई हमलों में मारे गए लोगों को उनके धर्म के अनुसार दफन किया गया।

दलाई लामा ने कहा ओसामा को मारना उचित कदम

तिब्बत से धार्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा है कि अमेरिका द्वारा ओसामा लादेन को मारना पूरी तरह न्यायपूर्ण कदम है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। 
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मुंबई में वर्ष 2008 में हुए हमलों के सिलसिले में अमरीका में चार और पाकिस्तानी लोगों के ख़िलाफ़ आरोप दर्ज किए गए हैं.शिकागो की अदालत में सुनवाई के दौरान इनके नाम साजिद मीर, मज़हर इक़बाल, अबू क़हाफ़ा और मेजर इक़बाल बताए गए हैं.इसके अलावा एक व्यक्ति का नाम न बताते हुए उसे लशकर सदस्य डी कहा गया है.
अमरीकी नागरिक डेविड हेडली और तहव्वुर राणा पर जब मुंबई हमलों के सिलसिले में अमरीका में आरोप लगाए थे, तब इन चार लोगों का ज़िक्र किया गया था लेकिन इनका नाम नहीं लिया गया था.एएफ़पी के मुताबिक ये चारों पाकिस्तानी अमरीकी हिरासत में नहीं है.
हमले
अमरीकी अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने ये कहने से इनकार कर दिया कि अमरीका इनके प्रत्यर्पण की कोशिश करेगा या नहीं.2009 में डेविड हेडली को गिरफ़्तार करने के बाद अमरीका मुंबई हमलों की साज़िश रचनेवालों के ख़िलाफ़ मामला चला रहा है.साजिद मीर के बारे में कहा गया है कि वो कथित तौर पर लश्करे-तैबा से जुड़ा हुआ था. मज़हर इक़बाल को कथित तौर पर लश्कर कमांडर बताया गया है.अबू क़हाफ़ा के बारे में बताया गया है कि उसने कथित तौर पर हमलावरों को प्रशिक्षित किया था. जबकि मेजर इक़बाल के बारे में कहा गया है कि उसने कथित तौर पर मुंबई में किए हमलों के लिए पैसा जुटाया और योजना बनाई.
अगर ये लोग दोषी पाए गए तो अमरीका में इन्हें मौत की सज़ा हो सकती है.मुंबई में 26/11 के हमलों में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे जिसमें अमरीकी नागरिक भी शामिल थे.कुछ दिन पहले शिकागो अदालत में तहव्वुर हुसैन राणा ने कहा था कि मुंबई हमले पाकिस्तान की सरकार और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के आदेश पर किए गए थे.

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