शनिवार, 4 जून 2011

महाराणा प्रताप की जयंती


       ज्येष्ठ शुक्ल तीज सम्वत् 1597 को मेवाड़ के राजा उदय सिंह के घर जन्मे उनके ज्येष्ठ पुत्र महाराणा प्रताप को बचपन से ही अच्छे संस्कार, अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञान और धर्म की रक्षा की प्रेरणा अपने माता-पिता से मिली।  देश और धर्म की रक्षा के लिए प्रण-पण से अपने आपको आहूत कर देने वाले महान पुरूषों में मेवाड सपूत महाराणा प्रताप का नाम सदा अग्रणी रहा है। जब मुगलों के आतंक व अत्याचार के चलते लोग हताश हो रहे थे ऐसे समय महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की भूमि को मुगलों के चंगुल से छुड़ाने हेतु न सिर्फ वीरता पूर्वक संघर्ष किया बल्कि समस्त देशवासियों के लिए एक अनन्य प्रेरणा का संचार किया
महाराणा प्रताप की जयंती ४ जून को है .., तिथि से हर साल अलग अलग तारीख आती हे 
देदीप्यमान इस शौर्य शिरोंमणि को..,
शत शत नमन ...!!!!!!!!!!!!!! 
समय लिखता जिनके गौरव गान ,
समय लिखता जिनका इतिहास ,
शूरवीर  ही होते हैं वे ..,
स्मरण करता जिनको समाज ..!!
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Renu Siroya


ये पुण्य धरा मेवाड़ की, वीरो के अभिमान की
धरती पर अमर कथा है, प्रताप के स्वाभिमान की
इस मिटटी की आन के खातिर तन-मन अपना वार दिया
गूंझ रही इतिहास के पन्नो में गाथा उनके बलिदान की...




1 महाराणा प्रताप: सूरवीर राष्ट्रभक्त
  http://arvindsisodiakota.blogspot.in/2011/05/blog-post_3843.html
2 वीर सपूत महाराणा प्रताप
http://arvindsisodiakota.blogspot.in/2011/05/blog-post_30.html 
3 महाराणा प्रताप की जयंती
http://arvindsisodiakota.blogspot.in/2011/06/blog-post.html
महाराणा प्रताप कठे
http://arvindsisodiakota.blogspot.in/2010/06/blog-post_15.html 

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