बुधवार, 20 जुलाई 2011

अब बेशर्म सीबीआई जगन के पास जा पहुंची




- अरविन्द सीसौदिया


आंध्रप्रदेश के पूर्व एवं स्वर्गीय मुख्यमंत्री वाय एस आर रेड्डी के पुत्र  एवं बागी कांगेेसी जगन रेड्डी और उनकी मां ने कांग्रेस छोड स्वतंत्र चुनाव लडा और एतिहासिक जीत के साथ यह साबित कर दिया कि उनके परिवार की लोकप्रियता शिखर पर है, वह कांग्रेस के सहारे नहीं हें। तब से कांग्रेस बौखलाई हुई है,उन्होने जगन पर दबाव बनाने के लिये सी बी आई को उनके पीछे लगा दिया है। ऐसा कांग्रेस मुलायम सिंह, मायावती,लालूप्रसाद के खिलाफ भी कर चुकी हे। सी बी आई के बल पर समर्थन जुटाने की ब्लेकमेलिंग का यह नया प्रयोग कांग्रेस की गले में हड्डी की तरह फंस सकता है।
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हैदराबाद। एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आंध्र प्रदेश की हाईकोर्ट ने सीबीआई को वाईएसआर कांग्रेस के मुखिया जगनमोहन रेड्डी की संपत्ति की जांच करने को कहा है। हाईकोर्ट ने सीबीआई को धन की हेराफेरी के मामले की प्रारम्भिक जांच का आदेश दिया है। 

मुख्य न्यायाधीश निसार अहमद काकरू और न्यायाधीश विलास वी अफजलपुरकर की पीठ ने सीबीआई से जांच दो हफ्ते में पूरी करने व सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। पीठ ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई सीबीआई की रिपोर्ट मिलने के बाद होगी। कांग्रेसी नेता पी.शंकर राव की ओर से लिखे एक पत्र के आधार पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रथम दृष्ट्या महसूस किया कि संदेह दूर करने के लिए जांच जरूरी है। 

शंकर राव ने जनवरी में पत्र लिखकर जगन की कथित अवैध संपत्ति की जांच कराने की मांग की थी। शंकर राव ने आरोप लगाया था कि जगनमोहन ने फर्जी फर्मे चलाकर धन की हेराफेरी की और मॉरीशस की कुछ कंपनियों के जरिए काला धन अर्जित किया। 


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नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस नेता जगन मोहन रेड्डी ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से प्रारम्भिक जांच कराने के आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ आज उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
रेड्डी ने उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर करके उच्च न्यायालय के गत 12 जुलाई के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उच्च न्यायालय का संबंधित आदेश त्रुटिपूर्ण है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए।
आंध्र प्रदेश के कपडा़ मंत्री पी शंकर राव की याचिका पर उच्च न्यायालय ने सीबीआई से प्रारम्भिक जांच कराने और जांच एजेंसी को दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उच्च न्यायालय का कहना है कि प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ही वह पूर्ण जांच का आदेश देगा। राव ने मंत्री पद सम्भालने से पहले ही यह याचिका दायर की थी। उनका आरोप है कि रेड्डी ने अपने दिवंगत पिता वाई एस आर रेड्डी के मुख्यमंत्री पद पर रहते आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक की सम्पत्ति अर्जित की है।

1 टिप्पणी:

  1. Jagan Aur Uske Pitaa Samual Reddy Ne Nazaayaz Tareeke Se Beshumaar Daulat Kamaai Hai. Ab Congress Usase Khunnas Nikaal Rahi Hai. Jo Ki Acchaa Hai...Kam Se Kam Do Choro Ki Ladaai Me Jantaa Kaa Toh Bhalaa Hogaa!!

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