शुक्रवार, 16 सितंबर 2011

पुलिस बनीं सोना लुटेरी...

-अरविन्द सीसौदिया

पुलिस कर्मिओं सहित कुछ गिरिफ्तारियां किन हैं .......पुलिस बनीं सोना लुटेरी...
सवाल यह है कि पुलिस वाले ही जब लूट करने लगें तो बचेगाा क्या...कानून में यह व्यवस्था होनी चाहिये कि जब कोई जबावदेह व्यक्ति अपराध करे तो सजा दो गुनी हो ....! प्हली सजा अपराध की और दूसरी सजा विश्वास तोडनें की .....!!!! कोटा रेल्वे जंक्शन पर कुछ माह पूर्व राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक सोनेचांदी के व्यापारी से चार किलो सोना लूट लिया गया । लूट को अंजाम देनें वालों में दो पुलिसकर्मी हैं |कोटा जी  आर पी नें 

कोटा । राजधानी एक्सप्रेस में मुंबई के जवाहरात व्यवसायी के कर्मचारी से चार किलो सोना (तब नब्बे लाख, वर्तमान कीमत सवा करोड़) लूटने वाले कोई और नहीं पुलिस वाले ही थे। कोटा की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मामले का खुलासा करते हुए मध्यप्रदेश के दो पुलिसवालो को हिरासत में लिया है।
देर शाम पुलिस इन्हें लेकर कोटा के लिए रवाना हो गई। जीआरपी सूत्रों ने बताया कि लुटेरे मध्यप्रदेश के गुना जिले के राघवगढ़ थाने के पुलिसकर्मी निकलें, जिन्होंने एक शख्स के मार्फत इस वारदात को अंजाम दिया। 7 मई को हुई इस वारदात के बाद से ही पुलिस डीएसपी तृप्ति विजयवर्गीय व जीआरपी थानाधिकारी कल्याण सहाय मीणा की अगुवाई में कई पुलिस दल पड़ताल में लगे हुए थे। 


कोटा रेलवे स्टेशन पर हुई करोड़ों के सोना लूट मामले में पुलिस फंस गई है। कोटा जीआरपी ने बुधवार को इस सिलसिले में राघौगढ़ थाने में पदस्थ एक एएसआई सहित पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। 4 मई, 2011 को राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे एक गोल्ड कंपनी के अधिकारी को बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। यह वारदात ट्रेन में अंजाम दी गई।
मुंबई की अलंकार गोल्ड प्राइवेट कंपनी में कार्यरत अधिकारी बाबूसिंह का अपहरण कर लिया गया। बाबू दिल्ली से 4 किलो सोना खरीदकर मुंबई जा रहे थे। इसी दौरान कोटा स्टेशन पर पहुंचते ही बदमाश उन्हें उठाकर ले गए। आरोपियों ने सोना लूटने के बाद फरियादी को छोड़ दिया। इस मामले में जीआरपी कोटा ने अज्ञात आरोपियों पर लूट व अपहरण का मामला दर्ज कर खोजबीन शुरू की।
कैमरे में कैद हुई हरकत
आरोपियों की यह हरकत कोटा रेलवे स्टेशन पर लगे खुफिया कैमरे में कैद हो गई। इसी आधार पर जब जीआरपी ने पड़ताल की तो आरोपियों का सुराग लगा। तीन माह की पड़ताल के बाद पुलिस ने ग्वालियर के कुछ बदमाशों को इस सिलसिले में पूछताछ के लिए अपनी गिरफ्त में लिया। फरियादी ने वीडियो फिल्म में बदमाशों को पहचान लिया।
4 किलो सोना उड़ाया था
आरोपियों ने कंपनी के अधिकारी से चार किलो, जिसकी कीमत सवा करोड़ रुपए के लगभग आंकी गई। इस वारदात को अंजाम देने में ग्वालियर के कुछ बदमाश व पुलिसकर्मी का हाथ था। पुलिस ने राघौगढ़ थाने में पदस्थ एएसआई सुल्तान नागर व उसके साथी आरक्षक अशोक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।

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