मंगलवार, 4 अक्तूबर 2011

राजस्थान के दागी मंत्री इतिफा दें - अरुण चतुर्वेदी


राजस्थान के दागी मंत्री इतिफा दें - अरुण चतुर्वेदी 
 २ अक्तूबर ,कोटा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरू ण चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य सरकार के दागी मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वे ऎसा नहीं कर रहे हैं तो मुख्यमंत्री को उन्हें पद से हटा देना चाहिए।
कोटा में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भंवरी देवी प्रकरण में न्यायालय ने संगीन आरोपों में जल संसाधन मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इसकी सीबीआई जांच हो रही है, लेकिन मुख्यमंत्री मदेरणा से इस्तीफा लेने के बजाय उन्हें बचाने में लगे हुए हैं। राज्य सरकार ने सीडी की सत्यता की जांच नहीं की है। इसकी असलियत सबके सामने आनी चाहिए। एक माह से ज्यादा समय हो गया, लेकिन अब तक एएनएम का पता नहीं चला है। उन्होंने कहा कि जनता सत्यता जाननी चाहती है कि आखिर ऎसी क्या मजबूरी थी कि भीलवाड़ा में एक मंत्री बिना पोस्टमार्टम कराए शव ले गए। बाद में देर रात प्रशासन पर दबाव डालकर शव का पोस्टमार्टम करवाया।
उन्होंने कहका कि प्रदेश के गृहमंत्री और शिक्षामंत्री बदजुबानी के लिए चर्चा में हैं। गोपालगढ़ और अवैध खनन के मामले में दोषी मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री का हाल ही में पुलिस पिटकर नहीं, पीटकर आए जैसा बयान उनकी कुंठा को दर्शाता है। हम भी चाहते हैं कि पुलिस का इकबाल कायम रहे। कानून व्यवस्था सही रहे, लेकिन कानून तोड़ने वाले के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। आम आदमी और मंत्री के लिए अलग-अलग कानून नहीं होना चाहिए।
जनता के सामने जाएंगे
चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा सरकार की कमियां और उसके आचरण को जनता के सामने ले जाएगी। इसके खिलाफ जनजागरण का कार्य किया जाएगा। सरकार की कमियों को सदन के बाहर और अंदर रखा जाएगा।

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