सोमवार, 10 अक्तूबर 2011

करवाचौथ के दिन बिल्कुल दुल्हन जैसी




* करवाचौथ के दिन पूजा और विधियों की शुरुआत सुबह सूरज निकलने से पहले शुरू हो जाती है। महिलाएं सूर्योदय से पहले उठकर भगवान शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और चंद्रमा की पूजा करती हैं। रात्रि में चांद निकलने पर छलनी से चांद को देखकर और अघ्र्य चढ़ाने के बाद ही करवाचौथ का व्रत तोड़ा जाता है।
*  जरूरी नहीं है कि सभी महिलाएं करवाचौथ के दिन ब्यूटीशियन से मेकअप करवाएं ही, पर वो इनमें से कुछ बॉडी ट्रीटमेंट तो जरूर करवाती हैं। जिन महिलाओं का पहला करवाचौथ होता है, उनके लिए यह मौका लगभग शादी के दिन सजने-संवरने जैसा ही होता है। कई महिलाएं करवाचौथ के दिन बिल्कुल दुल्हन जैसी दिखना चाहती हैं।’
* करवाचौथ से संबंधित कई कथाएं प्रचलित हैं। आज इस त्योहार का मूल भाव भले वही पुराना हो, पर मायने  बदल गए हैं। अब यह पति के लिए अपना प्यार जताने का पर्व बन गया है। .अधिकांश महिलाओं के लिए उनकी जिंदगी पहला करवाचौथ सबसे खास होता है।
* अपने पति की लंबी आयु और बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए? उनके प्रति अपने प्यार को जताने के लिए या फिर परंपरा को कायम रखने के लिए? इस व्रत को रखने का कारण चाहे जो हो, पर यह सालों से भारत की महिलाओं द्वारा रखे जाने वाले लोकप्रिय व्रतों में से एक है।
* करवाचौथ वैसे तो उत्तर भारत की हिंदू महिलाओं द्वारा रखा जाता है, पर पिछले कुछ सालों से अन्य क्षेत्र की महिलाएं भी इस व्रत को रखने लगी हैं। यह काफी हद छोटे परदे के धारावाहिकों व बॉलीवुड की फिल्मों का प्रभाव है।
* करवाचौथ से जुड़ी दो कथाएं प्रचलित है। एक कथा यम व सावित्री से जुड़ी हुई है और दूसरी कथा करवा और यम से संबंधित है। दोनों कथाओं के मूल में पतिव्रता पत्नी है, जो अपने तप और व्रत के बल पर अपने पति के प्राण यम से छीन कर लाने में सफल होती हैं।
* मुझे भी दिखना है खूबसूरत!
करवाचौथ के मौके पर जहां एक ओर सभी ब्यूटी पार्लर की बुकिंग फुल हो जाती है, वहीं कॉस्मेटिक सजर्न भी अचानक से बहुत ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं। ऐसे ब्यूटी ट्रीटमेंट्स जिनमें ऑपरेशन की जरूरत नहीं होती है, उनकी मांग करवाचौथ के आते ही बढ़ जाती है। इन ट्रीटमेंट्स में बोटोक्स, डर्मल फिलर इन्जेक्शन और लेजर व कैमिकल पीलिंग सबसे प्रमुख है। अधिकांश महिलाएं, ब्यूटी एक्सपर्ट्स के पास अपनी ब्यूटी से संबंधित परेशानियों का तुरंत हल पाने के लिए आती हैं। चूंकि लेजर और कैमिकल पीलिंग का असर तुरंत नजर आने लगता है, इसलिए एक खास वर्ग की महिलाओं के बीच इन ट्रीटमेंट्स की मांग ज्यादा है। पर, इन ट्रीटमेंट्स को अपनाने वाली महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। ‘कैमिकल पीलिंग करवाने के लिए महिलाएं आती तो हैं, पर बॉडी ट्रीटमेंट के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या इसकी तुलना में कहीं ज्यादा होती है। बॉडी ट्रीटमेंट्स में बॉडी मसाज, थ्रेडिंग, पेडिक्योर, मेनिक्योर, वैक्सिंग, फेशियल और ब्लीच आदि शामिल हैं। जरूरी नहीं है कि सभी महिलाएं करवाचौथ के दिन ब्यूटीशियन से मेकअप करवाएं ही, पर वो इनमें से कुछ बॉडी ट्रीटमेंट तो जरूर करवाती हैं। जिन महिलाओं का पहला करवाचौथ होता है, उनके लिए यह मौका लगभग शादी के दिन सजने-संवरने जैसा ही होता है। कई महिलाएं करवाचौथ के दिन बिल्कुल दुल्हन जैसी दिखना चाहती हैं।’

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