शनिवार, 8 अक्तूबर 2011

चीन से भारत को बहुमुखी खतरे उत्पन्न हो चुके हैं - भगवती प्रकाश शर्मा





- अरविन्द सिसोदिया 
चीन से भारत को बहुमुखी खतरे उत्पन्न हो चुके हैं - भगवती प्रकाश शर्मा


कोटा 8 अक्टूबर। स्वदेशी जागरण मंच कोटा महानगर की ओर ‘भारत के लिए चीन एक सुरक्षा संकट’ विषय पर, शनिवार सायं 5 बजे सूरज भवन कोटा में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये, कार्यक्रम के मुख्यवक्ता स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक एवं चीन मामलों विशेषज्ञ लेखक भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा चीन भारत के लिए बहुमुखी खतरे उत्पन्न कर चुका है। उसके दुष्कृत्यों के विरूद्ध देश को प्रभावी रूप से जवाबी कार्यवाहियों ओर सजगकताओं के लिए तैयारिया करनी चाहिए। उन्होंने कहा देश के अन्दर नागरिक शक्ति को भी राष्ट्रहित में चीनी माल के बहिष्कार के द्वारा चीन की चुनौतियों को विफल करने हेतु आगे आना चाहिए।
शर्मा ने बताया कि चीन ने 1962 में जिस तरह की घुसपैठ, सीमा उल्लघन और युद्ध भारत पर थोपा था, ठीक उसी तरह की गतिविधियां वह वर्तमान में लगातार अनेको वर्षो से कर रहा है। उन्होंने कहा चीन न केवल सामरिक शक्तियों से भारत को खतरा उत्पन्न कर रहा है बल्कि देश के आर्थिक संसाधनों और आन्तिरक शान्ति को भी गंभीरतम खतरा उत्पन्न कर चुका है। 
शर्मा ने कहा चीन भारत को अन्तर्राष्ट्रीय मंचो पर लगातार बेवजह अपमानीत करने लगा है। उसने पाकिस्तान के साथ भारत विरोधी गठबंधन बनाने के साथ-साथ, भारत के अन्य पड़ौसी देशों को भी अपनी गिरफ्त में लेकर, भारतीय हित के विदेश सम्बन्धों पर भी गहरा आघात किया है। उन्होंने कहा देश की सरकार को लुंज-पंुज विदेश, सुरक्षा और अर्थ नीति को छोड़ कर देशहित के प्रभावी उपायों को त्वरितगति से करना  चाहिए। शर्मा ने कहा देश में बढ़ रहे माओवाद एवं नक्सलवाद के पीछे भी चीन की कूटनीति काम कर रही है। उन्होंने कहा देशहित में हमें चीनी माल की खरीदारी बन्द कर देनी चाहिए। इससे चीन को हमारे यहा से लाभ और कर कमाने का मौका नही मिलेगा। वह अभी हम से ही कमाई कर, हमारे विरूद्ध ही व्यय कर रहा है। जिससे हमें अनेको प्रकार के संकट उत्पन्न हो गये है। इसलिए हमें देशहित में चीनी माल के सस्तेपन का मोह त्याग देना चाहिए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंगलम् सीमेन्ट मोड़क के वित्त एवं प्रबन्धन अध्यक्ष आर.सी.गुप्ता ने चीन के द्वारा मुद्रा अवमूल्यन, सबसीडी और लुज लेबर लाॅ के द्वारा पूरे विश्व की अर्थ व्यवस्था को खतरा उत्पन्न कर दिया है। उन्होंने कहा चीन के उत्पादों के कारण भारत की स्वदेशी उत्पादन प्रकिया पर भारी विपरित प्रभाव पड़ रहा है। फेक्ट्रीयां बंद हो रही है बेरोजगारी बढ़ रही है। यदि इसे तुरन्त नही रोका गया तो देश की आन्तरिक अर्थ व्यवस्था चीन पर निर्भर हो जायेगी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष कर्नल रघुराज सिंह ने कहा भारत की सैन्य ताकत चीन से पराजित होने वाली तो नहीं है मगर क्षमता निश्चित ही भारत से उसकी बहुत अधिक है। भारत को सुरक्षा प्रोद्यौगिकी के वर्तमान पिछडेपन को दूर करने के लिए तेजी से सुरक्षा संसाधनों को विकसित करना चाहिए तथा सैन्य सुरक्षा सम्बन्धी संसाधनों को आवश्यक खरीद के द्वारा जुटाना चाहिए। 
कार्यक्रम के विशिष्ट अथिति गायत्री परिवार के अध्यक्ष जी.डी. पटेल ने चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का आव्हान किया। इससे पूर्व राष्ट्रचेतना अभियान समिति के मंत्री बाबू लाल रेनवाल ने अतिथियों का परिचय कराया कार्यक्रम को संचालन डाॅ. गिरिश शर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन स्वदेशी जागरण मंच, कोटा महानगर के संयोजक राजेन्द्र शर्मा ने किया।





3 टिप्‍पणियां:

  1. नरेन्द्र मोहन गौतम9 अक्तूबर 2011 को 10:33 pm

    चीन पिछले कई वर्षों से भारत में अस्थिरता पैदा करने के प्रयासों में निरंतर जुटा हुआ हे .चीन हमें राजनेतिक ,आर्थिक ,सामरिक सभी द्र्स्थी से चुनोती दे रहा हे .इन सबके जवाब में सर्कार द्वारा अधिकारिक बयां जारी करने के अतिरिक्त कोई कार्य योजना नजर आती .एसे में निश्चित रूप से सभी को मिलकर चाइना मेड सामानों का बहिष्कार करने का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना चाहिए .

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  2. नरेन्द्र मोहन गौतम9 अक्तूबर 2011 को 10:34 pm

    चीन पिछले कई वर्षों से भारत में अस्थिरता पैदा करने के प्रयासों में निरंतर जुटा हुआ हे .चीन हमें राजनेतिक ,आर्थिक ,सामरिक सभी द्र्स्थी से चुनोती दे रहा हे .इन सबके जवाब में सर्कार द्वारा अधिकारिक बयां जारी करने के अतिरिक्त कोई कार्य योजना नजर आती .एसे में निश्चित रूप से सभी को मिलकर चाइना मेड सामानों का बहिष्कार करने का राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना चाहिए .

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