बुधवार, 21 दिसंबर 2011

हडताल का कोई ओर तरीका हो.....


- अरविन्द सिसोदिया 

हडताल का कोई ओर तरीका हो.....
राजस्थान में चिकित्सक हडताल पर हैं....शरीर को कष्टकारी रोगी भगवान भरोषे हैं...चिकित्सकों की मांग जायज और जरूरी हो सकती हैं। मगर उनके हडताल का कोई ओर तरीका होनो चाहिये...आम व्यक्ति को उनके कारण यदि कष्ट होता है तो वे आईपीसी के अंतर्गत अपराध के दोषी मानें जायें और कोई मरता है तो धारा 302 के तहत मुकदमा चले । किसी दूसरे को कष्ट देने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता , चिकित्सक पेसा पवित्र और चिकित्सकों को भगवान का दर्जा प्राप्त है। व्यापारी करण के इस दौर में नैतिकताये तो भले ही खूंटें पर टंग गई हों मगर अपराध तो अपराध है।


राजस्थान में हड़ताल पर सरकारी डॉक्टर, मरीज हुए परेशान
केन्द्र के समान वेतनमान और समयबद्ध पदोन्नति समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार से शुरू हुई चिकित्सकों की हडताल का राज्य में आशिंक असर पडा है। राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात डाक्टरों की हडताल को गैर कानूनी घोषित कर रेस्मा लागू कर दिया जिसके बाद अधिकतर चिकित्सक अज्ञात वास पर चले गये हैं।
    
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सूत्रों के अनुसार राज्य के सरकारी चिकित्सालयों में रोगियों की जांच एवं उपचार सामान्य ढंग से हो रहा है। चिकित्सकों की हडताल को देखते हुए एहतियात के तौर पर उठाये गये कदमों से चिकित्सक हडताल का असर नहीं पडा है। उन्होंने कहा कि सामूहिक अवकाश पर जाने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी।
   
हडताली चिकित्सक संघ के पदाधिकारी डॉ. अजय सिंह चौधरी ने हडताल का व्यापक असर होने का दावा करते हुए कहा कि अधिकतर अस्पतालों ,सेटेलाइट अस्पतालों में चिकित्सक नहीं होने के कारण रोगियों की जांच और उपचार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कल देर रात समझौता वार्ता टूट जाने के बाद सरकार की ओर से वार्ता का कोई सन्देश नहीं मिला है।


जयपुर। केन्द्र के समान वेतनमान और समयबद्ध पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान के कम से कम 6500 सेवारत चिकित्सक आज से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ की महासचिव डॉ. नसरीन भारती ने यहां बताया कि राज्य सरकार ने मांगे नहीं मानीं तो एक दो दिन में सरकारी चिकित्सक सामूहिक इस्तीफे सौंप देंगे। उन्होंने बताया कि गत 11 जुलाई को सरकार से हुए समझौते को अभी तक लागू नहीं किया गया है।

1 टिप्पणी:

  1. Doctors ki hadtal unke adhijaron ke liye jayaj he lekin unhe yeh nahi bhulana chahiye ki sarkar se is ladai me masum aur nirdosh janta ko bali ka bakra nahi banana chahiye.
    Aam janta ke liye to Bhagwan ke bad Bhagwan ka swarrop doctor hi he. isliye unhe is hadtal ko khatm kar vapas aana chahiye.

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