गुरुवार, 29 दिसंबर 2011

मुलायम , मायावती , लालू और कांग्रेस की सांठगांठ




- अरविन्द सिसोदिया
मुलायम , मायावती , लालू और कांग्रेस  की सांठगांठ से,
राज्य सभा में भी नकली लोकपाल पास हो जायेगा ।
जनता को इस सांठगांठ को समझना चाहिये।
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राज्यसभा में लोकपाल पर सरकार की अग्निपरीक्षा आज!
Dec 29, 2011
नई दिल्ली। लोकसभा में पास हो चुके लोकपाल बिल की आज राज्यसभा में अग्निपरीक्षा है। लोकपाल बिल को आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा। लेकिन इसके पास होने को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। एक तो सदन में सरकार का बहुमत नहीं है, ऊपर से सहयोगी टीएमसी ने बिल में संशोधन पेश कर दिया है। उधर, विपक्ष भी बिल को लेकर अपना कड़ा रुख छोड़ने को तैयार नहीं है।
गौरतलब हैकि कुल 243 सांसदों की राज्यसभा में यूपीए के 99 सांसद हैं। अगर बीएसपी (18) और समाजवादी पार्टी (5) के 23 सांसद लोकसभा की ही तरह वॉकआउट करते हैं तो संसद में मौजूदगी रहेगी 220 सांसदों की। ऐसी सूरत में उसे बहुमत के लिए 111 सांसदों की दरकार होगी। अगर 8 मनोनीत सांसदों और 6 निर्दलियों को सरकार साध ले तो उसकी तादाद 113 हो जाएगी यानी बहुमत से 2 ज्यादा|
दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्य सभा में लोकपाल बिल के पास होने का भरोसा जताया है। लेकिन, ममता बनर्जी ने एक बार फिर निगाहें टेढ़ी कर ली हैं। लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली उनकी टीएमसी ने राज्यसभा में संशोधन का पेच फंसा दिया है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने टीएमसी नेता सुदीप बंदोपाध्याय और मुकुल रॉय के साथ बैठक भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। टीएमसी सरकार के राज्यों के अधिकार को लेकर सशंकित है।
राज्यसभा में यूपीए के 99 सासंदों में 6 टीएमसी के हैं। अगर वो छिटक गए तो तमाम कोशिशों के बावजूद सरकार के पक्ष में 107 वोट ही रह जाएंगे जो बहुमत से 4 कम है। सरकार के लिए टीएमसी की उपेक्षा करना आसान नहीं है। लेकिन समस्या ये भी है कि अगर टीएमसी का संशोधन स्वीकार कर लिया जाता है तो बिल को वापस लोकसभा में भेजना पड़ेगा या फिर दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाकर बिल पास कराना पड़ेगा।
उधर, सरकार ने बुधवार को बीजेपी को भी मनाने की कोशिश की। प्रणव मुखर्जी ने राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली से मुलाकात भी की, लेकिन पार्टी के तेवर कड़े हैं। ऊपरी सदन में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने कहा कि हमारी तीन मांगों पर कोई समझौता मुमकिन नहीं है। आगे सरकार को तय करना है।


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