बुधवार, 28 दिसंबर 2011

रूस में गीता पर नहीं लगेगा प्रतिबंध : इसाई चर्च की साजिस विफल




- अरविन्द सिसोदिया 
दुनिया भर में ईसाईयों ने हिंसा और प्रलोभन के आधार पर अपना विस्तार किया ...इस हेतु गैर इसाई देशों में किसी न किसी तरह के कार्यों में लिप्त हें ..इसी तरह का एक कार्य रूस में सर्बिया के एक ईसाई चर्च ने गीता को कट्टरपंथी ग्रंथ बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी | इसाई चर्च की साजिस विफल  

रूस में गीता पर नहीं लगेगा प्रतिबंध
Wednesday, December 28, 2011,17:01
नई दिल्ली : अब रूस में भारतीय महाकाव्‍य श्रीमदभागवत गीता पर प्रतिबंध नहीं लगेगा। रूस की अदालत में इस संबंध में दायर याचिका बुधवार को खारिज हो गई। रूस के कोर्ट के यह फैसला आज इस संबंध में अंतिम सुनवाई के बाद आया। सर्बिया के एक ईसाई चर्च ने गीता को कट्टरपंथी ग्रंथ बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसका रूस के कई इलाकों के साथ भारत में भी जमकर विरोध हुआ था। यह मुद्दा भारतीय संसद में भी उठाया गया था।
रूस की एक अदालत में बुधवार को हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ भगवद् गीता पर प्रतिबंध लगाए जाने और उसे चरमपंथी साहित्य घोषित करने के मामले पर अंतिम सुनवाई शुरू हो गई।
रूस के तोमस्क शहर से हिंदू याचिकाकर्ताओं ने फोन पर बताया कि साइबेरियाई अदालत को अपना फैसला सुनाने से पहले भगवद् गीता और अल्पसंख्य हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा पर रूसी मानवाधिकार जांच अधिकारी के विचार सुनने थे।
हिदुओं ने अपील की थी कि पहले देश की मानवाधिकार समिति मामले में सुनवाई करे। इसके बाद अदालत ने 19 दिसम्बर को सुनवाई बुधवार  28 दिसम्बर तक स्थगित कर दी थी। वहीं गीता पर रोक लगाने की मांग के विरोध में दिल्ली में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली भी निकाली।

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