सोमवार, 9 जनवरी 2012

मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से नाराज गहलोत ने मंच छोड़ा




- अरविन्द सिसोदिया 
जयपुर में चल रहे प्रवासी भारतीय सम्मलेन में मुख्यमंत्रियों के सत्र में जब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के असहयोग के चलते भी गुजरात की तस्वीर बदलने के आंकड़े पेश किये तो राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केन्द्रीय मन्त्र वायलर रवी अपना आप खो  बैठे और मंच से भी कार्यक्रम को प्रभावित करने की कोशिश की...... मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि जिन प्रदेशों में विपक्षी दलों का शासन है, उन्हें केंद्र का ‘आशीर्वाद’ नहीं मिला हुआ है और उनके राज्य ने जितनी भी प्रगति की है, वह अपने संसाधनों के बलबूते की है। श्रोताओं की तालियों के बीच मोदी ने अपने तैयार भाषण से हटते हुए बाहर से आए भारतीयों के सामने केंद्र की खासी आलोचना की।  
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केंद्र पर जमकर बरसे नरेंद्र मोदी
Monday, January 9, 2012
      जयपुर : प्रवासी भारतीय दिवस के मंच का केंद्र पर हमला बोलने में इस्तेमाल करते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि जिन प्रदेशों में विपक्षी दलों का शासन है, उन्हें केंद्र का ‘आशीर्वाद’ नहीं मिला हुआ है और उनके राज्य ने जितनी भी प्रगति की है, वह अपने संसाधनों के बलबूते की है। श्रोताओं की तालियों के बीच मोदी ने अपने तैयार भाषण से हटते हुए बाहर से आए भारतीयों के सामने केंद्र की खासी आलोचना की। 
    मोदी के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान की सीमा से लगे राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तानी क्षेत्र में सौर उर्जा इकाई लगाने का प्रस्ताव दिया था, पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। प्रवासी भारतीय दिवस के अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का आर्शीवाद मिला हुआ है, पर हम उतने भाग्यशाली नहीं हैं। हमें कुछ नहीं मिला है। हमें सब कुछ खुद के बलबूते करना पड़ा है। मोदी के 30 मिनट के संबोधन के बाद श्रोताओं ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश द्वारा की गई प्रगति पर प्रकाश डाला। 
    यह दावा करते हुए कि गुजरात ने कभी अपनी विकास योजनाओं के लिए केंद्र से कोष की मांग नहीं की, मोदी ने कहा कि एक बार उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनसे गुजरात के लिए एक उपग्रह दिए जाने की मांग की थी, पर केंद्र इस बात को लेकर ‘असमंजस’ में था कि क्या किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि मैंने पिछले साल प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था । आम तौर पर एक मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को क्या लिखता है ? वह कोष की मांग करता है, पर मैंने कोष की मांग करते हुए कभी पत्र नहीं लिखा । यह पत्र प्रधानमंत्री से गुजरात के लिए एक उपग्रह आवंटित करने की मांग के लिए था, पर वह इस बात को लेकर असमंजस में थे कि क्या किया जाए। 
    उन्होंने कहा कि, बहरहाल प्रदेश को एक भारतीय अंतरिक्ष संचार उपग्रह पर एक पूर्णकालिक ट्रांसपोंडर मिला, जिससे प्रदेश एक समय में 12 सेक्टरों में दूरस्थ शिक्षा दे सकता था । यह प्रदेश में सुशासन, दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम और टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में सुधार के लिए था। सौर उर्जा उत्पादन इकाई स्थापित करने के संबंध में मोदी ने कहा कि मैंने एक बार प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तान क्षेत्रों में सौर ऊर्जा इकाई लगाए जाएं, जिससे सीमा की सुरक्षा और सौर उर्जा उत्पादन का दोहरा उद्देश्य पूरा हो सके । उन्होंने बिना कोई विवरण दिए हुए कहा कि आप जानते हैं, उसका क्या हुआ।

(एजेंसी)




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मोदी के भाषण से नाराज गहलोत ने मंच छोड़ा
जयपुर. 9 जनवरी 2012
   गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर ऐसा हमला बोला कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अंततः मंच छोड़ कर चले गये. प्रवासियों ने अशोक गहलोत को बुलाने की मांग की लेकिन अशोक गहलोत लौट कर नहीं आये.
   प्रवासी भारतीय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार की तारीफ की तो गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी असहज हो गये. अशोक गहलोत का कहना था कि देश में अलग-अलग राज्यों का विकास केंद्र सरकार के कारण ही संभव हो पाया है.
   इसके बाद जब नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार की खिंचाई शुरु की तो केंद्र सरकार के मंत्री और कांग्रेसी नेताओं को यह नागवार गुजरने लगा. नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का आशीर्वाद मिला हुआ है, पर हम उतने भाग्यशाली नहीं हैं. हमें कुछ नहीं मिला है. हमें सब कुछ खुद के बलबूते पर करना पड़ा है.
    मोदी ने कहा कि मैंने पिछले साल प्रधानमंत्री को एक लेटर लिखा था. आम तौर पर एक मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री को क्या लिखता है? वह कोष की मांग करता है, पर मैंने कोष की मांग करते हुए कभी लेटर नहीं लिखा. इस लेटर में प्रधानमंत्री से गुजरात के लिए एक सैटलाइट मांगा गया था, पर वह इस बात को लेकर असमंजस में थे कि क्या किया जाए. प्रदेश को एक भारतीय अंतरिक्ष संचार उपग्रह पर एक पूर्णकालिक ट्रांसपोंडर मिला, जिससे प्रदेश एक समय में 12 सेक्टरों में दूरस्थ शिक्षा दे सकता था. यह प्रदेश में सुशासन, दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम और टेलिमेडिसिन के क्षेत्र में सुधार के लिए था. 
      नरेंद्र मोदी ने पीएम पर हमला जारी रखते हुये कहा कि मैंने एक बार प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तान क्षेत्रों में सौर ऊर्जा यूनिट लगाई जाएं, जिससे सीमा की सुरक्षा और सौर ऊर्जा उत्पादन का दोहरा उद्देश्य पूरा हो सके. आप जानते हैं, उसका क्या हुआ.नरेंद्र मोदी के भाषण से परेशान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत परेशान हो गये और अंत में भाषण के बीच से ही मंच से उठ कर चले गये.
    केंद्रीय मंत्री वायलार रवि पूरे आयोजन से इतना बौखलाए कि एक अप्रवासी भारतीय द्वारा भाषण में केंद्र सरकार के खिलाफ टिप्पणी पर वे बीच में ही खड़े हो गये. उन्होंने उस अप्रवासी भारतीय को रोकते हुये कहा कि व्यक्तिगत मुद्दों पर बात न करें. रवि के साथ बहुत देर तक बहसबाजी होती रही.


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मोदी ने की खिंचाई तो मंच छोड़ चले गए गहलोत
ibnkhabar.com          Jan 09, 2012 
          जयपुर। निवेश को लेकर राज्यों में प्रतिस्पर्धा के बीच प्रवासी भारतीय सम्मेलन का मंच आखिरी दिन राजस्थान और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के लिए अखाड़ा बन गया। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर थे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। मोदी ने सोनिया गांधी का नाम लिए बिना गहलोत पर निशाना साधा तो परेशान होकर गहलोत ने मंच छोड़ दिया। हालात बिगड़ते देख केंद्रीय मंत्री वायलार रवि को दखल देना पड़ा।
          सम्मेलन में मुख्यमंत्रियों के संयुक्त सत्र के दौरान नरेंद्र मोदी उस वक्त भड़क गए जब अशोक गहलोत ने केंद्र की यूपीए सरकार और सोनिया गांधी की तारीफों के पुल बांधने शुरू किए। गहलोत ने राज्यों के खासकर राजस्थान के विकास के लिए सोनिया गांधी को श्रेय दिया। जो मोदी को नागवार गुजरा। गहलोत के भाषण के बाद मोदी ने जैसे ही मंच से गहलोत की खिंचाई शुरू की, गहलोत कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चलते बने कि मोदी जी जो चाहे सो बोलें। मैं जा रहा हूं।
           मोदी ने अपने भाषण में कहा कि गहलोत जी ने बताया है कि उन्हें दिल्ली क्या-क्या देता है। आशीर्वाद दे रहा है। मुझे कुछ नहीं मिल रहा है। मैंने अपने बलबूते गुजरात को बनाया है। गहलोत के जाने के बाद भी मोदी चुप नहीं हुए और विकास के एक-एक मुद्दे पर गहलोत के राजस्थान से अपने गुजरात की तुलना करते रहे।
           मोदी ये जताने की कोशिश करते रहे कि किस तरह विकास के पैमाने पर गहलोत से वे मीलों आगे हैं। राजस्थान में इन दिनों हो रही बिजली कटौती को भी निशाना बनाते हुए मोदी ने कहा कि कुछ राज्यों में बिजली आना ही सरप्राइज है। अभी गहलोत जी कह रहे थे कि उनके पास आठ हजार मेगावाट बिजली है, लेकिन इससे आधी तो गुजरात के पास सरप्लस है।
        सेशन के दौरान कई प्रवासी भारतीयों के मोदी के समर्थन में हूटिंग, तालियां बजाने और मोदी से राजस्थान और केंद्र के शासकों को प्रेरणा लेने की सलाह से कार्यक्रम में मौजूद यूपीए सरकार के केंद्रीय प्रवासी मामलों के मंत्री वायलार रवि बौखला गए। रवि ने मंच पर आकर एक प्रवासी भारतीय को झिड़क दिया कि वे सलाह न दें, न ही व्यक्तिगत सवाल करें, दोनों में जमकर बहस हुई। वायलार रवि ने कहा कि ये मंच व्यक्तिगत मामलों के लिए नहीं है, आप रूल-रेगुलेशन का पालन करिए। क्या समझते हैं आप।
             इस घटनाक्रम से गहलोत इतने व्यथित हो गए कि बाद में निवेश के मुद्दे पर प्रवासी भारतीयों से बात करने भी नहीं गए। राजस्थान के पवैलियन में चार मंत्रियों ने निवेशकों का सामना किया, जबकि गुजरात औऱ झारखंड के पवैलियन में वहां के मुख्यमंत्रियों ने खुद कमान संभाली। राजस्थान के पवैलियन में निवेशकों ने मुख्यमंत्री गहलोत को बुलाने की मांग भी की। लेकिन गहलोत नहीं आए।

1 टिप्पणी:

  1. ज्योतिष के अनुसार अशोक गहलोत जी और नरेन्द्र मोदी जी का नाम राशि से षडाष्टक योग एक दूसरे के प्रति है.लेकिन गुजरात को राजस्थान हमेशा भाग्य और बाहुबल देता आया है.राजस्थान और गुजरात को शासकीय बल हमेशा महाराष्ट्र और दिल्ली से ही मिला है.दोनो प्रान्त ही अपनी अपनी योजना को बिना महाराष्ट्र और दिल्ली के पूरा नही कर सकते है.

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