गुरुवार, 5 जनवरी 2012

क्या मुख्यमंत्री मायावती, अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेवार नहीं है



- अरविन्द सिसोदिया
क्या मुख्यमंत्री मायावती,
अपने मंत्रियों के भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेवार नहीं है !!
क्या यह संभव है कि बाबूसिंह कुशवाह,
मुख्यमंत्री मायावती की सहमति के बिना,
हजारों करोड का घोटाला कर सकते है?
प्रतिदिन मुख्यमंत्री गुप्त रिपोर्ट अपने तंत्र से लेंती हैं !
तो क्या किसी को कुछ पता नहीं था..............!!!

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यूपी:बाबू सिंह कुशवाहा के घर समेत 50 जगहों पर CBI छापे
Jan 04, 2012
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और एक जमाने में मायावती के बेहद करीबी रहे बाबू सिंह कुशवाहा के घर समेत 50 ठिकानों पर सीबीआई ने तड़के छापेमारी की है। एनआरएचएम घोटाला में आरोपी पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा सोमवार को ही बीजेपी में शामिल हुए थे।
सीबीआई की छापेमारी लखनऊ में बाबू सिंह कुशवाहा के घर के अलावा गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, अमेठी, मुरादाबाद और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कई और जगहों पर चल रही है। बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी एमएलसी और एमएलए के घरों पर भी छापेमारी की है। कुशवाहा के करीबी कारोबारी सौरभ जैन के ठिकानों पर भी सीबीआई की छापेमारी जारी है। जैन के मुरादाहाद के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
लखनऊ से आईबीएन7 संवाददाता के मुताबिक कई पब्लिक सेक्टर, युनिट्स, यूपी जल बोर्ड और डीजी फैमिली एंड हेल्थ वेलफेयर के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। एनआरएचएम घोटाले में शामिल कुछ ठेकेदार, अधिकारियों के घर पर भी छापेमारी की जा रही है। दूसरी तरफ सीबीआई ने कुशवाहा के घर पर छापेमारी की तो घर में कुशवाहा नहीं मिले और सीबीआई ने उनके परिवार के लोगों से पूछताछ की। साथ ही घर से दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
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NRHM घोटाला: 60 जगहों पर सीबीआई रेड, एक अरेस्ट भी
4 Jan 2012, नवभारतटाइम्स.कॉम
नई दिल्ली।। यूपी में हजारों करोड़ रुपये के एनआरएचएम घोटाले के सिलसिले में सीबीआई ने पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाह के घर समेत करीब 60 स्थानों पर छापे मारे। मायावती द्वारा बीएसपी से निकाले जाने के बाद कुशवाहा मंगलवार को ही बीजेपी में शामिल किए गए थे। सीबीआई की टीम ने लखनऊ में कुशवाहा के घर के अलावा कुछ ठेकेदारों और अधिकारियों के घरों पर भी छापे मारे हैं।

उनके अलावा बुधवार दोपहर इसी घोटाले में यूपी हेल्थ विभाग के पूर्व डीजी एस पी राम को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने राम से पूछताछ की और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

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2005-06 में शुरू हुए नैशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत की गई हेराफेरी के सिलसिले में कई बड़े अफसर और नेता जांच के घेरे में हैं। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

सूत्रों के मुताबिक , छापे के दौरान कुशवाहा घर पर नहीं मिले। उनके परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है। एक साथ 6 0 जगहों पर सीबीआई की टीम ने रेड मारी है। लखनऊ के अलावा मेरठ , गाजियाबाद , मुरादाबाद और अमेठी में भी सीबीआई की टीम छापेमारी कर रही है।

सुबह दिन निकलने के साथ ही शुरू हुई सीबीआई रेड खबर लिखे जाने तक जारी थीं। गाजियाबाद , मेरठ , आगरा , अमेठी , मुरादाबाद , सहारनपुर और अन्य स्थानों पर चल रही रेड्स शाम तक जारी रह सकती हैं। कई जगह अहम कागजात बरामद हुए बताए गए हैं। सूत्रों ने कहा कि ये छापे आरंभिक जांच पूरी होने के आधार पर डाले गए हैं। शुरुआती जांच के बाद मंगलवार को एफआईआर दर्ज की गई और सुबह छापे शुरू कर दिए गए।

आरंभिक जांच के दौरान अफसरों को एनआरएचएम स्कीम के तहत डायरेक्टर जनरल ( फैमिली वेलफेयर ) के यहां सिविल वर्क , मेडिसिन और एक्विपमेंट की खरीद , कम्यूनिकेशन के सामान आदि में हेरा - फेरी का पता चला। स्टेट हेल्थ सोसायटी , डायरेक्टर ट्रेनिंग और दूसरे कई ऑफिसों से जुड़े प्रॉजेक्टों में भी बड़ी गड़बड़ी का पता चला है।

गौरतलब है कि एनआरएचएम के तहत 72 जिलों के चीफ मेडिकल ऑफिसर्स ( सीएमओ ) को अलॉट हजारों करोड़ रुपये के फंड के बाद राज्य के दो सीएमओ का मर्डर हो गया। एक डिप्टी सीएमओ ने जेल में सूइसाइड कर लिया। घोटाला सामने आने के बाद राज्य की सियासत लगातार करवट लेती रही। आखिरकार , फैमिली वेलफेयर मिनिस्टर बाबू सिंह कुशवाहा को जाना पड़ा। फिर उन्हें बीएसपी से भी निकाल दिया गया। सीबीआई ने कुछ ही दिन पहले कुशवाहा और एक और पूर्व मंत्री अनंत मिश्रा से भी पूछताछ की थी।

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