रविवार, 3 जून 2012

केरल में माकपा ने की प्रतिद्वंद्वियों की ‘हत्या’ की स्विकारोक्ती




केरल में माकपा ने की प्रतिद्वंद्वियों की ‘हत्या’ की स्विकारोक्ती
 केरल में वरिष्ठ माकपा नेता एमएम मणि के भाषण में प्रतिद्वंद्वियों की ‘हत्या’ की स्विकारोक्ती विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि कुछ मौके ऐसे आए थे, जब राज्य में पार्टी ने अपने विरोधियों की ‘हत्या’ करने से गुरेज नहीं किया। मणि इडुक्की जिले के माकपा सचिव हैं,उन्होंने थोडुपाजा में एक सर्वाजनिक सभा के दौरान यह विवादास्पद वक्तव्य दिया। विडंबना यह कि मणि यहां लोगों से कहने आए थे कि रिवोल्यूशनरी मार्क्सवादी पार्टी के लोकप्रिय नेता चंद्रशेखरन की हत्या में माकपा का हाथ नहीं है। पुलिस ने इस सिलसिले में कुछ माकपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। लेकिन बातों-बातों में मणि ने लोगों को याद दिलाया कि कैसे माकपा ने इडुक्की में कुछ राजनीति प्रतिद्वंद्वियों की हत्या की।
     वामपंथियों का हिंसा से चोलीदामन का साथ रहा है। यह आज भी माओवाद और नक्सलवाद के रूप में यह हमारे सामने है। जरूरत इस बात की है कि सिर्फ माकपा ही नहीं समस्त वामपंथ पर श्वेतपत्र प्रकाशित हो और उसमें इनकी हिंसक गतिविधियों का पर्दाफास हो तथा हिंसा का सहारा लेने वाले दल की मान्यता समाप्त हो।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें