गुरुवार, 4 अक्तूबर 2012

नियुक्तियों से स्पष्ट हे कि कांग्रेस और डी एम के, के मुखिया घोटालों में शामिल थे

इन नियुक्तियों से स्पष्ट हे कि कांग्रेस और डी एम के, के मुखिया इनके घोटालों में शामिल थे .....
इसी कारण संसदीय समितियों की शाख की परवाह किये बिना ,
इन घोटाले बाजों की होंसला अफजाई की गई हे ।
 कलमाडी, राजा समितियों में नामित, भाजपा ने की आलोचना











कलमाडी, राजा समितियों में नामित, भाजपा ने की आलोचना
Date: 03-10-2012
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नयी दिल्ली : भाजपा ने विवादास्पद सांसद सुरेश कलमाडी और ए राजा को संसद की स्थायी समितियों में नामित किए जाने की आज आलोचना की, जबकि इसके सहयोगी दल जदयू को इसमें कुछ गलत नजर नहीं आता। भाजपा ने कहा कि इस कदम से यह जाहिर हो गया है कि कांग्रेस व संप्रग भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गंभीर नहीं है।

हालांकि, कांग्रेस ने इस फैसले का बचाव किया और कहा कि स्थायी समितियों का सदस्य बनना सांसदों का अधिकार है। भाजपा ने कहा कि कलमाडी को राष्ट्रमंडल खेल परियोजनाओं में घोटाले के मामले में जेल भेजा गया था ऐसे में कांग्रेस ने उन्हें विदेश मामलों पर संसद की स्थायी समिति का सदस्य बना दिया है।

भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने यह फैसला किया है जिन्होंने कलमाडी को स्थायी समिति में नामित किया।’’ रूडी के सहयोगी और भाजपा प्रवक्ता जेपी नड्डा ने भी समान विचार प्रकट करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस भ्रष्टाचार का समर्थन कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इस तरह के मामले जब सामने आते हैं तब कांग्रेस उन तथ्यों को दबाने की कोशिश करती है और वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के प्रति गंभीर नहीं है। यहां तक कि कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर इसमें शामिल पाया गया क्योंकि उस वक्त वह खुद ही कोयला मंत्री थे।’’

हालांकि, राजग के एक अन्य प्रमुख घटक दल एवं भाजपा के सहयोगी जदयू ने उनके ऐतराज से असहमति जताई। जदयू अध्यक्ष और राजग के संयोजक शरद यादव ने कहा, ‘‘वे लोग सांसद हैं । ए राजा टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में संलिप्त हैं लेकिन उन्हें स्पेक्ट्रम की परमार्शदात्री समिति में शामिल नहीं किया जाएगा। इस तरह से, कलमाडी खेल के क्षेत्र में आरोपों का सामना कर रहे हैं।

समितियों में सांसद के तौर पर उनके अधिकार बने रहेंगे।’’ यादव ने कहा कि यहां तक कि ऐसे उद्योगपति जो सांसद बन गए हैं वे भी इन समितियों में शामिल हैं। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह के मामलों में हितों का टकराव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को कॉरपोरेट हितों के मुद्दे पर विचार करना चाहिए और इन लोगों को वहां नहीं रखना चाहिए। जैसे कि किंगफिशर के किसी व्यक्ति को नागरिक उड्डयन मंत्रालय में नहीं होना चाहिए।

बहरहाल, कांग्रेस का मानना है कि कलमाडी और राजा को स्थायी समितियों का सदस्य बनाये जाने को कोई मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।  कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि समिति में शामिल होना संसद सदस्य का अधिकार है, चाहे जो कुछ भी आरोप हों।

चाको ने कहा कि प्रत्येक सांसद समिति में शामिल होने का हकदार है और उन्हें इस विशेषाधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस कलमाडी जैसे विवादास्पद सांसद को संसदीय समिति की सदस्यता नहीं देने को कह सकती है, उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि पार्टी ऐसा कर सकती है।’’ द्रमुक से लोकसभा सदस्य ए राजा को उर्जा मामलों की स्थायी समिति में नामित किया गया है।

गौरतलब है कि संसद की स्थायी समितियों को छोटी संसद माना जाता है क्योंकि वह विधेयकों की करीबी जांच करती है और प्रस्तावित विधेयकों पर सुझाव देती है। टूजी मामले राजा को पिछले साल दो फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह इस साल 15 मई से जमानत पर जेल से बाहर हैं। वहीं, कलमाडी ने इस साल 19 जनवरी को जमानत पर रिहा होने से पहले जेल में करीब नौ महीने बिताये थे।

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