मंगलवार, 30 अप्रैल 2013

प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए - सुषमा स्वराज





सुषमा ने सरकार पर जमकर बोला हमला
Tue, 30 Apr 2013
www.jagran.com


Dainik Jagran Hindi News
नई दिल्ली। संसद में कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगातार की जा रही टोकाटोकी से खफा भाजपा नेता सुष्मा स्वराज ने कहा कि अब वे संसदीय कार्यमंत्री तथा लोकसभा के स्पीकर द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में शामिल नहीं होगी। लोकसभा में नेता विपक्ष सुष्मा स्वराज ने मंगलवार को कहा कि यह सरकार सभी मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगी।

इससे पहले, कोयला घोटाले और चीनी घुसपैठ को लेकर संसद में गतिरोध जारी है। घोटाले को लेकर सीबीआइ रिपोर्ट में सरकार द्वारा किए गए फेरबदल और उस पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद विपक्ष तेवर और कड़े हो गए हैं।

मंगलवार को कार्रवाई शुरू होने के बाद भाजपा सदस्यों के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हर सत्र से पहले नया घोटाला उजागर हो जाता है। नया घोटाले पहले वाले घोटाले से बड़ा होता है और इसका रिकॉर्ड टूटने का सिलसिला बना हुआ है। उन्होंने यूपीए सरकार को आजाद भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया।
सुषमा स्वराज ने कहा कि हम पर सदन को बाधित करने का आरोप मढ़ा जाता है, लेकिन हम ऐसा देशहित में करते हैं। सरकार ने अपना भरोसा पूरी तरह से खो दिया है इसलिए अब वह विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा न रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है। सुषमा ने कहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार तो कर ही रही है और उसे दबाने के लिए जो हथकंडे अपना रही है वह शर्मनाक है। प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
उधर, सीबीआइ की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम पिछले दो वर्षो से यही बात कह रहे हैं कि सीबीआइ को स्वतंत्र किया जाए। उन्होंने कोर्ट की टिप्पणी को गंभीर बताते हुए इस ओर तुरंत कदम उठाने की मांग की।


प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए - सुषमा स्वराज
सुषमा ने सरकार पर जमकर बोला हमला
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नई दिल्ली। संसद में कांग्रेस सदस्यों द्वारा लगातार की जा रही टोकाटोकी से खफा भाजपा नेता सुष्मा स्वराज ने कहा कि अब वे संसदीय कार्यमंत्री तथा लोकसभा के स्पीकर द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में शामिल नहीं होगी। लोकसभा में नेता विपक्ष सुष्मा स्वराज ने मंगलवार को कहा कि यह सरकार सभी मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई है। हालांकि उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाएगी।

इससे पहले, कोयला घोटाले और चीनी घुसपैठ को लेकर संसद में गतिरोध जारी है। घोटाले को लेकर सीबीआइ रिपोर्ट में सरकार द्वारा किए गए फेरबदल और उस पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद विपक्ष तेवर और कड़े हो गए हैं।

मंगलवार को कार्रवाई शुरू होने के बाद भाजपा सदस्यों के हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हर सत्र से पहले नया घोटाला उजागर हो जाता है। नया घोटाले पहले वाले घोटाले से बड़ा होता है और इसका रिकॉर्ड टूटने का सिलसिला बना हुआ है। उन्होंने यूपीए सरकार को आजाद भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार करार दिया।
सुषमा स्वराज ने कहा कि हम पर सदन को बाधित करने का आरोप मढ़ा जाता है, लेकिन हम ऐसा देशहित में करते हैं। सरकार ने अपना भरोसा पूरी तरह से खो दिया है इसलिए अब वह विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा न रखे। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है। सुषमा ने कहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार तो कर ही रही है और उसे दबाने के लिए जो हथकंडे अपना रही है वह शर्मनाक है। प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
उधर, सीबीआइ की स्वतंत्रता पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर 'आप' के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम पिछले दो वर्षो से यही बात कह रहे हैं कि सीबीआइ को स्वतंत्र किया जाए। उन्होंने कोर्ट की टिप्पणी को गंभीर बताते हुए इस ओर तुरंत कदम उठाने की मांग की।

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