मंगलवार, 28 मई 2013

दस सालों के अंदर नक्सलियों की ताकत 10 गुना बढ़ चुकी है



रायपुर. छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर नियंत्रण, उनके पैर उखड़ने जैसे सरकारी दावों के विपरीत सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों के अंदर नक्सलियों की ताकत 10 गुना बढ़ चुकी है। केंद्रीय और स्थानीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक इस बीच प्रशिक्षित हथियारबंद नक्सलियों की संख्या एक हजार से बढ़कर 10 हजार हो चुकी है।

सबसे घातक मिलिटरी इकाई पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की कंपनियां तीन से दस हो चुकी हैं। वे लगातार इलाके का विस्तार और सदस्यों की संख्या बढ़ा रहे हैं। एक माह पहले ही उन्होंने कांकेर और राजनांदगांव के इलाके को मिलाकर नया डिवीजन बनाया है।

हाल में हुई कुछ मुठभेड़ों के आधार पर राज्य के गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने दावा किया था कि नक्सली कमजोर पड़े हैं। उनके पैर उखड़ने लगे हैं। भास्कर ने जब इस बारे में पड़ताल की, तो सच्चाई इसके विपरीत नजर आई। खुफिया एजेंसियों ने पिछले 10-11 सालों में नक्सलियों की ताकत पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें कहा गया है कि उनका पूरा जोर बड़े हमलों की जगह छोटे हमले, अपनी ताकत बढ़ाने और इलाका विस्तार पर है।

हालांकि साल 2006 या 2008 की तुलना में सुरक्षा बलों के जवानों की शहादत में कमी के पीछे माओवादियों की यही रणनीति व अन्य वजहें बताई गईं हैं। इनके एक बड़े नेता भूपति की एक चिट्ठी से भी स्पष्ट है कि उनका जोर ताकत बढ़ाने और विस्तार पर है।


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