मंगलवार, 14 मई 2013

तेरे नाम का सहारा - भजन




 तेरे नाम का सहारा...भजन




अहसान लूँ किसी का, ये मुझको नहीं गंवारा...
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...


माना की धीरे धीरे, मेरी नाव चल रही है...
लेकिन सही दिशा में, मंजिल पे बढ़ रही हैं...
भले देर से मिले पर, मिल जायेगा किनारा...
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...


काबिल नहीं हूँ जिसका, वो इनाम ले लिया हूँ...
पूछे बिना ही तुमसे, तेरा नाम ले लिया हूँ...
इसके सिवा लिया न, कुछ और तो तुम्हारा...
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...


तेरा नाम लेके जागुं, तेरा नाम लेके सोऊं ,
तेरे नाम के सहारे, जीवन अपना बिताऊं,
अपना तो चल रहा है, आराम से गुजारा...
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...


तेरे नाम का करिश्मा, मैंने तो जब से जाना...
सब छोड़ कर हुआ मैं, तेरे नाम का दीवाना...
मुझको तो सारे जहां से, तेरा नाम लगता प्यारा...
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...


अहसान लूँ किसी का, ये मुझको नहीं गंवारा...
जीने को जब काफी हैं, तेरे नाम का सहारा...


मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा हैं...
मेरा आपकी दया से, सब काम हो रहा हैं...
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है...
मेरा आपकी कृपा से, सब काम हो रहा हैं...
मेरा आपकी दया से, सब काम हो रहा हैं...





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