बुधवार, 29 मई 2013

केंद्र और कांग्रेस बताये , नक्सलवाद कब तक ?




समाचार पत्रों में भले ही नक्सलवाद के खिलाफ छाप रहा हो, मगर केंद्र और कांग्रेस के बड़ी ताकतें  चुप हें  ? जैसे सारे के सारे डर  के बिल में घुस गए हों  ?? जो भी बोले वह भी सामना करने वाले होंसले से नहीं बोले !! रक्षा मंत्री ने तो कह दिया की सेना नहीं भेजेंगे !! क्यों भला ??? क्या वे बैगैर सेना के पकडे जायेंगे ??? सच यही हे की केंद्र की कांग्रेस सरकार ने ही  हमेशा दोहरी नीति अपनाई और  देश को खतरे में डाल रखा हे !! आप हिम्मत तो दिखाओ , सेना को लगा दो ! परिणाम सामने आजायेगा । मगर आप नहीं करेंगे क्यों की अपने ही नक्सलवाद पाल रखा हे !!


चुनौती / नक्सलियों ने जारी किया बयान, ग्रीनहंट ऑपरेशन बंद करने की मांग 
अब मुख्यमंत्री को दी धमकी 
कंवर, रामविचार, केदार, विक्रम, राज्यपाल, डीजीपी रामनिवास, एडीजी मुकेश गुप्ता व आरआर पाटिल भी निशाने पर
भास्कर न्यूज / रायपुर
बस्तर के दरभा घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या के बाद अब नक्सलियों ने मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ ही अन्य नेताओं-अफसरों को धमकाया है। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इस आशय की एक विज्ञप्ति जारी की है।

सीपीआई माओवादी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता गुड्सा उसेंडी ने विज्ञप्ति में कहा है कि दंडकारण्य के क्रांतिकारी आंदोलन के खिलाफ खड़े हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, गृहमंत्री ननकी राम कंवर, मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, विक्रम उसेंडी, राज्यपाल शेखर दत्त, महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल, छत्तीसगढ़ के डीजीपी रामनिवास और एडीजी मुकेश गुप्ता जैसे पुलिस के आला अधिकारी इस गफलत में हैं कि कोई उनका बाल बांका भी नहीं कर सकता। महेंद्र कर्मा ने भी यही भ्रम पाल रखा था कि जेड प्लस सिक्योरिटी और बुलेट प्रूफ गाडिय़ां उसे हमेशा बचाएंगी। हिटलर और मुसोलिनी भी इसी घमंड में थे। हमारे देश में इंदिरा गांधी और राजीव जैसे फासीवादी भी इसी गलतफहमी के शिकार थे, लेकिन जनता अपराजेय है।

इसके अलावा विज्ञप्ति में दंडकारण्य से सभी अर्धसैनिक बलों को हटाने की मांग की गई है। साथ ही ऑपरेशन ग्रीन हंट बंद करने, प्रशिक्षण के नाम पर सेना की तैनाती रोकने तथा वायुसेना का हस्तक्षेप बंद कने की भी माग की गई है।

सलमा जुडूम का बदला लेने के लिए किया हमला- नक्सली : हमले के तीसरे दिन नक्सलियों ने घटना की जिम्मेदारी ली है। चार पन्ने का बयान जारी कर कहा है कि सलवा जुडूम का बदला ले लिया। नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी ने ऑपरेशन ग्रीन हंट तत्काल
बंद करने की मांग भी की है।

संगठन के प्रवक्ता गुडसा उसेंडी की ओर से दावा किया गया है कि हमले का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के बड़े नेताओं को टारगेट करना था। इसके साथ ही चेतावनी देते हुए कहा गया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो आगे भी हमले जारी रहेंगे।
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नक्सलियों पर टूट पड़ो: केंद्र 
नक्सलियों के खिलाफ अभियान में केंद्र से मिलेगी पूरी मदद 

- समीक्षा करने आए केंद्रीय गृह सचिव ने कहा-
सेना को बुलाने की जरूरत नहीं, और ज्यादा फोर्स और
हथियार दिए जाएंगे
दरभा नक्सली हमले में लापरवाही के अफसरों को फटकारा,
भास्कर न्यूज / रायपुर
केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में साफ शब्दों में कहा कि सुरक्षा बल अब नक्सलियों पर टूट पड़ें। उनकी मांद में घुसकर आक्रामक अभियान चलाया जाए। उनका खात्मा कर दें। सिंह ने दरभा में हुए नक्सली हमले में बड़े नेताओं समेत 28 लोगों की मौत पर राज्य पुलिस की जमकर खिंचाई की। आला अफसरों ने सीधे एक ही सवाल किया कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है? उसके खिलाफ क्या एक्शन लिया गया? केंद्रीय सचिव ने साफ किया कि इसके लिए जिम्मेदार अफसरों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए।
सिंह ने कहा कि आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल में नेताओं को लक्ष्य करने के इन दो उदाहरणों के बावजूद अगर दरभा में इतना बड़ा हमला हुआ है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल की तर्ज पर बड़ा और आक्रामक अभियान चलाया जाए। नक्सलियों का मनोबल तोडऩे के लिए और कोई रास्ता नहीं है। इसके लिए अगर राज्य को और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की जरूरत है, तो वह भी दिया जाएगा।
अत्याधुनिक हथियार और बाकी संसाधनों की भी कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य ने नक्सलियों के खिलाफ और ज्यादा प्रभावी कार्रवाई के लिए सीआरपीएफ की और दो बटालियन तुरंत भेजने को कहा। गृह सचिव ने आगाह किया है कि राज्य इस बात को सुनिश्चित करे कि इस फोर्स का बेहतर इस्तेमाल हो और नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई होती हुए दिखे भी। बैठक में आईबी के प्रमुख एसए इब्राहिम, राज्य के मुख्य सचिव सुनिल कुमार, डीजीपी रामनिवास, एडीजी इंटेलिजेंस मुकेश गुप्ता, सीआरपीएफ के आला अफसर भी थे।
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नक्सल विरोधी अभियान में सेना की तैनाती संभव नहीं है - एंटनी 
तंजावुर में एंटनी ने पत्रकारों से कहा कि इस समस्या के समाधान का सही उत्तर यह है कि नक्सलियों का सामना करने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल को और मजबूत करना होगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि न्यायालय के निरीक्षण में एक विशेष जांच दल द्वारा छत्तीसगढ़ में मारे गए कांग्रेस नेताओं की हत्या की जांच करवानी चाहिए।
मुम्बई में शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में लिखे अपने सम्पादकीय में कहा है कि नक्सलियों द्वारा फैलाई जाने वाली हिंसा को कुचल दिए जाने की जरूरत है। ठाकरे ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले की निंदा की और कहा कि शनिवार के इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ अजमल अमीर कसाब तथा अफजल गुरु जैसे आतंकवादियों जैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए।

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