बुधवार, 11 सितंबर 2013

'कांग्रेस के करप्शन का एबीसीडी' - नरेंद्र मोदी




जयपुर: जयपुर के भारतीय जनता पार्टी की रैली में गुजरात के नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला। इस रैली में नरेंद्र मोदी ने 'कांग्रेस के करप्शन का एबीसीडी' बताया।

नरेंद्र मोदी ने जनता से कहा, 'ए फॉर आदर्श, बी फॉर बोफोर्स, सी फॉर सीडब्ल्यूजी और डी फॉर दामाद का कारोबार'। इस पंक्ति में मोदी का हमला सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर था, जिन पर जमीन के मामले में कई आरोप लगे हैं।

राजस्थान की राजधानी जयपुर की इस रैली में मोदी के अलावा पार्टी प्रमुख राजनाथ सिंह, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद थीं।

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मोदी का कांग्रेस पर हमला, बोले- लिखी भ्रष्टाचार की नई इबारत
Updated on: Wed, 11 Sep 2013
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भाजपा में प्रधानमंत्री उम्मीदवार के रूप में ताजपोशी के करीब खड़े नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार और परिवारवाद का पर्याय बताते हुए एक तरह से चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है। जयपुर में वसुंधरा राजे के लिए समर्थन मांगते हुए मोदी ने पूरे देश को संदेश देने की कोशिश की कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए देश को कांग्रेस से मुक्त करना होगा।

भ्रष्टाचार को लेकर संप्रग सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ए मतलब आदर्श घोटाला, बी मतलब बोफोर्स घोटाला, सी मतलब कोल घोटाला और डी मतलब दामाद का घोटाला । यह नई वर्णमाला की किताब है, जिसे कांग्रेस बच्चों के लिए पेश करने जा रही है।

वसुंधरा की सुराज यात्रा के समापन पर जयपुर पहुंचे मोदी ने तकरीबन डेढ़ लाख की भीड़ को संबोधित करते हुए कांग्रेस के नेतृत्व, नीति और नैतिकता को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि 1947 से पहले और बाद की कांग्रेस में बड़ा अंतर है। 1947 के बाद की कांग्रेस एक परिवार की भक्ति में जुट गई। जबकि भाजपा भारत भक्ति में डूबी पार्टी है और यह 125 करोड़ भारतीयों के हित में है।

मनमोहन सिंह पर हमला बोलते हुए मोदी ने कहा कि जी-20 सम्मेलन से लौटने पर देश जानना चाहता था कि प्रधानमंत्री ने वहां क्या किया। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किस तरीके से किया और उन्होंने किन मुद्दों को उठाया। लेकिन लौटने पर प्रधानमंत्री ने अपने नए बॉस के नाम की घोषणा कर दी और कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्हें उनके (राहुल गांधी) नेतृत्व में काम करने में खुशी होगी।

गुजरात के मुख्यमंत्री ने अटल-आडवाणी का गुणगान करते हुए कहा कि इनके नेतृत्व वाली राजग सरकार को देश अब भी याद करता है। मोदी ने रुपये की कीमत में गिरावट का जिक्र करते हुए मारवाड़ियों को साधा। उन्होंने कहा कि रुपया अस्पताल में है और डॉ. मनमोहन के पास कोई इलाज नहीं है।

भारी भीड़ से उत्साहित मोदी ने कार्यकर्ताओं को कहा कि बदलाव की हवा तेज है, लेकिन इसे अपने पक्ष में बदलने के लिए प्रयास करना होगा। चुनाव अभियान समिति की कमान संभालने के बाद से विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में मोदी की यह दूसरी सभा थी। इससे पहले वह छत्तीसगढ़ जा चुके हैं। अब जबकि कुछ दिनों में ही उन्हें प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया जाना तय है, राजनाथ पूरी तरह उनके साथ खड़े दिखे। वंजारा प्रकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मोदी को बदनाम किए जाने की कोशिश हो रही है, लेकिन पूरी पार्टी उनके साथ है।

'कांग्रेस में भ्रष्टाचार तोहफे की तरह है। जो ज्यादा भ्रष्टाचार करता है, वह पदोन्नति पाता है।'

- नरेंद्र मोदी

नमो का हमला

-ए-आदर्श घोटाला

-बी-बोफोर्स घोटाला

-सी-कोल (कोयला) घोटाले

-डी- दामाद का घोटाला
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ये पांच विशेषताएं जिससे मोदी को सुनना चाहते हैं लोग
Tue, 10 Sep 2013
रहे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहने वालों की कमी नहीं है। उनकी भाषण कला उन्हें एक दमदार नेता के तौर पर पेश करती है। मोदी के भाषण में वे सभी तत्व मौजूद होते हैं जिसे लोग सुनता चाहती है। वैसे तो भाजपा में एक से एक वक्ता वक्ता मौजूद हैं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भाषण कला को कौन भुला सकता है। वाजपेयी को अपना आदर्श मानने वाले मोदी के भाषण में बहुत हद तक उनकी छाप दिखाई देती है। चाहे विरोधियों पर हमले की बात हो या चुटकी लेने की, हर कला में मोदी धीरे-धीरे माहिर होते जा रहे हैं। आइए जानते हैं मोदी के भाषण की पांच खास बातें :-

1 विरोधियों पर हमला : मोदी हर रैली में पूरी तैयारी के साथ जाते हैं। समसामयिक मुद्दों पर उनका अपना मत होता है और इसी से वे विरोधियों पर हमला करते हैं। सरकार को घेरने के लिए वह सभी मुद्दों पर एक-एक हमला बोलते हैं।

2.आंकड़े : मोदी अपने भाषण में आंकड़ों को खास तवज्जो देते हैं, जो पढ़े-लिखे लोग खासकर युवाओं को बेहद पसंद आता है। चाहे विकास दर, जीडीपी की बात हो या बेरोजगारी और अशिक्षा के आंकड़े हों। आर्थिक मुद्दों पर उनकी जानकारी और रिसर्च बेजोड़ है।

3. स्थानीय लोगों से जुड़ना : मोदी जिस जगह भाषण देते हुए हैं वहां से जुड़ने की कोशिश करते हैं। आपको याद होगा, उन्होंने हैदराबाद में अपने भाषण की शुरुआत तेलुगू भाषा में बोलकर शुरू की थी। इसी तरह वह अपने प्रदेश में गुजराती में ही भाषण देते हैं। ठीक इसी तरह लुधियाना की एक रैली में उन्होंने पंजाबी में अपने भाषण की शुरुआत की थी।

4. विकास का एजेंडा : मोदी को पता है कि आज देश में युवाओं की संख्या 65 फीसद है और वे विकास की बात सुनना ज्यादा पसंद करते हैं। इसलिए वह अपनी हरेक रैली में गुजरात में हो रहे विकास का जिक्र करते हैं। उसे आंकड़ों के जरिये समझाने की कोशिश करते हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर विकास का खांका कैसा हो, उसे भी बताने की कोशिश करते हैं।

5.कटाक्ष : मोदी के भाषण में वाजपेयी जी की तरह ही चुटीला अंदाज होता है। वह भाषण गंभीर विषयों को उठाने के साथ-साथ माहौल को हल्का करने के लिए विपक्ष पर कटाक्ष भी बेहद सधे हुए अंदाज में करते हैं। बीच-बीच में वह किस्सा-कहानियों का सहारा लेते हैं ताकि लोगों को स्वयं से जोड़ सकें।

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