बुधवार, 18 सितंबर 2013

'ऑपरेशन दंगा' के खुलासों पर घिरी अखिलेश सरकार : राष्ट्रपति शासन ही एक मात्र विकल्प है




'ऑपरेशन दंगा' के खुलासों पर घिरी अखिलेश सरकार, बर्खास्त करने की मांग तेज
आज तक वेब ब्यूरो [Edited By: संदीप कुमार सिन्हा] | नई दिल्ली, 18 सितम्बर 2013
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'ऑपरेशन दंगा'...मुजफ्फरनगर दंगों पर आजतक के सबसे बड़े खुलासे के बाद सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है. उत्तर प्रदेश सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. बीजेपी और बीएसपी की मांग है कि अखिलेश सरकार को बर्खास्त किया जाए और सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू हो. वहीं कांग्रेस स्टिंग ऑपरेशन में हुए खुलासे की जांच कराने की मांग कर रही है.
आजतक के खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री आजम खान ने सफाई दी. उन्होंने कहा है कि उन्हें मुजफ्फरनगर दंगों के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्हें बदनाम करने की साजिश हो रही है और यूपी के किसी भी दंगे में उनका हाथ नहीं है. दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश प्रशासन भी हरकत में आ गया है. दंगा भड़काने के आरोप में 9 नेता सहित कुल 16 लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है. इसमें बीजेपी, बीएसपी और कांग्रेस के नेता शामिल हैं.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह ने कहा, 'सूबे में दंगे भड़काने वालों की निंदा होनी चाहिए. राज्य सरकार को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. अगर उत्तर प्रदेश की सरकार सचेत रहती, तो दंगे नहीं होते. अगर मुख्यमंत्री चाहे तो सूबे में कभी दंगे नहीं हों. मुजफ्फरनगर दंगे सपा सरकार की विफलता नतीजा है और पूरी तरह से प्रायोजित भी है. बीजेपी का तो एकमात्र एजेंडा है कि दंगे कराओ, फसाद कराओ और फिर लाशों पर राजनीति करो. इसे ज्यादा उनसे उम्मीद नहीं की जा सकती. लेकिन खुद को सेकुलर बताने वाली सपा भी अब सवालों के घेरे में है.'

बीजेपी नेता कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद ने कहा, 'स्टिंग ऑपरेशन से साफ है कि सपा सरकार कितनी सांप्रदायिक है. एक समुदाय को बचाने के लिए गलत लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया. दंगा ग्रसित इलाकों का दौरा करने के लिए पीएम, सोनिया और राहुल गांधी गए थे. अब वे इस खुलासे के बाद क्या बोलेंगे. कांग्रेस के लोग राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग क्यों नहीं कर रहे? सच तो यह है कि सपा और कांग्रेस मिलकर वोट बैंक का खेल खेल रहे हैं. तुष्टीकरण की राजनीति हो रही है.'

बीजेपी नेता विनय कटियार
विनय कटियार ने कहा, 'यह सपा की सोची समझी रणनीति है. इस कारण से ही दंगा फैला. आखिरकार जब शुरुआत में हिंसा हुई और जो आरोपी पकड़े गए, उन्हें छोड़ा क्यों गया? अगर वे जेल में ही रहते, तो आज सांप्रदायिक हिंसा नहीं भड़कती. लेकिन यूपी सरकार के मंत्री आजम खान ने प्रशासन को कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए. उनके कहने पर ही लोगों को छोड़ा गया, जो स्टिंग ऑपरेशन से साफ है. दंगों में मारे गए सैकड़ों लोगों के लिए कौन जिम्मेदार है? हमारी मांग है कि मामले की SIT जांच होनी चाहिए.'

बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'स्टिंग ऑपरेशन में जो सच्चाई दिखी है. पूरा दंगा सरकार द्वारा प्रायोजित दंगा है. सपा द्वारा दंगाइयों को बचाते हुए दिखाया गया है. यह अपनी तरह की अकेली घटना है, जिस तरह सपा सरकार दंगों में शामिल लोगों को बचाती हुई दिखी. अब सब कुछ साफ है. केंद्र सरकार सीधे हस्तक्षेप करे. कांग्रेस नेता वहां का दौरा करके आ चुके हैं, अब तो कार्रवाई होनी चाहिए. केंद्र सरकार को मामले की जांच करवाकर दोषियों को सजा दिलवानी चाहिए.'

बीएसपी नेता सुधींद्र भदोड़िया
सुधींद्र भदोड़िया ने कहा, 'इस स्टिंग ऑपरेशन से साफ है कि यह सरकार पूरी तरह से दोषी है. इस ऑपरेशन में पुलिस अधिकारियों को साफ-साफ सरकार के मंत्री का नाम लेते दिखाया गया है. कानून-व्यवस्था बनाए रखना और धार्मिक सौहार्द बनाए रखना, सरकार की सामूहिक जिम्मेदारी होती है. अब दोषियों के नाम पूरे देश के सामने आ गए हैं. सपा और यूपी के मुख्यमंत्री इस दंगे के लिए दोषी हैं. इस सरकार को तुरंत हटाया जाना चाहिए. केंद्र सरकार तुरंत कार्रवाई करे. इस सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए और राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए.'

बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा, 'चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में यह बात सामने आई है कि सपा सरकार पूरी तरह से दंगों के लिए जिम्मेदार है. इससे बड़ा गंभीर अपराध कोई सरकार नहीं कर सकती. मैं समझता हूं कि केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए और सूबे की सरकार के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. अगर कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के अखिलेश सरकार के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो यह साफ हो जाएगा कि कांग्रेस और सपा के बीच साठगांठ है. इस तरह से सांप्रदायिक आधार पर 'बांटो और राज करो' की नीति अपनाकर कांग्रेस और सपा सत्ता में बने रहना चाहते है. मेरी पीएम से अपील है कि ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है अब राष्ट्रपति शासन ही एक मात्र विकल्प है.'

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी
राशिद अल्वी ने कहा, 'सरकार या सरकार के किसी मंत्री ने प्रशासन पर गलत दबाव डाला है तो उसकी जांच होनी चाहिए. जो भी जिम्मेदार हो उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए. मैं तो बहुत दिनों से ये बात कह रहा हूं कि सपा-बीजेपी मिलकर रणनीति बनाते हैं. इससे ज्यादा बदकिस्मती क्या होगी, अपने देशवासियों की लाशों पर राजनीति कर रहे हैं. आपको क्या हक है इस देश में सरकार चलाने का?'

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