बुधवार, 18 सितंबर 2013

आजम खान ने करवाए मुजफ्फरनगर के दंगे : न्यूज चैनल 'आज तक'



आजम खान ने करवाए मुजफ्फरनगर के दंगे...!
बुधवार, 18 सितंबर 2013
नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर नगर दंगों के बाद वोटों की सियासत हो रही है। राजनीतिक दल के नुमाइंदे दंगा पीड़ित लोगों के पास जाकर उनका दर्द बांटने की कोशिश कर रहे हैं। वे दर्द के तवे पर वोट की रोटियां सेंक रहे हैं।
मुजफ्फरनगर के दंगों पर नया सच सामने आया है। न्यूज चैनल 'आज तक' के स्टिंग ऑपरेशन में यह पुलिस अफसरों ने दंगों की सचाई का खुलासा किया है। इस स्टिंग ऑपरेशन में जो खुलासा हुआ है, उसके अनुसार अखिलेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया है। इसमें यह सामने आया है कि पुलिस अफसर पर दबाव डालकर दंगा करने वाले दोषियों को जेल से छुड़वाया गया।
स्टिंग ऑपरेशन के दौरान फुगाना थाने के एसएचओ ने कहा कि सरकार से जुड़े किसी आजम खान नाम के व्यक्ति ने फोन कर कहा था कि जो हो रहा है, होने दो।

स्टिंग के दौरान खुफिया कैमरे में प्रशासन के अधिकारी और पुलिस अधिकारी सरकार की सरकार की लेटलतीफी और नाकामी बताकर इन दंगों को राजनीति का खेल करार दे रहे हैं।  सभी का कहना है कि वोटों की राजनीति के कारण मुजफ्फरनगर में इतना बड़ा तनाव हुआ। एक अधिकारी खूफिया कैमरे पर कह रहे हैं कि मलिकपुरा के दो युवकों की हत्या के बाद तलाशी अभियान चलाकर सात आरोपियों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन लखनऊ से एक बड़े सपा नेता के फोन पर सातों को छोड़ना पड़ा।
स्टिंग ऑपरेशन का प्रसारण जैसे ही न्यूज चैनल पर किया गया, अखिलेश सरकार की गाज पुलिस अफसरों पर गाज गिराना शुरू हो गई।
सरकार ने स्टिंग ऑपरेशन में कैमरे में कैद हुए एसएसपी को लाइन हाजिर कर दिया जबकि एक अफसर को क्राइम भेज दिया गया।
दंगों पर आजम खान ने सफाई दी कि मैंने किसी को फोन नहीं किया था। उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन की सत्यता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैंने किसी को फोन नहीं किया था। आजम खान ने कहा कि यूपी के किसी दंगे में मेरा हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मैं इन दंगों में दो‍षी साबित होता हूं तो मुझे हर सजा मंजूर है। मीडिया वालों ने जबर्दस्ती अफसरों से ये बातें बुलवाई हैं। आजम खान ने कहा कि मीडिया वालों ने पुलिस अफसरों के मुंह में शब्द डाले। उन्होंने कहा कि सचाई के लिए मेरे कॉल रिकॉर्ड को चेक किया जा सकता है। (एजेंसियां)

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