बुधवार, 16 अक्तूबर 2013

पीएम आरोपी नंबर 01 - पूर्व कोयला सचिव प्रकाशचंद्र पारेख



पूर्व कोयला सचिव के बयान से घिरे पीएम
टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Oct 16, 2013,
http://navbharattimes.indiatimes.com/state/others/hyderabad/PM-should-be-accused-No-1-former-coal-secretary-P-C-Parakh/articleshow/24230968.cms
हैदराबाद।। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कोयला घोटाले को लेकर एक बार फिर बीजेपी के निशाने पर हैं। बीजेपी ने इस बार पीएम को पूर्व कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारेख के कोयला घोटाले में दिए गए बयान पर घेरा है। पारेख ने कहा था कि अगर सीबीआई को कोयला ब्लॉक के आंवटन में साजिश की बू आ रही है तो उसे इस मामले में अंतिम फैसला लेने वाले व्यक्ति यानी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम साजिशकर्ता के रूप में होना चाहिए।

बीजेपी ने पीएम पर हमला बोलते हुए हैरानी जताई कि कोयला ब्लॉक आवंटन के लिए अंतिम मंजूरी देने वाला कोई व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकता है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा, 'पारेख के लिए बोलने का समय आ गया है। उन्होंने कम बोला है, उन्हें अब साफ-साफ कहना चाहिए। सार्वजनिक तौर पर बयान देने चाहिए कि उस समय (जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कोयला मंत्रालय के प्रभारी थे) कितनी फाइलें निपटाई गईं।'

गौरतलब है कि पारेख ने टेलिविजन चैनलों से कहा, 'सीबीआई को यदि यह लगता है कि कोई साजिश हुई है, तो उन्होंने बिड़ला और मुझे ही क्यों चुना? उसने प्रधानमंत्री का नाम क्यों नहीं लिया? अगर साजिश हुई है तो जो भी इससे जुडा है, वह साजिश का हिस्सा है।' उन्होंने यह भी कहा कि उस समय कोयला मंत्री के रूप में शिबू सोरेन के इस्तीफे मंत्रालय का कार्यभार प्रधानमंत्री ने संभाला था।

पारेख के इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए कहा है, 'प्रधानमंत्री और पीएमओ की जवाबदेही महत्वपूर्ण है। इसलिए हम मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।' बीजेपी के राज्यसभा में उपनेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि पारेख के बयान पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा, 'पारेख के लिए बोलने का समय आ गया है। उन्होंने कम बोला है, उन्हें अब साफ-साफ कहना चाहिए, सार्वजनिक तौर पर कहना चाहिए कि उस समय कितनी फाइलें निपटाई गईं। कांग्रेस मुख्यालय से पीएमओ में कितनी चिट मिलीं और पीएमओ ने वे निर्देश कोयला ब्लॉक आवंटन के लिए कोयला मंत्रालय को दिए।'

पारेख ने कहा कि इस वक्त वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जनहित में लिए गए सही फैसलों और गलत फैसलों में अंतर नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा, 'अगर सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है कि बिड़ला समूह की हिंडाल्को को (तलाबीरा) कोयला ब्लॉक आवंटित करना एक साजिश थी तो उन्हें पीएम का नाम साजिशकर्ता के रूप में लेना चाहिए, क्योंकि इस आवंटन को उन्होंने ही मंजूर किया था।'

इस मामले में उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर उठ रहे सवालों पर आश्चर्य जताते हुए पारेख ने कहा, 'यह अजीब है कि सीबीआई मेरे उन फैसलों पर सवाल उठा रही है, जो कोयला सेक्टर में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिए गए थे।'

पारेख मार्च 2004 में कोयला सचिव नियुक्त किए गए थे और तत्कालीन यूपीए सरकार के कई मंत्रियों द्वारा उन्हें हटाए जाने की नाकाम कोशिशों के बावजूद दिसंबर 2005 में रिटायर होने तक इस पद पर बने रहे।

गौरतलब है कि सीबीआई द्वारा कोयला घोटाला मामले में मंगलवार को दायर चार्जशीट में देश के बड़े उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के साथ-साथ पारेख का भी नाम लिया गया है। सीबीआई ने इस मामले में ताजा एफआईआर दर्ज की है। कोयला घोटाले में सीबीआई ने यह 14वीं एफआईआर दर्ज की है। इस संबंध में हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और दिल्‍ली में छापेमारी की गई है।
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कोयला घोटाला: 'पीएम हैं आरोपी नंबर-1'
Because PM Signs All the Coal Scam Papers
कोयला आवंटन मामले में पीएम को बनाया जाए आरोपी नंबर-1'
Oct 16, 2013, 09.26AM IST

गणेश.एस लक्ष्मण
हैदराबाद।। पूर्व कोयला सचिव प्रकाश चंद्र पारेख ने कहा है कि अगर सीबीआई को कोयला ब्लॉक के आंवटन में साजिश की बू आ रही है तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस मामले में पहला आरोपी बनाया जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने ही इस फैसले पर साइन किए थे।

पारेख ने मंगलवार को कहा कि इस वक्त वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जनहित में लिए गए सही फैसलों और गलत फैसलों में अंतर नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा, 'अगर सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है कि हिंडाल्को को (तलाबीरा) कोयला ब्लॉक आवंटित करना एक साजिश थी तो उन्हें पीएम को ही पहला आरोपी बनाना चाहिए, क्योंकि इस आवंटन को उन्होंने ही मंजूर किया था।'

इस मामले में उनके द्वारा लिए गए फैसलों पर उठ रहे सवालों पर आश्चर्य जताते हुए पारेख ने कहा, 'यह अजीब है कि सीबीआई मेरे उन फैसलों पर सवाल उठा रही है, जो कोयला सेक्टर में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लिए गए थे।'

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