रविवार, 20 अक्तूबर 2013

मोदी रैली की में गूंजा ‘ शेर आया, शेर आया '




आज तक की रिपोर्ट

रैली में गूंजा ‘ शेर आया, शेर आया
आशीष मिश्रा [Edited By: अमर कुमार] | लखनऊ, 20 अक्टूबर 2013 
http://aajtak.intoday.in/story/modi-revives-bjp-in-up-1-744995.html
पिछले एक दशक के दौरान यूपी की राजनीति में हाशिए पर चली गई बीजेपी को 19 अक्टूबर को कानपुर के गौतमबद्घ पार्क में आयोजित पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की धमाकेदार रैली ने संजीवनी दे दी है. कानपुर में मोदी को सुनने उमड़ी करीब तीन लाख लोगों की भीड़ ने बीजेपी नेताओं के बीच मोदी नाम का डंका बजा दिया है.

राममंदिर आंदोलन के बाद यह पहला मौका था जब यूपी में बीजेपी की रैली में इतनी बड़ी भीड़ जुटी हो. मोदी के साथ मंच में मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री और एटा से निर्दलीय सांसद कल्याण सिंह, कलराज मिश्र, ओमप्रकाश सिंह के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बखूबी यह संदेश देने की कोशिश की कि यूपी में पार्टी के भीतर किसी प्रकार का अंतर्विरोध नहीं है और कार्याकर्ताओं के साथा पार्टी के सभी बड़े नेता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प कर चुके हैं.

कानपुर की रैली में पार्टी नेताओं को इस बात का संकेत मिल गया कि बीजेपी अब अटल-आडवाणी के युग को पीछे छोड़ मोदी युग में प्रवेश कर चुकी है. देश का मैनचेस्टर कही जाने वाली कानपुर नगरी में मोदी का जुनून सिर चढक़र बोल रहा था. मोदी जब बोलने के लिए खड़े हुए तो ‘ शेर आया, शेर आया’ के जोरदार नारे लगने लगे. रैली में युवाओं का जोश और ‘ मोदी-मोदी’ की नारेबाजी इतनी हुई कि कई बार मोदी को अपना भाषण रोकना पड़ा.

सही मायने में देखा जाए तो कानपुर में मोदी की रैली बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई थी. रैली स्थल को लेकर जितरह से अनिश्चितता रही उससे पार्टी काफी उलझ्न में थी. प्रशासन से भी कई बार टकराव हुआ. यही नहीं यूपी में मोदी के चुनावी आगाज को जोरदार बनाने के लिए बीजेपी नेताओं ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. यह प्रदेश के बीजेपी नेताओं का इम्तहान भी था जिसमें फिलहाल वे खरे उतरते दिखाई दे रहे हैं.

हालांकि मुसलमानों में पैठ बनाने की नरेंद्र मोदी की कोशिशें अभी तक नाकाम ही साबित हुई हैं. कानपुर की रैली में भी बड़ी संख्या में मुस्लिमों की भीड़ जुटने के दावे किए गए थे. इसके लिए मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बकायदा एक - बुकलेट- बांटी गई थी जिसमें गुजरात में नरेंद्र मोदी द्वारा मुसलमानों की बेहतरी के लिए कराए गए कार्यों का जिक्र था बावजूद इसके कानपुर की रैली में मुसलमानों के नजरिए से पार्टी का ‘ बिस्मिल्लाह’ बेहतर नहीं रहा. कानपुर में उमड़े जनसैलाब के बीच मुस्लिम चेहरों का न होना भी चर्चा का जन्म दे गया.

कानपुर की इस विशाल रैली ने बीजेपी की कमजोरियों को भी रेखांकित कर दिया. राममंदिर आंदोलन के समय एक ओर जहां पार्टी के पास स्थानीय स्तर पर ऐसे वक्ताओं की जमात थी जो जोशीले भाषणों से लोगों में उत्साह भर देते थे वहीं लगातार युवाओं के बीच पैठ बनाने की कोशिश में जुटी बीजेपी के पास फिलहाल वरिष्ठ नेताओं की बीच ऐसे नए युवा नेताओं की टीम नहीं है जो अपने भाषणों से समा बांध दें.

कानपुर में मोदी को सुनने के लिए दोपहर 11 बजे से ही भीड़ रैली स्थल पर पहुंचने लगी थी और इस भीड़ को बांधे रखने के लिए पार्टी ने फिल्मी गाने की पैरोडी का सहारा लिया जिसमें मोदी का गुणगान और कांग्रेस की आलोचना की गई थी. पाकिस्तानी गायक अताउल्लाह खान द्वारा गाया गया गाना ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का’ की तर्ज पर लिखा गया गीत ‘धोखा दिया सदा कांग्रेस आइ ने, देश को लूट लिया सोनिया ताई ने’ पर भीड़ ने जमकर तालियां पीटीं. इसके अलावा ‘सदा चूसे खून गरीबों का, कांग्रेस तो दगाबाज रे’ जैसे गीतों ने कानपुर रैली के शुरू में समा बांधने की भरसक कोशिश की.

----------------------------

मोदी के मंच पर आते ही नारे लगे- 'शेर आया, शेर आया'
नवभारतटाइम्स.कॉम | Oct 20, 2013,

नई दिल्ली।। देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी ने 2014 के चुनावी कैंपेन का आगाज कांग्रेस, माया और मुलायम पर तीखे हमले के साथ किया। कानपुर में आयोजित एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने राहुल गांधी को शहजादे कहते हुए जमकर निशाना साधा। नरेंद्र मोदी जब भाषण देने के लिए मंच पर आए तो 'शेर आया शेर आया', 'भारत का शेर आया' जमकर नारे लगे। उन्होंने न कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने की लोगों से अपील की बल्कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को भी सबक सिखाने को कहा। मोदी ने कहा कि दिल्ली की भ्रष्ट सरकार को प्रदेश की दो पर्टियां एसपी और बीएसपी ने बचा रखी है। गौरतलब है कि केंद्र की मनमोहन सरकार एसपी और बीएसपी के समर्थन से ही चल रही है। कानपुर की रैली में जुटे करीब 1.5 लाख लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गांधी पर तीखे वार किए।

राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा, 'कांग्रेस के शहजादे कहते हैं कि गरीबी कुछ नहीं होती, यह तो मानसिक स्थिति है। जो सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं उन्हें गरीबी क्या होती है, पता नहीं है। गरीबी देखने के लिए वह कैमरों के हुजूम लेकर गरीब की झोपड़ी में जाते हैं।' राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से ही सांसद हैं। 2014 के आम चुनाव में राहुल गांधी ही नरेंद्र मोदी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी बनने वाले हैं। मोदी ने 12 रुपए में खाना मिलने के कांग्रेसी नेताओं के बयान को गरीबों की बेइज्जती बताते हुए कहा कि सरकार गरीबों के लिए होनी चाहिए लेकिन सत्ताधारी दल को गरीबों की परवाह ही नहीं है।

मोदी ने कोयला घोटाले पर चुटकी लेते हुए कहा, 'कोयले की राख कानपुर पर भी छाई हुई है। कानपुर में जो प्रदूषण है यह दिल्ली के कोयले की राख का है। महज कोयला घोटाले की फाइलें नहीं खोई हैं बल्कि दिल्ली में तो सरकार ही खो गई है। सरकार कहीं नजर ही नहीं आ रही है। मोदी ने कहा, 'कानपुर की इस रैली ने मुझे जीत लिया है।' समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को अब 'दंगा पार्टी' कहा जाना चाहिए।
इस रैली में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी को पीएम प्रत्याशी बनाए जाने की बाद बीजेपी उत्तर प्रदेश में 2014 के आम में 1998 का इतिहास दोहराएगी। 1998 में बीजेपी में उत्तर प्रदेश में शादनदार प्रदार्शन करते हुए 57 सीटों पर जीत हासिल की थी। फिलहाल उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में बीजेपी के पास महज 10 सीटें हैं। जैसा कि कहा जाता है कि दिल्ली की सत्ता की राह उत्तर प्रदेश से निकलती है उस पर मोदी का भी पूरा भरोसा है। इसलिए मोदी का उत्तर प्रदेश पर खास जोर है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी अपने सबसे खास आदमी अमित शाह को दी है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, 'उत्तर प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को कांग्रेस का समर्थन करने के लिए वोट नहीं दिया था। सीबीआई से क्लीन चिट पाने के लिए एसपी और बीएसपी ने कांग्रेस की सरकार को समर्थन दिया था। अब तो क्लीन चिट मिल गई है, अब तो समर्थन वापस ले लो।'


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें