गुरुवार, 7 नवंबर 2013

ब्रिटिश प्रिंस चा‌र्ल्स और उनकी पत्‍‌नी कैमिला पार्कर ने की गंगा आरती




भारतीय मान-विलायती शान
Updated on: Thu, 07 Nov 2013

हरीश तिवारी, ऋषिकेश। गंगातट की असीम शांति और आध्यात्मिक वातावरण से प्रभावित प्रिंस चा‌र्ल्स और उनकी पत्‍‌नी कैमिला पार्कर भारतीय संस्कृति से गदगद नजर आए। स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्वागत से अभिभूत दिखे। शाही दंपति ने गंगा आरती स्थल पर पहुंचने से पहले बकायदा अपने जूते उतारे। इतना ही नहीं मां गंगा को अ‌र्घ्य दिया। यह गंगा तट की अलौकिकता ही थी कि जाते-जाते प्रिंस कह उठे-आई विल कम बैक सून.. यानी मैं जल्द लौटूंगा।
 पूरी तरह से भारतीयता और सनातन के रंग में रंगे प्रिंस चा‌र्ल्स ने बेबाकी से इस प्रभाव को स्वीकार भी किया। उन्होंने कहा, 'मैं लंबा सफर तय करके यहां पहुंचा हूं, मगर गंगा के पास आकर स्वयं को हल्का महसूस कर रहा हूं। मैं पहली बार गंगा के तट पर आया हूं। गंगा का यह प्रथम सानिध्य मुझे ताजिंदगी याद रहेगा।'

गंगा को अ‌र्घ्य देने के बाद उत्तराखंड में आई प्रकृति आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया तो शाही जोड़ा आंखें बंद कर मौन साधना में तल्लीन नजर आया। जब ऋषि कुमारों ने गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो.. भजन और परमार्थ के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि महाराज ने प्रभु जी सबसे ऊंची तेरी प्रेम सगाई.. भजन प्रस्तुत किया तो शाही दंपति भक्तिरस में डूबते-उतराते नजर आए। इस दौरान दंपति लगातार लयबद्ध होकर ताली ताली बजाते रहे।

स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि महाराज ने जब एक ही माला में शाही दंपति को जोड़ा तो उन्होंने सिर झुका कर इस अभिनंदन को स्वीकारा। गंगा आरती शुरू हुई तो एक ही आरती पात्र से दंपति ने मां गंगा की आरती उतारी। मुनि महाराज द्वारा दोनों को रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया गया तो उन्होंने आत्मिक भाव से इसे ग्रहण किया। इससे पहले शाम करीब साढ़े चार बजे ब्रिटेन का यह शाही जोड़ा विशेष विमान से देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरा। वहां पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने उनका स्वागत किया।
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प्रिंस चार्ल्स और कैमिला ने ऋषिकेश में की गंगा आरती
भाषा [Edited by: बबिता पंत] | ऋषिकेश, 7 नवम्बर 2013
ब्रिटिश राजघराने के प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी, डचेज ऑफ कार्निवाल, कैमिला पार्कर अब तक के अपने सबसे लंबे नौ दिन के भारत दौरे के तहत बुधवार की शाम देहरादून पहुंचे.

प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी बुधवार की शाम करीब 4:15 बजे विशेष विमान से जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी अगवानी की. हवाई अड्डे से शाही दंपति सड़क मार्ग से सीधे ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने परमार्थ निकेतन आश्रम पहुंचकर हवन और गंगा आरती में हिस्सा लिया. आरती में भाग लेने के बाद प्रिंस और उनकी पत्नी टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में स्थित होटल में रात्रि विश्राम के लिए पहुंचे.
गुरुवार को रॉयल कपल देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी, वन अनुसंधान संस्थान और दून स्कूल में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा. गुरुवार की शाम को प्रिंस और उनकी पत्नी वापस नरेंद्र नगर जाएंगे, जहां मुख्यमंत्री बहुगुणा उनके स्वागत में भोज देंगे. शाही दंपति के साथ उनका एस्कॉर्ट भी आया है लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस के 20 गजटेड अफसर, 24 इंस्पेक्टर और थानाध्यक्ष सहित 116 दरोगा और 600 जवान तैनात किए गए हैं. इसके अलावा पीएसी की 5 कंपनियां भी शाही दंपति की सुरक्षा में तैनात हैं.

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