रविवार, 22 दिसंबर 2013

शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए वोट फॉर इंडिया - नरेंद्र मोदी





मुंबई में मोदी की महागर्जना रैली, लोकसभा चुनाव के लिए दिया नारा- वोट फॉर इंडिया
आज तक वेब ब्‍यूरो [Edited By: स्‍वपनल सोनल] | मुंबई, 22 दिसम्बर 2013
http://aajtak.intoday.in/story/modi-rally-in-mumbai-1-750192.html
बीजेपी के पीएम पद के उम्‍मीदवार नरेंद्र मोदी ने रविवार को मुंबई में 'महागर्जना रैली' की. अपनी हर रैली की तरह जहां उन्‍होंने कांग्रेस के वंशवाद और भ्रष्‍टाचार की दुहाई दी, वहीं जाते-जाते वह मंच से लोकसभा चुनाव के लिए आम जन को 'वोट फॉर इंडिया' का महामंत्र दे गए.
सुराज के लिए वोट फॉर इंडिया. भ्रष्‍टाचार से मुक्ति के लिए वोट फॉर इंडिया. शक्तिशाली भारत के निर्माण के लिए वोट फॉर इंडिया. भाषण की शुरुआत से ही मोदी ने सौम्‍य-आक्रामकता के साथ महाराष्‍ट्र और गुजरात के बहाने प्रदेश्‍ा और केंद्र की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया. वहीं, अंत तक आते-आते उन्‍होंने जन-जन को वीआईपी बताते हुए कांग्रेस मुक्‍त भारत का सपना दिखाया. उन्‍होंने कहा, 'मुझे पूरी उम्‍मीद है कि आज एक ऐतिहासिक घटना को साकार करने के लिए उपस्थित मुंबई के लोग जी-जान से कोशिश करेंगे और अभूतपूर्व विश्‍वास व परिवर्तन के संकल्‍प के साथ महाराष्‍ट्र के गली-गली में पहुचेंगे.'

गुजरात के लिए मायका है मुंबई
मोदी ने 1960 में महाराष्‍ट्र और गुजरात के बंटवारे की बात करते हुए कहा, 'आज गुजराती भाषा का जितना लालन-पालन मुंबई में होता है वैसा कहीं और नहीं होता. ऐसा लगता है गुजरात के लिए मुंबई मायका है.' उन्‍होंने आगे कहा, '1960 के पहले हम वृहत महाराष्‍ट्र के हिस्‍से थे. महाराष्‍ट्र हमारा बड़ा भाई है. जब गुजरात अलग हुआ तब हमारे पास कुछ नहीं था, लेकिन आज गुजरात ने नई ऊंचाईयों को पार किया है. 1960 के बाद गुजरात में 14 मुख्‍यमंत्री बने, जबकि महाराष्‍ट्र में 26 सीएम हुए. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यहां की राजनीति कैसी होगी, तौर-तरीके कैसे होंगे. एक आता है, तो दूसरा भगाने में लगा रहता है.'

दिलाई अगस्‍त क्रांति की याद
अपने भाषण में मोदी ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि देश की समस्‍या इतिहास भूगोल, प्राकृतिक संपदा नहीं कांग्रेस का चरित्र है. उन्‍होंने कहा, 'हम जब तक कांग्रेस का चरित्र नहीं समझेंगे, देश की समस्‍याओं का समाधान नहीं सूझेगा. समस्‍याओं का एक ही समाधान है 'कांग्रेस मुक्‍त भारत'. यह वही मुंबई की धरती है जहां अगस्‍त क्रांती के मैदान से गूंज उठी थी- क्विट इंडिया. तब अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा था. उसी तरह आज फिर मुंबई की धरती से आवाज उठनी चाहिए- कांग्रेस फ्री इंडिया.'

बीजेपी विकास की राजनीति को समर्पित
मोदी ने कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में डूबी हुई है. अंग्रेजों से लड़ते हुए कांग्रेस ने उनसे यह सीख ली है. वह वंशवाद करती है. आज देश में ऐसा कोई प्रांत नहीं जहां लड़ाई न हो रही हो, क्‍योंकि कांग्रेस सरकार को इस लड़ाई में वोट बैंक मिलता है. लेकिन बीजेपी ने अपनी राजनीतिक दर्शन, कार्य संस्‍कृति से यह सिद्ध कर दिया है कि वह विकास को स‍मर्पित है.

'गुजरात की बात करता हूं तो कईयों को पेट में दर्द हो जाता है'
अपने संबोधन के दौरान मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा, 'मैं गुजरात की बात नहीं करूंगा, कईयों के पेट में दर्द शुरू हो जाता है. मध्‍य प्रदेश और शिवराज सिंह चौहान की चर्चा करते हुए उन्‍होंने कहा, 'कांग्रेस के समय में एमपी बीमारू राज्‍य माना जाता है. लेकिन आज शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्‍व में यह कलंक मिट गया. एक जमाना था जब पंजाब हरियाणा, यूपी धान की खेती में नंबर वन थे. आज एमपी में गेंहू और चावल का ऐतिहासिक उत्‍पादन हो रहा है. यह वहां के सरकार और किसानों ने किया है.'

'महाराष्‍ट्र में सिंचाई के प्रोजेक्‍ट गड्ढे में'
महाराष्‍ट्र में सिंचाई प्रोजेक्‍ट की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि सारे प्रोजेक्‍ट भ्रष्‍टाचार के गड्ढे में गिर गए हैं. किसान आत्‍महत्‍या कर रहे हैं. वहीं यदि बीजेपी की सरकार होती तो विकास का मंत्र होता. गांवों की जो दुर्दशा है, किसानों की जो दशा है, ऐसे दिन देखने नहीं पड़ते और किसान सुखी होता.

'इनकी हिम्‍मत को देखो साहब!'
कांग्रेस शासित सरकारों में भ्रष्‍टाचार पर चर्चा करते हुए मोदी ने हंसते हुए कहा, 'मैं हैरान हूं, प्रदेश में सरकार कांग्रेस चला रही है. दिल्‍ली में कांग्रेस है. भ्रष्‍टाचार चरम पर है, लेकिन वही लोग भ्रष्‍टाचार के खिलाफ भाषण देते हैं. इनकी हिम्‍मत तो देखो साहब. अभी आदर्श घोटाले की रिपोर्ट आई. उनके नेता के खिलाफ रिपोर्ट है और उसी समय वे भ्रष्‍टाचार पर बोल रहे होते हैं. निर्दोष चेहरा बनाकर.

मुस्लिमों के लिए योजना तो बनी, लेकिन खर्च शून्‍य
नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर संप्रदायवाद की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा, 'कांग्रेस की पूरी जिंदगी संप्रदायवाद, माइनरोटिज्‍म में डूबी हुई है. मनमोहन सिंह की सरकार ने देश में मु‍स्लिम बहुल 90 जिले छांटे. योजनाएं बनाईं. बड़े बजट बनाए. लेकिन संसद में सवाल पूछा तो पता चला खर्च एक रुपया नहीं हुआ. यह धोखे से शिवा और क्‍या है.

चाय वालों का भी जिक्र, कहा- हर गरीब वीआईपी
चाय वालों को वीआईपी पास के संदर्भ में मोदी ने कहा, 'मैं टीवी पर देख रहा था. इस कार्यक्रम में चाय वालों को वीआईपी पास दिया गया है. भाईयों, परिवर्तन शुरू हो गया है. हमारे लिए हर गरीब वीआईपी है.'

मंत्र बने 'श्रम-एव-जयते'
वाराणसी की रैली की ही तरह मोदी ने मुंबई में भी युवाओं का आह्वान किया. उन्‍होंने कहा, 'आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्‍या बेरोजगारी है. इस देश में सबसे अधिक युवाशक्ति है. दुनिया स्किल डवलपमेंट पर ध्‍यान दे रही है, लेकिन यहां सिर्फ समितियां बन रही हैं, जिसमें तीन साल तक मीटिंग नहीं होती. यहां श्रम करने वाले की इज्‍जत नहीं है. हमारा मंत्र होना चाहिए- श्रम एव जयते. यानी श्रम की विजय हो.'

टोल टैक्‍स की कहानी
भ्रष्‍टाचार की बानगी देते हुए मोदी ने टोल टैक्‍स की रोचक कहानी सुनाई. उन्‍होंने कहा कि गुजरात और महाराष्‍ट्र के बीच दो सड़कों पर दोनों ही ओर टोल टैक्‍स लिया जाता है. टोल पर दोनों तरफ बराबर पैसे लिए जाते हैं, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि गुजरात में सब चेकपोस्‍ट तकनीक से लैस हैं और महाराष्‍ट्र में मैनुअल. अब इसका असर यह है कि बीते दस वर्षों में महाराष्‍ट्र में इन टोलटैक्‍स से 437 करोड़ की आमदनी हुई है जबकि गुजरात की इनकम 1470 करोड़ रुपये है. यह कैसे संभव है जबकि एक ही गाड़ी दोनों जगह टैक्‍स भरती है.

फिल्‍म की पढ़ाई के‍ लिए बने यूनिवर्सिटी
मोदी ने बॉलीवुड को देश के लिए एक खजाना बताते हुए कहा कि यह बॉलीवुड का शताब्‍दी वर्ष है. हमारे यहां इतनी मात्रा में फिल्‍में बनती हैं. महाराष्‍ट्र सरकार चाहती तो इस पर सेमिनार करवा सकती थी. फिल्‍मों के इतिहास पर चर्चा होती, रिसर्च होता, लेकिन वह ये मौका गंवा गए. हिंदुस्‍तान में फिल्‍म इंडस्‍ट्री पर यूनिविर्सटी बननी चाहिए, जहां फुलटाइम फिल्‍मों की पढ़ाई हो.

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