मंगलवार, 14 जनवरी 2014

क्या केजरीवाल हिटलर जैसे तानाशाह होने जा रहे हें ?



आप का नकली चेहरा अब उजागर होने लगा है
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तो अदालत को ही दोषी ठहरा दिया
क्या केजरीवाल हिटलर जैसे तानाशाह होने जा रहे हें ?
न कानून मानेंगे, ना संविधान मानेंगे , अदालत को भी सही नहीं मानेंगे , जो हम  कह रहे हें वही सच , बांकी सब गलत हें !
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Sahara Samay न्यूज़
केजरीवाल ने किया कानून मंत्री सोमनाथ भारती का बचाव
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कानून मंत्री सोमनाथ भारती पर लगे आरोपों का बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है.

केजरीवाल के इस बयान के बाद सोमनाथ भारती ने सामने आते हुए पूरे मामले को दुर्भावनापूर्ण करार दिया है. उन्‍होंने कहा कि पार्टी की तरफ से प्रेस कांफ्रेस की जाएगी और मामले को निष्‍पक्ष मीडिया और देश की जनता के सामने रखा जाएगा. हालांकि इससे पहले दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के विवादों में फंसने के बाद बीजेपी ने हमला तेज करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है.

बीजेपी नेता डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को फौरन सोमनाथ को मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए. गौरतलब है कि आप के मंत्री सोमनाथ भारती पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उनपर गंभीर टिप्पणी की है. सोमनाथ भारती पर मुवक्किल का केस लड़ते समय सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप है.

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भ्रष्‍टाचार के मामले में AAP के मंत्री सोमनाथ भारती ने की थी सबूतों से छेड़छाड़
आज तक वेब ब्यूरो [Edited By: मलखान सिंह] | नई दिल्ली, 14 जनवरी 2014

ईमानदार और साफ छवि की वकालत करने वाली आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली सरकार के कानून मंत्री सोमनाथ भारती एक और विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं. दरअसल, पिछले साल सीबीआई ने वकील सोमनाथ भारती पर भ्रष्टाचार के एक मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने और अभियोजन पक्ष के गवाह को प्रभावित करने का आरोप लगा था. इस बाबत पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमनाथ भारती को फटकार भी लगाई थी.

सीबीआई की विशेष अदालत की जज पूनम बाम्बा ने पिछले साल अगस्त में सोमनाथ भारती और उनके क्लाइंट पवन कुमार को फटकारा था. पवन कुमार पर एक भ्रष्टाचार का मामला चल रहा था. 2006 के दौरान स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में कुछ कार्यों के लिए पवन कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप था.

पवन कुमार चाहते थे कि उन्हें बेल मिल जाए और उनके वकील थे सोमनाथ भारती, जो इस समय केजरीवाल कैबिनेट के सदस्य हैं. पवन कुमार को जमानत दिलाने के लिए भारती ने ऐसा काम किया कि कोर्ट को वकील और क्लाइंट दोनों के खिलाफ सख्त शब्द अपनाने पड़े.

सीबीआई ने आरोप लगाया कि पवन कुमार और उनके वकील सोमनाथ ने संबंधित मामले को लेकर फोन पर अभियोजन पक्ष के गवाह से बात की. इसके बाद जज बाम्बा ने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक (हाईली ऑब्जेक्शनेबल) और अनैतिक (अन-एथिकल) है. यही नहीं यह मामला सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश से भी जुड़ता है.

तब अदालत ने पवन कुमार को बेल देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद पवन ने वकील सोमनाथ भारती और प्रशांत भूषण के जरिए दिल्ली हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली. आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार में कानून मंत्री सोमनाथ भारती को पिछले साल अदालत ने फटकार लगाई थी.

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