बुधवार, 19 फ़रवरी 2014

वोट ठगने के लालसा से तेलंगाना निर्माण गलत.....



वोट ठगने के लालसा से तेलंगाना निर्माण गलत.....
हमारे देश में बडे राज्यों से कहीं बेहतर जन सेवा छोटे राज्यों ने साबित की है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र बडे राज्य हैं, यहां असमानता और अव्यवस्था चरम पर है। जेलंगाना का विरोध अनुचित है। कांग्रेस ने इस पर सियात की है, इस कारण मामला और ज्यादा गडबडा गया । छोटे प्रदेश जनेसवा की आवश्यकता है। इसे वोट ठगने के लालच से नहीं किया जाना चाहिये था।

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तेलंगाना बिल लोकसभा में पास
प्रकाशित Wed, फ़रवरी 19, 2014 पर 09:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz
http://hindi.moneycontrol.com/mccode/news/article.php?id=95813
वॉकऑउट और ब्लैकआउट के बीच आखिरकार मंगलवार को लोकसभा से तेलंगाना बिल पास हो गया लेकिन लोकसभा टीवी का प्रसारण रुकवाने और बिल पास करने के तरीके पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। लोकसभा की मंजूरी के बाद आंध्र प्रदेश का बंटवारा हो जाएगा।

तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग एक राज्य का दर्जा देने वाला बिलआज राज्यसभा में पेश हो सकता है। सरकार ने बीजेपी को बिल पास करने के लिए आखिरी वक्त में मना लिया। दरअसल सरकार ने बीजेपी की सीमांध्र के लिए विशेष पैकेज की मांग स्वीकार कर ली। बिल पास होने से पहले इस पर चर्चा जबरदस्त सुरक्षा के बीच हुई। लोकसभा के सारे दरवाजे बंद कर दिए गए और उन पर मार्शल तैनात कर दिए गए क्योंकि निलंबित सांसदों के सदन में घुस आने की आशंका थी। वोटिंग शुरू होने के बाद टीएमसी और जेडीयू सांसद सदन से वॉक आउट कर गए।

तेलंगाना बिल को पास करवाने में बीजेपी ने बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन साथ ही उसने ये साफ कर दिया है कि तेलंगाना मुद्दे पर कांग्रेस का गेम प्लान कुछ और था लेकिन उसने ऐन वक्त पर अपनी रणनीति बदलकर सरकार के इस बिल को पास करवा दिया।

बिल पास करने के तरीके को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी और जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने सरकार की जमकर आलोचना की है। दिनेश त्रिवेदी ने लोकसभा की स्पीकर मीरा कुमार पर जमकर भड़ास निकाली और कहा कि आज लोकतंत्र की हत्या हुई है।

तेलंगाना बिल पास होने से अलग राज्य के समर्थकों में जश्न का माहौल है लेकिन इस विरोध में वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी ने आज आंध्र प्रदेश बंद का आह्वान किया है। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी भी आज इस्तीफा देने वाले हैं। इस्तीफे के औपचारिक ऐलान से पहले उन्होंने विधायकों और कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाई है।

बिल को पास कराने के सरकार के तरीके पर सवाल उठने खड़े हो गए हैं। वाईएसआर कांग्रेस ने नेता जगनमोहन रेड्डी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया है। वहीं तेलंगाना मामले में वित्त मंत्री ने साफ कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं सभी पार्टियों में तेलंगाना को लेकर मतभेद हैं, और इसे सुलझाने की पूरी कोशिश की जा रही है।

अलग राज्य का रास्ता साफ होने के बाद तेलंगाना समर्थकों ने लोकसभा में बिल पास होते ही जश्न मनाना शुरू कर दिया। हैदराबाद में तेलंगाना राष्ट्र समिति के दफ्तर के बाहर समर्थकों ने नाच गाकर खुशियां मनाई। उनका कहना है कि लंबे वक्त से की जा रही उमकी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। उधर तेलंगाना विरोधियों की शिकायत है कि उनके साथ भेदभाव हुआ है। बता दें कि बिल पेश करने से पहले सरकार ने बीजेपी की सीमांध्र के लिए विशेष पैकेज की मांग स्वीकार कर ली थी।
 

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