सोमवार, 10 मार्च 2014

'हिदी हार्टलैंड में मोदी के सामने सभी बौने'



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मोदीजी की सरल कथा............जहाँ तक मैने इनके पारिवारिक जीवन के बारे में सुना है मोदीजी के भाई सरकारी नौकर होकर लोग बताते है कि उनके सहकर्मियों के साथ बड़े ही साधारण तरीके से पहले की तरह ही रहते है उनके व्यवहार से किसी को भी कभी नहीं लगाकि वे मुख्यमंत्री के भाई है..........और अब भी बस से ऑफीस जाते हैं, और उनकी मां आज भी उसी छोटे से घर मे रहती हैं....... "सादगी और आदर्शवाद" इस फैमिली का सिदांत हैं और रही बात मोदी की तो मोदीजी वाकई ईमानदार सख्सियत के व्यक्‍ति हैं........... निडर हैं और इन सबसे बडकर वो सच्चे देश भक्त हैं...............इस कहानी को पड़कर भारत का प्रत्येक नागरिक यही कहेगा ...............मेरे देश का प्रधानमंत्री मोदी ही हो.............जय हिन्द जय भारत.
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'हिदी हार्टलैंड में मोदी के सामने सभी बौने'

टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Mar 10, 2014,
नई दिल्ली
16वीं लोकसभा का चुनाव कई मायनों में पहले के चुनावों से अलग हो सकता है। इस बार सामाजिक ताना-बाना बदलने वाला है। बीजेपी इस चुनाव में ओबीसी से लेकर दलितों तक के वोट में सेंध लगा सकती है। दूसरी तरफ, हिंदी हार्टलैंड में बीजेपी के सामने सभी पार्टियां बौनी साबित हो सकती हैं। पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर द अडवांस स्टडी ऑफ इंडिया (सीएएसआई) के साथ लोक फाउंडेशन द्वारा पूरे देश में किए गए सर्वे के नतीजों से इस बात की जानकारी सामने आई है। पिछले साल सितंबर से दिसंबर के बीच लोक फाउंडेशन की ओर से सीएमआईई ने देश के 24 राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों में रैंडमली 68,500 लोगों का फेस टु फेस इंटरव्यू किया।

सर्वे के मुताबिक, 2014 की शुरुआत में ऑल इंडिया लेवल पर एनडीए 31 पर्सेंट वोट पर कब्जा करने की स्थिति में है। यह 2009 के इलेक्शन में एनडीए के परफॉर्मेंस के मुकबाले काफी बेहतर स्थिति है। 2009 में एनडीए का वोट शेयर महज 21.5% था। 1996 में बीजेपी का वोट शेयर 25.6% था। कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए गठबंधन का वोट शेयर इस बार महज 23% तक सिमट सकता है, जबकि 2009 में यूपीए का वोट शेयर 31.5% था। इस सर्वे के साथ ही पहले भी जितने सर्वे आए हैं उनमें एनडीए को शानदार बढ़त मिली है।

इस सर्वे के मुताबिक, एनडीए का देश के पश्चिम और उत्तर में परचम लहराएगा। बिहार में बीजेपी का वोट शेयर 23 पर्सेंट तक पहुंच जाएगा। यूपी में तो बीजेपी को शानदार बढ़त मिलने वाली है। सर्वे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीजेपी का वोट शेयर 29 पर्सेंट की ऊंचाई तक जाएगा। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से उत्तर प्रदेश में बीजेपी का वोट शेयर 5 से 9 पर्सेंट तक ज्यादा होगा। उत्तर और पश्चिम भारत के उन क्षेत्रों में भी बीजेपी प्रभावी प्रदर्शन कर सकती है, जहां उसका आधार कमजोर रहा है। मुमकिन है कि बिना चुनाव पूर्व अलायंस के बीजेपी के वोट शेयर में बढ़ोतरी ज्यादा सीटों में तब्दील न हो पाए।
बीजेपी ने मोदी को आगे कर चुनाव में रणनीतिक दांव खेला है। इस सर्वे से भी साफ है कि बीजेपी ने मोदी को आगे कर देश में 3 अहम जनसांख्यिकीय पॉइंट्स को बड़े चालाकी से अपनी तरफ आकर्षित किया है। पहला यूथ, दूसरा शहरी आबादी और तीसरा ओबीसी तबका जिससे मोदी ताल्लुक रखते हैं। सर्वे के डेटा से साफ है कि मोदी न सिर्फ इन तबकों को लामबंद कर रहे हैं बल्कि उससे आगे भी जाने में कामयाब हो रहे हैं। आज की तारीख में एनडीए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में यूपीए से मजबूत स्थिति में है। एनडीए ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों के साक्षर वोटर्स में लीड कर रहा है। वहीं निरक्षर वोटर्स में दोनों के बीच कड़ी टक्कर है। 18 से 34 साल को वोटर्स के बीच एनडीए काफी लोकप्रिय है, वहीं यूपीए की स्थिति बुजुर्ग वोटर्स के बीच ठीक है। हिंदी हार्टलैंड में बीजेपी का शानदार परफॉर्मेंस रहने का उम्मीद है।

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