शुक्रवार, 14 मार्च 2014

सर्वे ने खोली आम आदमी पार्टी की पोल : सिर्फ चार सीटें


सर्वे ने खोली आम आदमी पार्टी की पोल
2014-03-14

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले सामने आ रहे सर्वे से आम आदमी पार्टी की उम्मीदें टूटती हुई दिखाई दे रही हैं। 12 राज्यों में 319 सीटों का खाका सामने रखने वाले एनडीटीवी-हंसा रिसर्च सर्वे पर भरोसा किया जाए, तो आम आदमी पार्टी का कोई खास प्रदर्शन नहीं रहने वाला। लेकिन अरविंद केजरीवाल दावा कर रहे हैं कि उन्हें आगामी चुनावों में सौ से ज्यादा सीटें मिलेंगी और वो कांग्रेस को पीछे छोड़ देगी।


भले ही आम आदमी पार्टी देश भर में 300 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ कर यह दावा करे कि वह  सौ से ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रहेगी, लेकिन यह आभास मिल रहा है कि दिल्ली के अलावा दूसरे किसी भी राज्य में वो कई बड़ा करिशमा करते नहीं दिख रहे। इस सर्वे में आम आदमी पार्टी को चार सीटें दी गई हैं, जो सभी दिल्ली से हैं। यहां की सात सीटों में से दो भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई गई हैं। इस सर्वे ने तमिलनाडु में डीएमके को झटका दिया है। इसके मुताबिक वहां 39 लोकसभा सीटों में से 27 एआईडीएमके के खाते में जाएंगी, जबकि सिर्फ दस डीएमके के खाते में दी गई हंै।

सर्वे में 319 सीटों में से एनडीए को 166, यूपीए को 52 और अन्य को 85 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। सर्वे में कहा गया है कि महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन 48 सीटों में से 33 जीतने में कामयाब रहेगा, जबकि कांग्रेस 12 पर सिमट सकती है। सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को भी आगामी लोकसभा चुनावों में एक सीट मिल सकती है। गुजरात में भाजपा को 26 में से 23 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है और कर्नाटक में वह 28 में से 21 पर जीत हासिल कर सकती है।

मध्य प्रदेश में भाजपा को 29 में से 24 सीटें मिलने की उम्मीद है और कांग्रेस को केवल चार सीट मिलने की संभावना जताई गई है। बिहार में ‌नीतीश को झटका देते हुए भाजपा-एलजेपी 40 में से 23 सीट जीत सकती हैं। कांग्रेस-आरजेडी को 11 और जेडी यू को केवल 5 सीट मिल सकती हैं। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में 42 में से 32 सीट मिलने की उम्मीद है। राज्य में वाम दलों को 9 सीट और कांग्रेस को एक सीट मिल सकती है। सर्वे में 42 फीसदी लोगों ने अगले प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को चुना। दूसरे पायदान पर कांग्रेस के राहुल गांधी रहे, जिन्हें 27 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया।

------------
Manish Arora · University of Delhi
AAJ TAK NAAM NAHI LIYA JISPE SHAHID BHAGAT SINGH KI SHAHADAT KA SODA KAR RAHA THA, DUNIA NE DEKHA OR SUNA HAI - PER HAD SE JAYADA GIRA OR BESHARAM HO TO USKA KUCH NAHI KAR SAKTE. YE LOGO KE VIVEK OE EMOTION SE KHELKAR FAYADA UTHANE WALI PARTY HAI " JITNE MOKA PRAST THAI WO BHAR LIYE, JINE SUCH PATA CHAL GAYA WO CHOR KEHKE NIKAL DIYE

-------------
AAP नेताओं ने उजागर किए बिकाऊ चैनलों के नाम
http://www.punjabkesari.in/news/article-226809
Friday, March 14, 2014
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और आशुतोष की आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में काफी हंगामा हुआ। इस दौरान उन्होंने उन टीवी चैनलों के नाम भी उजागर कर दिए, जिन पर पार्टी पैसे लेकर नरेंद्र मोदी के पक्ष में खबरें प्रसारित करने का आरोप लगा रही है। पार्टी नेताओं संजय सिंह और आशुतोष ने तीन समाचार चैनलों को 'पेड मीडिया घराने ' बताते हुये कहा कि हम इन तीनों के खिलाफ सबूत के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करेंगे।

इससे पहले पार्टी संयोजक अरविंक केजरीवाल ने कहा था कि कुछ चैनल बिके हुए हैं और हम सत्ता में आए तो उनके खिलाफ जांच कर उन्हें जेल में डाल देंगे। आज जब मीडियावालों ने उन चैनलों के नाम उजागर करने को कहा, जो पैसा लेकर केजरीवाल के खिलाफ खबरें दिखा रहे हैं, तो संजय सिंह ने बताया कि जी न्यूज, इंडिया टीवी, इंडिया न्यूज और टाइम्स नाउ ऐसा कर रहे हैं और पार्टी इनकी शिकायत चुनाव आयोग से करेगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी ने भारतीय प्रेस परिषद से 'पेड मीडिया' से सबंधित रिपोर्टों की जांच कराने की मांग की है। संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने पूरी मीडिया के बारे में नहीं कहा था बल्कि उन्होंने कहा था कि मीडिया का एक हिस्सा बिका हुआ है। इसके अलावा वह इसमें यह भी जोडऩा चाहते हैं कि कई पत्रकार एवं संपादक ईमानदार है और अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन हम पेड मीडिया की जांच कराये जाने की मांग करते हैं।

गौरतलब है कि एक टेलीविजन चैनल ने केजरीवाल के एक बयान की वीडियो प्रसारित किया है जिसमें केजरीवाल को यह कहते हुये दिखाया गया है कि सारी मीडिया बिकी हुई है और अगर उनकी सरकार आयी तो इसकी जांच करायी जायेगी और मीडिया के लोगों को जेल भेजा जाएगा। हालांकि वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं कहा।  इस बीच केजरीवाल के विवादास्पद बयान को लेकर मीडिया, सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारे में तीव्र प्रतिक्रिया का दौर शुरू हो गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें