रविवार, 6 अप्रैल 2014

चंद्रबाबू नायडू , भाजपा के बीच गठबंधन




तेदेपा की राजग में वापसी, सीटों पर हुआ समझौता
हैदराबाद, एजेंसी
06-04-2014
तेलुगू देसम पार्टी (तेदेपा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गई और आगामी लोकसभा चुनाव एवं आंध्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के सीटों का तालमेल का ऐलान किया।
बीते एक पखवाड़े से चली आ रही बातचीत के बाद तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर के बीच आज दोनों दलों के बीच गठबंधन की घोषणा की। अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने दोनों दलों के बीच मध्यस्थता कराई।
उन्होंने कहा कि मैं आपको प्रसन्नता के साथ यह सूचित करता हूं कि नायडू की पार्टी राजग में शामिल हो गई है। दोनों दलों के बीच तालमेल के अनुसार भाजपा सीमांध्र क्षेत्र में लोकसभा की पांच और विधानसभा की 15 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, तेलंगाना क्षेत्र में लोकसभा की 8 और विधानसभा की 47 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
तेदेपा और भाजपा के बीच गठबंधन को भाग्यशाली करार देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि राजग को इस बार 300 से अधिक सीटें मिलेंगी। नायडू ने कहा कि मोदी विकास पुरुष हैं। धर्म, क्षेत्र और समुदायों से ऊपर उठकर मोदी को समर्थन मिल रहा है। हमारा मकसद कांग्रेस मुक्त भारत और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का है।
तेदेपा पहले भी राजग का हिस्सा रही है, लेकिन गुजरात दंगों के मुद्दे पर वह इस गठबंधन से बाहर हो गई। सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर नायडू और जावड़ेकर ने कहा कि यह गठबंधन राष्ट्रीय हित में किया गया है और दोनों दलों के टिकट के अकांक्षी अच्छी भावना के साथ सहयोग करेंगे। एक सवाल के जवाब में नायडू ने कहा कि दोनों दल चुनाव के लिए साझा प्रचार अभियान चलाएंगे।

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मोदी को मिला नया साथी
आईबीएन-7 | Apr 06, 2014

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की अगुआई वाले एनडीए को एक और साथी मिल गया है। सीमांध्र और तेलंगाना में तेलुगू देशम पार्टी यानी टीडीपी और बीजेपी ने गठबंधन कर लिया। बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर, अकाली नेता नरेश गुजराल और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन का ऐलान किया।
बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए को चुनाव से पहले बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। चंद्रबाबू नायडू की तेलुगुदेशम की एनडीए में वापसी हो गई है। दोनों पार्टियां सीमांध्र और तेलंगाना में मिलकर चुनाव लड़ेंगी। तेलुगु देशम पार्टी के नेता चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के साथ चुनावी समझौते की घोषणा की। दोनों पार्टियों के बीच करीब दो हफ़्तों से चुनावी गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही थी। अब तक गठबंधन नहीं हो पा रहा था क्योंकि तेलुगु देशम को बीजेपी की ज़्यादा सीटों की मांग पर एतराज़ था।
फिलहाल बीजेपी सीमांध्र की 25 में से पांच लोकसभा सीटों और 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि तेलंगाना में वो 17 में से आठ लोकसभा सीटों और 47 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इस गठबंधन को अंतिम रूप देने में अकाली दल के नरेश गुजराल की बड़ी भूमिका रही।
चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को बाहर से समर्थन दिया था। हालांकि 2004 में उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा लेकिन लोकसभा और विधानसभा चुनावों में हार के बाद दोनों दल अलग हो गए थे। वही, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि टीडीपी और बीजेपी पहले से ही साथ थे, हमें कोई आश्चर्य नहीं हुआ।
बीजेपी तमिलनाडु में एक बेहतर गठबंधन की संभावना पहले ही तलाश चुकी है। इसके अलावा कर्नाटक में भी कांग्रेस से अपनी खोई जमीन को वापस लेने की कोशिश में बीजेपी में येदुरप्पी की वापसी हो चुकी है. ऐसे में, बीजेपी का मानना है कि टीडीपी के साथ गठबंधन उसे दक्षिण भारत में फायदा पहुंचा सकता है।
उधर गठबंधन तय होने के बाद टीडीपी में इसका विरोध भी शुरू हो गया है। हैदराबाद में टीडीपी नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। ये नेता बीजेपी से टीडीपी के गठबंधन को लेकर विरोध कर रहे थे।

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