मंगलवार, 20 मई 2014

नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिया सरकार बनाने का न्योता



नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिया सरकार बनाने का न्योता, 26 को लेंगे शपथ
20 मई  2014
http://khabar.ndtv.com/news/election/narendra-modi-to-become-indias-prime-minister-on-may-26-388850?update=1400585807
नई दिल्ली: बीजेपी के बाद एनडीए ने नरेंद्र मोदी को आम राय से संसदीय दल का नेता चुन लिया, जिसके बाद एनडीए के नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर 335 सासंदों के समर्थन का पत्र राष्ट्रपति को सौंप सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके बाद राष्ट्रपति से नरेंद्र मोदी मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने नरेंद्र मोदी को सरकार बनाने का न्योता दिया। अब नरेंद्र मोदी 26 मई को शाम 6 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण समारोह में 3000 मेहमान शिरकत करेंगे।
संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी ने अपने एनडीए के सहयोगियों से कहा कि यह सरकार सब की है। सबको मिलकर सरकार चलानी है।

उन्होंने आंध्र प्रदेश से आए चंद्रबाबू नायडु का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पूर्ण बहुमत से चुने जाने पर बधाई। शिव सेना प्रमुख ने मोदी से कहा कि पूरा महाराष्ट्र आपके साथ है। वहीं तमाम एनडीए के अन्य दलों के नेताओं को भी मोदी ने धन्यवाद दिया।

बीजेपी संसदीय दल की बैठक में आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने नरेंद्र मोदी के नाम का प्रस्ताव किया, जिसका मुरली मनोहर जोशी, वेेंकैया नायडू, नितिन गडकरी, सुषमा स्वराज, करिया मुंडा, अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद और मुख्तार अब्बास नकवी ने अनुमोदन किया, जिसके बाद मोदी आम राय से बीजेपी संसदीय दल के नेता चुन लिए गए।

नरेंद्र मोदी आज पहली बार संसद भवन पहुंचे थे। वहां पहुंचकर उन्होंने पहले सीढ़ियों पर माथा टेका और फिर आगे बढ़े।

अब बात उस मंत्रिमंडल की, जो गुजरात भवन से लेकर केशव कुंज और राजनाथ सिंह के घर तक बनाया जा रहा है। हालांकि यह बनेगा सिर्फ एक शख्स के इशारे पर और वह हैं नरेंद्र मोदी। वह जिसे चाहेंगे, वह मंत्री होगा। उनके पास एक विराट बहुमत है। 282 सीटें बीजेपी की हैं और एनडीए के बाकी दो दर्जन दलों से ज्यादा दलों की कुल साढ़े तीन दर्जन से कुछ ज्यादा सीटें।

ऐसा विराट बहुमत काम आसान भी करता है और मुश्किल भी। मोदी जिसे चाहें चुन लें, लेकिन जिसे छोड़ेंगे वह कुछ दुखी होगा। सवाल यह भी है कि उनकी सरकार में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की नुमाइंदगी करने वाले चेहरे कौन होंगे। फिलहाल यह बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी गृह मंत्रालय भी अपने पास रख सकते हैं, हालांकि बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह भी यह महकमा चाहते हैं, लेकिन अगर वे सरकार में शामिल हुए तो उन्हें रक्षा मंत्रालय दिया जा सकता है। वैसे पार्टी के भीतर कैबिनेट को लेकर ऐसी अटकलों पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

वित्त मंत्रालय को लेकर अरुण शौरी और अरुण जेटली का नाम सामने आ रहा है। हालांकि शौरी को शामिल करने पर मोदी को विरोध झेलना पड़ सकता है।

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