गुरुवार, 26 जून 2014

आपातकाल बंदियों को माना जाएगा स्वतंत्रता सेनानी - नरेन्द्र मोदी







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आपातकाल बंदियों को माना जाएगा स्वतंत्रता सेनानी
Posted On June - 25 - 2014
नयी दिल्ली, 25 जून (भाषा)
सरकार आपातकाल के दौरान बंदी बनाए गये लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के समकक्ष मान्यता देकर उचित सम्मान दिलाने तथा भत्ता या पेंशन देने की मांग पर विचार कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस संबंध में राज्यसभा सांसद केसी त्यागी के पत्र का जवाब देते हुए कहा, ‘आपका पत्र प्राप्त हुआ जो आपात काल के दौरान बंदी बनाए गये लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के समकक्ष मान्यता देकर उचित सम्मान दिलाने एवं भत्ता या पेंशन देने के संबंध में है। मैं इस मामले पर गौर करवा रहा हूं।’
त्यागी ने आपातकाल में मीसा के तहत बंद शिव कुमार मिश्र के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मिश्र ने केन्द्र सरकार से आपातकालीन बंदियों को स्वतंत्रता सेनानियों के समकक्ष मान्यता देकर उनको सम्मानित करने और उनको स्वाधीनता सेनानियों के बराबर भत्ता या पेंशन देने का निवेदन किया है।
आज आपातकाल की 39 वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि स्वाधीन भारत में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में यह जन आंदोलन चला था, जिससे देश में लगे आपातकाल को हटाया गया था एवं प्रेस तथा देश की आजादी को पुन: स्थापित किया गया था।
इस आंदोलन में देश के राजनेता एवं आम जनता ने पूरी ताकत के साथ भाग लिया था।
त्यागी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया था कि वह मिश्र द्वारा उठाये गये मुद्दे पर संज्ञान लेकर आपातकाल के कैदियों को उचित सम्मान दिलाने के लिए निर्देशित करें।
मिश्र ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में जिक्र किया है कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात सरकारों ने आपातकालीन बंदियों को मानदेय देना शुरू किया है। बिहार में जयप्रकाश सम्मान निधि के नाम से आपातकालीन बंदियों को मानदेय की व्यवस्था है। उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को तीन हजार रुपए मानदेय प्रति माह देना शुरू किया गया है। तमिलनाडु और पंजाब में मानदेय दिया जा रहा है।

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