शनिवार, 28 जून 2014

भाई-भतीजावाद से बचकर रहें - नरेंद्र मोदी



बीजेपी के नए सांसदों को नसीहत, 
भाई-भतीजावाद से बचकर रहें - नरेंद्र मोदी
Akhilesh Sharma जून 28, 2014

सूरजकुंड: लोकसभा में पहली बार चुनकर आए बीजेपी के डेढ़ सौ से भी ज्यादा सांसदों को दिल्ली−हरियाणा के पर्यटन स्थल सूरजकुंड के एक होटल में आज से दो दिनों की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से हुई, जो खुद पहली बार चुनकर लोकसभा पहुंचे हैं।
सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा कि सभी सांसदों को एक−दूसरे के संपर्क में रहना चाहिए और सभी के पास एक-दूसरे के मोबाइल नंबर जरूर होने चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सांसद अपने आचार, विचार और व्यवहार का ध्यान रखें।

सूत्रों के मुताबिक पीएम ने कहा कि सांसदों और पार्टी नेताओं को बयानों से दूर होकर अपने काम पर फोकस करना होगा। पीएम ने कहा, मैं भी पहली बार जीता हूं, मैं भी नया हूं, मुझे भी अपने सीनियर्स से सीखना है...आप भी उनके अनुभव का लाभ लें, भाई−भतीजावाद और करप्शन सबसे गंभीर समस्या है, इससे सबको दूर रहना होगा...

बीजेपी ने अपने नए सांसदों को दी जा रही ट्रेनिंग के दौरान एक प्रेस नोट जारी किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों का जिक्र किया गया है।

इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा कि संसद सदस्य के तौर पर हम सबको अपने काम को गंभीरता से करना चाहिए। याद रखें, लोग आपके काम को सदन के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी देख रहे हैं। हमारा विपक्ष से सत्ता की तरफ जाना महज कुछ कदम चलना नहीं है, यह बहुत महत्वपूर्ण बदलाव है और हमलोगों को विपक्ष की मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए। हम एक परिवार की तरह हैं और हम सभी एक लक्ष्य के लिए काम कर रहे हैं। नए दोस्त बनाने की कोशिश करें, एक−दूसरे से सीखें और आपसी सहयोग की भावना से काम करें।

आज के सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह के अलावा केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज और अरुण जेटली का संबोधन भी है। इस सत्र का समापन कल यानी रविवार को लालकृष्ण आडवाणी के भाषण से होगा।

इस दौरान बीजेपी के 161 नए सांसदों को कई गुर सिखाए जाएंगे। उन्हें संसद में और उसके बाहर किस तरह से व्यवहार करना है, इसकी खास तौर पर ट्रेनिंग दी जाएगी। अपने निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की उम्मीदों पर खरा उतरना, उनके अपने क्या अधिकार और जिम्मेदारियां हैं, ऐसे तमाम विषय हैं, जिन पर पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने नए सांसदों को समझाएंगे।

परंपरागत और सोशल मीडिया से किस तरह का संबंध रखना है, इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर देंगे, जबकि पार्टी के विचारक विनय सहस्त्रबुद्धे सरकार और संगठन के बीच तालमेल बनाने के बारे में सांसदों को विस्तार से जानकारी देंगे।

इससे पहले संसद भवन के सेंट्रल हॉल में पार्टी के संसदीय दल की पहली बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से कहा था कि वे उनके पैर न छुएं। मोदी ने सांसदों को हर विषय की विस्तार से तैयारी करने और उसके बाद ही उस पर बोलने की नसीहत भी दी थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा था कि सांसदों को 'राष्ट्र के नाम संदेश' देने से बचना चाहिए। माना गया कि उनका इशारा ये था कि सांसद हर विषय पर मीडिया में बोलने से बचें और सिर्फ उन्हीं विषयों पर अपनी बात रखें जिनकी उन्हें समझ है। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने सांसदों से कहा था कि किसी भी कागज पर दस्तखत करने से पहले उसे ठीक से पढ़ें। सर्वेंट क्वार्टर को किराए पर न दें और अनजाने व्यक्तियों से मुलाकात में सावधानी रखें। रविवार शाम चार बजे पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी के मार्गदर्शन के साथ यह पाठशाला समाप्त हो जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें