शुक्रवार, 25 जुलाई 2014

अटॉर्नी जनरल : विपक्ष के नेता के पद की हकदार नहीं कांग्रेस


विपक्ष के नेता के पद की हकदार नहीं कांग्रेसः अटॉर्नी जनरल
नवभारतटाइम्स.कॉम | Jul 25, 2014,
नई दिल्ली
भारत के अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा है कि कांग्रेस को लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद नहीं मिलना चाहिए। रोहतगी ने कहा है कि इसके लिए कोरम के बराबर यानी लोकसभा में कम से कम 10 फीसदी सीटें पार्टी के पास होनी चाहिए, तभी किसी पार्टी को नेता विपक्ष का पद मिल सकता है। सरकार ने इस मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल से राय मांगी थी।

कांग्रेस ने अटॉर्नी जनरल की राय को अहमियत न देते हुए कहा है कि उनकी राय कोई बंधन नहीं है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि अटॉर्नी जनरल की राय मानने के लिए संसद बाध्य नहीं है। उन्होंने कहा कि अटॉर्नी जनरल की राय से कांग्रेस की मांग की अहमियत कम नहीं होती और सदन में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी को मान्यता मिलनी ही चाहिए।

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हए कहा कि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को तटस्थ होकर संसद में विपक्ष की आवाज को उठने देना चाहिए। राज्य सभा में विपक्ष के नेता आजाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार को इस संबंध में उदार होना चाहिए, खासतौर पर ऐसे समय में जबकि केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

आजाद ने राष्ट्रपति भवन में एक समारोह से बाद कहा, 'लोकतंत्र में असहमति का स्वर बहुत महत्व रखता है। अगर संसद में असहमति की आवाज नहीं सुनी जाती तो यह वास्तविक लोकतंत्र नहीं कहलाएगा। बाहर लोकतंत्र है, संसद के भीतर भी लोकतंत्र होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद में विरोध की आधिकारिक आवाज नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) के माध्यम से उठाई जाती है।

उन्होंने कहा, 'हमने सोचा था कि सरकार उदारता दिखाएगी और हमें नेता प्रतिपक्ष का पद दे देगी। उन्हें उदार होना चाहिए और विपक्ष को आवाज उठाने के लिए एलओपी का पद देना चाहिए। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं दिया गया।'
वैसे, 1984 में राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने भी किसी को नेता, विपक्ष का पद नहीं दिया था। तब कांग्रेस को 415 सीटें मिली थीं। 1969 तक तो विपक्ष इतना छोटा था कि किसी को नेता, विपक्ष बनाया ही नहीं गया था।
- 1984 में कांग्रेस सरकार ने भी किसी को नेता, विपक्ष का पद नहीं दिया था अब 30 साल बाद उनकी भी वही हालत हो गई
- 1984 मे जब कांग्रेस ने नहीं दिया तो अब किस मुह से मांग रहे हैं. अगर एनडीए नहीं दे रहा तो, इतना गिड़गिड़ाना क्यों? कुछ तो आत्मसम्मान भी होता है. परंतु पार्टी तो बहुत ही बेगैरत है.

The Lok Sabha had no recognised Leader of the Opposition until 1969 (Except AK Gopalan in the First Lok Sabha).

नामपार्टीटर्मलोकसभा
खालीकोई आधिकारिक विपक्षी [7]4 मार्च 1967 - 26 जनवरी 1952प्रथम
दूसरा
तीसरा
खालीकोई आधिकारिक विरोध12 दिसंबर 1969 - 4 मार्च 1967चौथा
राम Subhag सिंहभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ)27 दिसंबर 1970 - 17 दिसंबर 1969
खालीकोई आधिकारिक विरोध31 जून 1977 - 27 दिसंबर 1970पांचवें
वाई बी चव्हाणभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस1 जुलाई 1977- 11 अप्रैल 1978छठी
मुख्यमंत्री स्टीफन9 जुलाई, 1979 - 12 अप्रैल 1978
वाई बी चव्हाण10-28 जुलाई 1979
जगजीवन रामजनता पार्टी29 जुलाई - 22 अगस्त 1979
खालीकोई आधिकारिक विपक्षी [7]22 अगस्त 1979 - 18 दिसंबर 1989सातवीं
आठवीं
राजीव गांधीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस23 दिसंबर 1990 - 18 दिसंबर 1989नौवीं
लालकृष्ण आडवाणीभारतीय जनता पार्टी13 मार्च 1991 - 24 दिसंबर 1990
26 जुलाई 1993 - 21 जून 1991दसवीं
अटल बिहारी वाजपेयी10 मई 1996 - 26 जुलाई 1993
पी.वी. नरसिंह रावभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस16-31 मई 1996ग्यारहवें
अटल बिहारी वाजपेयीभारतीय जनता पार्टीJune 1996 1 - 1997 4 December
शरद पवारभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस26 अप्रैल 1999 - 19 मार्च 1998बारहवें
सोनिया गांधी13 अक्टूबर 1999 - फ़रवरी 6, 2004तेरहवें
लालकृष्ण आडवाणीभारतीय जनता पार्टी18 मई 2009 - 22 मई 2004चौदहवीं
सुषमा स्वराज19 मई 2014 - 21 दिसंबर 2009पंद्रहवीं
खालीकोई आधिकारिक विरोध4 जून 2014 - वर्तमान दिनसोलहवीं
स्रोत: 

List of Leaders of the Opposition in Rajya Sabha


In Rajya Sabha until 1969, there was no Leader of the Opposition in real sense of the term. Till then, the practice was to call the Leader of the party in Opposition having the largest number of the members as the Leader of the Opposition, without according him any formal recognition, status or privilege. The office of Leader of the Opposition was given official recognition through the Salary and Allowances of Leaders of the Opposition in Parliament Act, 1977. This Act defines the Leader of the Opposition in Rajya Sabha, as a member of the Council of States who is, for the time being, the Leader in that House of the party in opposition to the Government constituting the greatest numerical strength and recognized as such by the Chairman of the Council of States. Thus, the Leader of the Opposition should satisfy three conditions, namely, (i) he should be a member of the House (ii) the Leader in Rajya Sabha of the party in opposition to the Government having the greatest numerical strength and (iii) be recognized as such by the Chairman, Rajya Sabha.

Following members have been the Leaders of the Opposition in the Rajya Sabha.

नामपार्टीटर्म
1श्याम नंदन प्रसाद मिश्रभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ)December 1969 - 1971 March
2एमएस GurupadaswamyMarch 1971 - 1972 April
3Kamalapati त्रिपाठीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस15 फ़रवरी 1978 - 30 मार्च 1977
4भोला पासवान शास्त्रीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (ओ)24 फ़रवरी 1978 - 23 मार्च 1978
5Kamalapati त्रिपाठीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस8 जनवरी 1980 - 23 मार्च 1978
6लालकृष्ण आडवाणीभारतीय जनसंघ7 अप्रैल 1980 - 21 जनवरी 1980
7पी शिवशंकरभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस18 दिसंबर 1989 - जनवरी 2, 1991
8एमएस Gurupadaswamyजनता दल28 जून - 21 जुलाई 1991
9एस जयपाल रेड्डी29 जून 1992 - 22 जुलाई 1991
10सिकंदर बख्तभारतीय जनता पार्टी23 मई 1996 - 7 जुलाई 1992
11Shankarrao चव्हाणभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस1 जून, 1996 - 23 मई 1996
12सिकंदर बख्तभारतीय जनता पार्टीJune 1996 1 - 1998 19 March
13मनमोहन सिंहभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस21 मई 2004 - 21 मार्च 1998
14जसवंत सिंहभारतीय जनता पार्टीJune 2004 3 - 2009 16 May
15अरुण जेटलीJune 2009 3 - 2014 26 May
16गुलाम नबी आजादभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस8 जून 2014 - अवलंबी

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