सोमवार, 7 जुलाई 2014

स्विट्जरलैंड अनैतिक और आपराधिक शत्रु राष्ट्र जैसा


***** स्विट्जरलैंड अनैतिक और आपराधिक शत्रु राष्ट्र जैसा*****
स्विट्जरलैंड को दुश्मन देश घोषित करना चाहिए और एक राष्ट्र के रूपमें उसकी मान्यता भी समाप्त करवानी चाहिए । जो देश किसी दूसरे देश कइ सत्ता शत्रु जैसा व्यवहार करे वह मित्र कैसे हो सकता है !  स्विट्जरलैंड के बैंकों को किसी भी देश में आर्थिक अपराधों को बढावा देने और कर चोरी में षड्यंत्रकारी बनाने का अधिकार किसने दे दिया । इसे शत्रु राष्ट्र घोषित करें और इसकी कालाधन संबंधी गतिविधियों को देश पर हमला घोषित करें !
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काले धन पर स्विस बैंक का दो टूक जवाब-
जो उचित है वहीं अनुरोध करें भारत
http://www.aapkisaheli.com
Source : Ashish

नई दिल्ली/ज्यूरिख। काले धन की जांच में सहयोग को लेकर भारत के बढ़ते दबाव के बीच स्विट्जरलैंड के बैंकों ने कहा है कि वे नियमों का क़डाई से पालन करते हैं। भारत को इस संबंध में पूरी तरह न्यायोचित अनुरोध ही करना चाहिए।

एसोसिएशन ऑफ फॉरेन बैंक्स इन स्विट्जरलैंड का भी मानना है कि स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति अपना कर आशंकाओं को दूर किया जा सकता है। उसने कहा है कि केवल अटकलों के आधार पर सार्वजनिक चर्चा नहीं की जानी चाहिए। यह एसोसिएशन चार दशक से अधिक पुराना समूह है।

विदेशों में स्थित बैंकों में जमा कालाधन वापस लाने के लिए भारत ने हाल ही में ऎसे लोगों के बैंक खाता ब्योरा हासिल करने के संबंध में स्विट्जरलैंड को एक नया अनुरोध पत्र भेजा है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंकिंग प्राधिकरण, स्विस नेशनल बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस बैंकों में भारतीय धन पिछले साल 43 प्रतिशत बढ़ कर करीब 2.03 अरब फ्रैंक (14,000 करो़ड रूपये) पहुंच गया।

भारत को समझना चाहिए कि एक न्याय की समुचित प्रणाली और कानून के शासन के रूप में स्विट्जरलैंड की छवि को हाल में गंभीर नुकसान हुआ है। इसका कारण वित्तीय मामले नहीं हैं, अन्य मामलों में भी इसके छींटे प़डते हैं।

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