सोमवार, 4 अगस्त 2014

नरेंद्र मोदी ने किया भगवान पशुपति का रुद्राभिषेक





मोदी ने किया भगवान पशुपति का रुद्राभिषेक

नवभारतटाइम्स.कॉम | Aug 4, 2014    काठमांडू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी नेपाल यात्रा के दूसरे दिन विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में विशेष पूजा की। पीएम मोदी सोमवार सुबह 9 बजे पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे और भगवान शिव के इस मंदिर में रुद्राभिषेक किया।यूनेस्को विश्व सांस्कृतिक विरासत स्थल की सूची में शामिल भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर नेपाल में शिव का सबसे पवित्र मंदिर माना जाता है। पशुपतिनाथ मंदिर में पीएम मोदी की पूजा इस वजह से भी खास है, क्योंकि इससे पहले किसी राजनेता ने इस तरह की पूजा में हिस्सा नहीं लिया है।
मोदी ने पशुपतिनाथ मंदिर की जिस पूजा में हिस्सा लिया, उसमें सिर्फ नेपाल राजघराने के लोग ही शामिल होते हैं। इस पूजा के दौरान राजघराने के लोगों के अलावा सिर्फ पुजारी होते हैं। राजघराने की ओर से सहमति जताने के बाद मोदी पूजा में शामिल हुए।

नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर को भारत की ओर से 2501 किलोग्राम चंदन भेंट किया गया है। मंदिर में पूजा करने के बाद पीएम मोदी होटेल के लिए रवाना हो गए। पीएम का नेपाल के राष्ट्रपति रामबरन यादव से मुलाकात का कार्यक्रम है। इस मीटिंग के बाद मोदी नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार और माओवादी नेता प्रचंड से भी मिलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेपाल के मधेसी नेताओं और कारोबारियों से भी मिलने का कार्यक्रम है। शाम करीब साढ़े पांच बजे मोदी दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

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भारत अब अपनी एक पहचान बनाने की दिशा में बढ रहा है. भारत का स्वर्णिम युग 1500 साल पूर्व था. उसके बाद से विदेशी आक्रमण और विदेशी शाशन से देश ने अपनी पहचान ही खो दी थी. दूसरे देशों की भाषाओं और सभ्यताओं की नकल करते करते भारत का अस्तित्व ही जैसे समाप्त हो गया था. लोगों को अपनी संस्कृति और भाषा से लगाव बढना चाहिये, देशवासियों को देशवासी या किसी विदेशी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिये जो देश की प्रतिष्ठा को ठेस दे. हम अवश्य ही एक महान भारत बनायेंगे.
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भारत का सौभाग्य है कि देश को मोदी जैसा पीएम मिला है जिसकी प्राथमिकता पड़ोसियों से संबंध सुधारने की है ।
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पशुपतिनाथ की दर पर मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की अपनी पहली यात्रा के दूसरे और आखिरी दिन सोमवार को पांचवीं सदी के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. भगवान शिव के मंदिर में मोदी करीब 45 मिनट तक रहे. मोदी ने पशुपतिनाथ मंदिर में श्रावण महीने के सोमवार के दिन दर्शन किए, जिसका धार्मिक तौर पर काफी महत्व है. उन्होंने पशुपतिनाथ मंदिर ट्रस्ट को 2501  किलोग्राम चंदन दान किया.

बाद में मध्य युग तक मंदिर की कई नकलों का निर्माण कर लिया गया. ऐसे मंदिरों में भक्तपुर (1480), ललितपुर (1566) और बनारस (19वीं शताब्दी के प्रारंभ में) शामिल हैं. मूल मंदिर कई बार नष्ट हुआ. इसे वर्तमान स्वरूप नरेश भूपलेंद्र मल्ला ने 1697 में प्रदान किया. स्थानीय किंवदंती विशेष तौर पर नेपालमहात्म्य और हिमवतखंड के अनुसार भगवान शिव एक बार वाराणसी के अन्य देवताओं को छोड़कर बागमती नदी के किनारे स्थित मगस्थली चले गए. भगवान शिव वहां पर चिंकारे का रूप धारण कर निद्रा में चले गए. जब देवों ने उन्हें खोजा और उन्हें वाराणसी वापस लाने का प्रयास किया, तो उन्होंने नदी के दूसरे किनारे पर छलांग लगा दी. इस दौरान उनका सींग चार टुकड़ों में टूट गया. इसके बाद भगवान पशुपति चतुर्मुख लिंग के रूप में प्रकट हुए.
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