शनिवार, 20 दिसंबर 2014

भारत की जमीन है पाकिस्तान - संघ प्रमुख परमपूज्य मोहनजी भागवत




     भारत की जमीन है पाकिस्तान- आरएसएस प्रमुख परमपूज्य मोहन जी भागवत

aajtak.in [Edited By: रंजीत सिंह] | कोलकाता, 20 दिसम्बर 2014
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धर्मांतरण पर संघ की ओर से अब तक का सबसे बड़ा बयान आया है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने घर वापसी को सही ठहराया. उन्होंने पाकिस्तान को भारत की जमीन बताया और कहा कि पाकिस्तान परमानेंट नहीं है. केंद्र द्वारा प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी बिल की वकालत करते हुए भागवत ने विपक्षी दलों से कहा कि अगर वे धर्म परिवर्तन पसंद नहीं करते तो संसद में कानून बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू नहीं बनना चाहता तो इसी तरह हिंदुओं का भी धर्म परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए.

भागवत ने यहां एक हिंदू सम्मेलन में कहा, 'हम हिंदू समाज बनाने का प्रयास कर रहे हैं. जो लोग भटक गए हैं वे खुद से नहीं गए. उन्हें लालच दिया गया और उन्हें जबरन ले जाया गया. जब चोर पकड़ा जा रहा है और मेरी संपत्ति बरामद हो गई है, जब मैं अपनी संपत्ति वापस ले रहा हूं तो इसमें नया क्या है?' उन्होंने कहा, 'अगर आप इसे पसंद नहीं करते तो इसके खिलाफ कानून बनाइए. आप इसे नहीं लाना चाहते. अगर आप हिंदू नहीं बनना चाहते तो आपको भी हिंदुओं का धर्म नहीं बदलना चाहिए. हमारा रुख दृढ़ है.'

भागवत ने कहा, 'डरने की जरूरत नहीं है. हम अपने देश में हैं. हम घुसपैठिया नहीं हैं. यह हमारा देश है, हमारा हिंदू राष्ट्र. कोई हिंदू अपनी जमीन नहीं छोड़ेगा. पहले जो हम खो चुके हैं उसे हम वापस लाने का प्रयास करेंगे. हिंदुओं के उत्थान से किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. जो लोग हिंदुओं के उत्थान के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं वे स्वार्थी हैं और उनके निहित स्वार्थ हैं.

आरएसएस प्रमुख ने ने कहा कि हिंदू समाज किसी को दबाने में विश्वास नहीं करता है. भागवत ने कहा, 'बांग्लादेश या पाकिस्तान की तरफ से किए जा रहे अपराधों को हिंदू बर्दाश्त करते रहे हैं. हमारे भगवान कहते हैं कि सौ अपराधों के बाद हिंदुओं के खिलाफ अपराध को बर्दाश्त मत करो.' उन्होंने कहा कि बंटवारे से पहले पाकिस्तान भी भारत का हिस्सा था और वहां हिंदुओं की ज्यादा उपस्थिति नहीं है इसलिए पाकिस्तान शांति से नहीं रह सकता.

भागवत ने कहा, 'जब तक हिंदू यहां भारत में हैं, तब तक वह देश है. अगर वहां हिंदू नहीं होते तो यहां रहने वाला हर आदमी कष्ट में होता.' उन्होंने कहा कि अपनी संपति और गरिमा बचाने के लिए हिंदू काफी मजबूत हैं. उन्होंने कहा, 'पूरी दुनिया की बेहतरी के लिए मजबूत हिंदू समाज की जरूरत है.'

(भाषा से इनपुट)
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परमपूजनीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी ने आज कोलकाता में विश्व हिन्दू परिषद् द्वारा आयोजित सम्मेलन में कहा कि दुनिया को बचाने के लिए सम्पूर्ण हिन्दू समाज फिर से अमृतसंजीवनी लेकर खड़ा हो इसकी आवश्यकता है |


उन्होंने कहा कि जब-जब हिन्दू समाज की उन्नति हुई तब सब प्रकार के संकट से ग्रस्त दुनिया को सुख का रास्ता मिला है | पाकिस्तान भी कभी भारत भूमि थी लेकिन आप देखिये वहां हिन्दू को खड़ा होने लायक नहीं रखा | अब पाक सुख में है या दुःख में ?

आज हिन्दू समाज जाग रहा है | सज्जनों को हर्षित करने वाली और दुर्जनों को भयकंपित करने वाली बात अब प्रत्यक्ष हो रही है | हम अपने देश में है, हमे किसी प्रकार का भय करने की आवश्यकता नहीं है | हम कही दूसरी जगह से यहाँ पर घुस कर नहीं आये, घुसपैठ करके नहीं आये | हम बाहर से यहाँ बसने के लिए भी नहीं आये | हम यहीं पर जन्मे, इसी मिटटी में पले, इसी देश के उत्थान में लगे पूर्वजो के वंशज है | यह हमारा देश है | यह हमारा हिन्दू राष्ट्र है | हिन्दू भागेगा नहीं | हिन्दू अपनी भूमि, अपनी जगह छोड़ेगा नहीं | जो कुछ पहले की हमारी निद्रा के कारण गया है, उसको वापस लाने का पुरुषार्थ अब हम करेंगे |

उन्होंने कहा कि सपूर्ण दुनिया की भलाई के लिए हिन्दू जाग रहा है | उसके जागने से किसी को डरना नहीं चाहिए | डरेंगे वहीं जो स्वार्थी होंगे, दुष्ट होंगे और इसलिए हिन्दू समाज के जागरण के विरुद्ध में उठने वाली आवाजें केवल उन्ही लोगो की होती है जिनके स्वार्थ को खतरा होता है या जिनकी दुष्टता पर प्रतिबन्ध आता है | आज दुनिया को बचाने के लिए सम्पूर्ण हिन्दू समाज फिर से अमृतसंजीवनी लेकर खड़ा हो इसकी आवश्यकता है, और इसलिए उस हिन्दू समाज को हम सब लोग मिलकर खड़ा कर रहे है |

जो भूले भटके बिछड़ गये उनको वापस लायेंगे | हमारे से ही गये है | खुद नहीं गये | लोभ, लालच, जबरदस्ती से लूट लिए गये | अब हमसे जो लूट लिए गये, तो चोर पकड़ा गया, उसके पास मेरा माल है | दुनिया जानती है वो मेरा माल है तो मै उसको वापस लेता हूँ इसमें क्या बुराई है? पसंद नहीं तो कानून बनाओ | संसद ने कानून बनाने के लिए कहा है | कानून बनाने के लिए तैयार नहीं तो क्या करेंगे ? हमको किसी को बदलना नहीं है | हिन्दू किसी को बदलना है इसमें विश्वास नहीं करता | हिन्दू कहता है परिवर्तन अन्दर से होता है | लेकिन हिन्दू को परिवर्तन नहीं करना है तो हिन्दू का भी परिवर्तन नहीं करना चहिये | इस पर हिन्दू आज अड़ा है | खड़ा होगा और अड़ेगा | दुनिया में दुष्ट भी है और उसमे दुश्मनी करने वाले लोग है | तो ऐसे दुश्मनों से अपने आप को और अपनी प्रजा को मै बचा सकता हूँ, इतना लड़ना मै जानता हूँ | हिन्दू भी इतना लड़ना जानता है, और हिन्दू इतना ही लड़ता है, इससे ज्यादा नहीं लड़ता |

हिन्दू के प्रति किसी प्रकार की शंका करने का कोई कारण नहीं | हम हिन्दू है, हम हिन्दू रहेंगे और हिन्दू के जो काल सुसंगत शास्वत तत्व है, जो सारी दुनिया पर लागू होते है, जिनके आधार पर चलने से दुनिया का कल्याण होगा, उन तत्वों को अपने आचरण से हम सारी दुनिया को देने वाला हिन्दुस्थान खड़ा करना चाह रहे है | और उसको हम खड़ा करके रहेंगे | आज के सम्मलेन का अंतिम संकल्प यहीं है | हिन्दुस्थान में परम वैभव संपन्न हिन्दू राष्ट्र और सुखी सुन्दर मानवता संपन्न दुनिया बनाने वाला विश्व गुरु हिन्दुस्थान, इसको खड़ा करने के लिए हमने संकल्प लिया है 'प्रारंभिक संकल्प' | हमे उसके आचरण पर पक्का रहना है | देखिएगा ज्यादा समय नहीं लगेगा |

उन्होंने कहा यहाँ बैठे हुए जवानों की जवानी पार होने के पहले जो परिवर्तन आप जीवन में चाहते हो, उस परिवर्तन को होता हुआ आप अपनी आँखों से देखोगे | एक शर्त है, आज जो संकल्प आपने लिए उनपर आपको हर कीमत पर पक्का रहना पड़ेगा | और इसलिए इन संकल्पों का स्मरण नित्य मन में रखिये और अपना आचरण उस स्मरण के अनुसार कीजिये और निर्भय होकर, आश्वस्त होकर अंतिम विजय की निश्चिंती मन में लेकर हम सब लोग चलना प्रारंभ करे इतना आह्वान करता हूँ |

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