सोमवार, 9 फ़रवरी 2015

भारत में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है : सरसंघचालक डा. मोहन भागवत




                                           'भारत में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है'
                                                  डीपी आर्य  सोमवार, 9 फरवरी 2015
                                                     अमर उजाला, गाजियाबाद |

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने देश में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को हिंदू बताया। रविवार को अपने संबोधन में भागवत ने देश के प्रत्येक ज्वलंत विषय को छुआ, संघ की नई नीति की घोषणा की और पाकिस्तान का उपचार भी बताया, लेकिन बड़ी चतुराई से। उन्होंने कहानी सुनाकर अपना संदेश स्वयंसेवकों तक पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि भारत माता का प्रत्येक पुत्र हिंदू है। फिर चाहे वह किसी भी संप्रदाय, जाति, क्षेत्र का क्यों न हो? उनका कहना था कि अब परिस्थितियां अनुकूल हैं। मां भारती के प्रत्येक पुत्र को उसका गौरव समझाओ।

संघ में लाकर संघमय करो और अपने व्यवहार-विचार से उसका इतिहास समझाओ। उनको पूर्वजों की जानकारी देकर हिंदू बंधु बनाना है। इस तरह उन्होंने घर वापसी पर मुहर लगा दी, लेकिन जोर-जबरदस्ती से दूर रहने का संदेश भी दिया। संघ प्रमुख ने पाकिस्तान पर ज्यादा महत्व नहीं देने पर जोर दिया।

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पीएम मोदी की नीतियों की तुलना योगीराज श्रीकृष्ण से करते हुए पाकिस्तान को ज्यादा तवज्जो ने देने को कहा। उन्होंने महाभारत का कथानक सुनाकर पड़ोसी मुल्क पर निशाना साधा। संकेतों में बताया कि जितना पड़ोसी मुल्क पर प्रतिक्रिया दी जाएगी, उसका अंतर्राष्ट्रीय कद बढ़ता जाएगा। अब पाकिस्तान का मुकाबला नीतियों से करना होगा।

उन्होंने महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण, अर्जुन और सेनापति सात्यकी के वन भ्रमण का कथानक सुनाते हुए कहा कि रात में मायावी राक्षस तीनों को खाने का दंभ भरता है। अंगुठे के बराबर के राक्षस का सात्यकी और अर्जुन जितना मुकाबला करते हैं, उसका कद बढ़ता जाता है। जल्द ही वह भीमकाय हो जाता है। उन्होंने पड़ोसी मुल्क को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्व मिलने को ऐसा ही व्यवहार बताया।

इसके बाद श्रीकृष्ण ने राक्षस को तवज्जो ही नहीं दी तथा उसकी उपेक्षा कर दी। कुछ ही देर में मायावी राक्षस का कद घटकर फिर अंगुठे के बराबर हो गया और श्रीकृष्ण ने उसको पल्लू में बांध लिया। देश के वर्तमान समय को श्रीकृष्ण की नीतियों वाला बताते हुए उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर संघ की मुहर लगा दी। संघ प्रमुख का मानना था कि पड़ोसी मुल्क को महत्व न दिया जाएगा तो वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर महत्वहीन हो जाएगा। पाकिस्तान का कद भारत के महत्व देने के कारण ही बढ़ता गया है।

‘पहले के जमाने में राक्षस होते थे, अब आतंकवादी राक्षस की भूमिका अदा कर रहे हैं। इन्हें खत्म करने के लिए महापुरुषों ने योजनाएं बनाईं थीं और धरती से राक्षस जाति का नाश कर दिया था। वर्तमान में राष्ट्र का नेतृत्व करने वालों को आतंकवादियों के सफाए के लिए योजना बनानी होगी।’

यह कहना है राष्ट्रीय आरएसएस के सर संघ चालक डा. मोहन भागवत का। सर संघ चालक रविवार को गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर स्थित मैदान में संघ समागम कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को संबोधित कर रहे थे।

अपने 45 मिनट के संबोधन में डा. मोहन भागवत ने कहा कि संघ के बारे में कुछ लोग नहीं जानते हैं। ऐसे लोग खुद भ्रमित होने के साथ ही दूसरों के सामने भी संघ की गलत छवि प्रस्तुत करते हैं। संघ को जानना है तो इसमें लगने वाली शाखाओं में आना होगा।

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