मंगलवार, 7 अप्रैल 2015

भारतमाता के जयकारों से, संघ के विभाग संघचालक तैलंग की अन्त्योष्टि



                                            आरएसएस के विभाग संघचालक तैलंग का निधन
                                            भारतमाता के जयकारों के बीच की गई अन्त्योष्टि


कोटा, 7 अप्रैल।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक प्रभाषचन्द्र तैलंग का मंगलवार को प्रातः 9 बजे कैथूनीपोल स्थित स्वनिवास पर निधन हो गया। वे गत 5-6 माह से कैंसर से पीडि़त थे। 68वर्षीय तैलंग विद्यार्थी काल से ही स्वयंसेवक बन गए थे तथा मुख्यशिक्षक और कार्यवाह जैसे प्रारंभिक दायित्वों को वहन करते हुए कोटा बूंदी जिलों को मिलाकर संध दृष्टिसे बनाए गए विभाग के संघचालक थे।

तैलंग के बचपन से मित्र और संघ के कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पुराने कोटा में संघ काम खड़ा करने में प्रभाष तैलंग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे पोलोटेकन्ीक करने के बाद विद्युत विभाग में जेईएन और एईएन के पदों पर रहे। इसके बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर पूरा समय संघ के लिए समर्पित कर दिया था।

उन्होंने बताया कि प्रभाष तैलंग का मूल जन्मस्थल बस्सी जयपुर में है। वे अपने पीछे पत्नी दो पुत्र, पौत्र समेत भरापूरा परिवार छोड़कर गए हैं। उनके छोटे भाई डाॅ. भालचन्द्र तैलंग संघ के विभाग कार्यवाह हैं। छह माह पूर्व उनकी बीमारी का पता लगने के बादकाफी समय तक एमबीएस में भी भर्ती रहे थे।

प्रातः 9 बजे उनकी मौत के बाद दोपहर को किशोरपुरा मुक्तिधाम पर पूर्ण विधिविधान से अन्त्येष्टि की गई। उनके पुत्रों निखिल और केशव ने शव को अन्त्येष्टि दी। तैलंग की मौत का समाचार मिलते ही हाड़ौती भर से संघ के कार्यकर्ता, शहर के प्रबुद्ध जन, राजनैतिक क्षैत्र के कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग अन्तिम दर्शनों के लिए मुक्तिधाम और उनके आवास पर पहुंचे।

पुष्टिमार्गीय थे तैलंग
पं. राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रभाष के साथ काम करने में बहुत आनन्द आया करता था। उन्होंने संघ को कोटा में खड़ा करने में काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे बताते हैं कि तैलंग पुष्टिमार्गीय ब्राह्मण थे, जिनमें छूआछूत बड़ी मात्रा में माना जाता है। इसके बावजूद स्वयंसेवक होने के कारण प्रभाष तैलंग के पूरे परिवार में कईं भी छूआछूत का कहीं भी नामोनिशान नहीं था। उन्होंने सही अर्थाें में संघमय जीवन को अपनाया था।

शोकसभा गुरुवार को
राष्ट्र चेतना अभियान समिति की ओर से भी तैलंग को श्रद्धांजलि दी गइ है। समिति के मंत्री बाबूलाल रेनवाल ने बताया कि प्रभाषचन्द्र तैलंग की तीये की बैठक तथा शोकसभा गुरूवार को गीताभवन पर शाम को 5.30 बजे आयोजित की जाएगी।

'आरएसएस के विभाग संघचालक तैलंग का निधन भारतमाता के जयकारों के बीच की गई अन्त्योष्टि कोटा, 7 अप्रैल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक प्रभाषचन्द्र तैलंग का मंगलवार को प्रातः 9 बजे कैथूनीपोल स्थित स्वनिवास पर निधन हो गया। वे गत 5-6 माह से कैंसर से पीडि़त थे। 68 वर्षीय तैलंग विद्यार्थी काल से ही स्वयंसेवक बन गए थे तथा मुख्यशिक्षक और कार्यवाह जैसे प्रारंभिक दायित्वों को वहन करते हुए कोटा बूंदी जिलों को मिलाकर संध दृष्टिसे बनाए गए विभाग के संघचालक थे। तैलंग के बचपन से मित्र और संघ के कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा ने बताया कि पुराने कोटा में संघ काम खड़ा करने में प्रभाष तैलंग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वे पोलोटेकन्ीक करने के बाद विद्युत विभाग में जेईएन और एईएन के पदों पर रहे। इसके बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर पूरा समय संघ के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने बताया कि प्रभाष तैलंग का मूल जन्मस्थल बस्सी जयपुर में है। वे अपने पीछे पत्नी दो पुत्र, पौत्र समेत भरापूरा परिवार छोड़कर गए हैं। उनके छोटे भाई डाॅ. भालचन्द्र तैलंग संघ के विभाग कार्यवाह हैं। छह माह पूर्व उनकी बीमारी का पता लगने के बाद काफी समय तक एमबीएस में भी भर्ती रहे थे। प्रातः 9 बजे उनकी मौत के बाद दोपहर को किशोरपुरा मुक्तिधाम पर पूर्ण विधिविधान से अन्त्येष्टि की गई। उनके पुत्रों निखिल और केशव ने शव को अन्त्येष्टि दी।

तैलंग की मौत का समाचार मिलते ही हाड़ौती भर से संघ के कार्यकर्ता, शहर के प्रबुद्ध जन, राजनैतिक क्षैत्र के कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग अन्तिम दर्शनों के लिए मुक्तिधाम और उनके आवास पर पहुंचे। पुष्टिमार्गीय थे तैलंग पं. राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रभाष के साथ काम करने में बहुत आनन्द आया करता था। उन्होंने संघ को कोटा में खड़ा करने में काफी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे बताते हैं कि तैलंग पुष्टिमार्गीय ब्राह्मण थे, जिनमें छूआछूत बड़ी मात्रा में माना जाता है। इसके बावजूद स्वयंसेवक होने के कारण प्रभाष तैलंग के पूरे परिवार में कईं भी छूआछूत का कहीं भी नामोनिशान नहीं था। उन्होंने सही अर्थाें में संघमय जीवन को अपनाया था। शोकसभा कल राष्ट्र चेतना अभियान समिति की ओर से भी तैलंग को श्रद्धांजलि दी गइ है।

समिति के मंत्री बाबूलाल रेनवाल ने बताया कि प्रभाषचन्द्र तैलंग की तीये की बैठक तथा शोकसभा गुरूवार को गीताभवन पर शाम को 5.30 बजे आयोजित की जाएगी।'
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तैलंग ने हजारों को राष्ट्रसेवा
के लिए प्रेरित किया - भाजपा

07 अप्रैल 2015, कोटा। भारतीय जनता पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष हेमन्तकृष्ण विजयवर्गीय एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सीसौदिया ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक प्रभाषचन्द्र तैलंग के निधन पर शोक अभिव्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘श्री तैलंग ने पूरा जीवन भारतमाता की सेवा में समर्पित कर दिया, उन्होंने राष्ट्र सेवा के विचारों से हजारों लोगों को देश सेवा के लिए प्रेरित किया, उनका निधन राष्ट्रवादी व्यक्तित्वों की श्रृंखला में अपूरणीय क्षति है।’’
‘‘तैलंग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों से परिपूर्ण व्यक्ति थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन एक आदर्श स्वयंसेवक के रूप में भारत माता के वैभव को बढाने में समर्पित किया। उनकी सादगी, सहजता एवं अनुशासनप्रियता हमेशा ही अनुकरणीय रहेगी, समाज को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से लम्बे समय पर प्रेरणा प्राप्त होती रहेगी।’’

तैलंग के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोटा विभाग के सरसंघचालक प्रभाषचन्द्र तैलंग का निधन मंगलवार को हो गया, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर 2 बजे किशोरपुरा मुक्तिधाम में किया गया जहां संघ परिवार के साथ विविध क्षेत्र सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। भारतीय जनता पार्टी की ओर से महापौर महेश विजय, शहर जिलाध्यक्ष हेमन्तकृष्ण विजयवर्गीय, वरिष्ठ भाजपा नेता अरविंद सीसौदिया, जटाशंकर शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रह्लाद पंवार, नेता खण्डेलवाल, पूर्व पार्षद रामबाबू सोनी, किशन पाठक, दिनेश सोनी, ललित किशोर शर्मा, प्रताप सिंह तोमर, डॉ. गोपाल सिंह भाटी, गिरिराज सिसोदिया सहित प्रमुख पदाधिकारी व पार्षद अंतिम संस्कार में सम्मिलित हुए।
  
अरविन्द सिसोदिया
9414180151
 

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