बुधवार, 27 मई 2015

स्मृति ईरानी : राहुल गांधी को घर में घेरा



स्मृति ईरानी ने अमेठी से राहुल गांधी के छुड़ाए पसीने
नवभारतटाइम्स.कॉम |      May 27, 2015

अमेठी
2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण सीट अमेठी पर राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। इसकी वजह क्या है? बीजेपी ने 2014 के आम चुनाव में उत्तर प्रदेश में 80 में से 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अमेठी में राहुल गांधी की जीत में वोटों को अंतर भी कम हुआ था। बीजेपी अमेठी में राहुल के वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही थी।

अमेठी की लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस के बीच नाक की बन गई है। स्मृति ईरानी ने गांधी-नेहरू परिवार पर हमला करते हुए मंगलवार को कहा था कि वर्षों के खोखले वादों के बाद अमेठी और रायबरेली में अब विकास दिख रहा है। ईरानी के इस हमले पर प्रियंका गांधी ने जवाबी हमला बोला है। प्रियंका ने पूछा कि अमेठी में आईआईआईटी क्यों नहीं खुल रही। उन्होंने पूछा कि स्मृति ईरानी एचआरडी मंत्री हैं और उन्हें जवाब देना चाहिए। प्रियंका ने कहा कि यहां के युवा समस्याओं से जूझ रहे हैं और ईरानी कुछ नहीं कर रहीं।

2014 लोकसभा इलेक्शन में राहुल गांधी ने अमेठी से बीजेपी की स्मृति ईरानी को 1.07 लाख वोटों से हराया था। राहुल की यह जीत 2009 के मुकाबले बेहद छोटी थी। 2009 में राहुल 3.70 वोटों के अंतर से जीते थे।

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से अमेठी में एक दूसरे को मात देने का राजनीतिक खेल शिखर पर है। पिछले साल आम चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह से हारी थी। तब से ही बीजेपी ने निशाने पर अमेठी है।

फूड पार्क का कैंसल होना
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने संसद में महत्वाकांक्षी शक्तिमान मेगा फूड पार्क कैंसल करने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी के गांवों में गईं और वहां उन्होंने किसान पंचायत आयोजित की। उन्होंने कहा कि मैं यहां से भले हार गई हूं लेकिन एनडीए सरकार आपके साथ है।

राहुल ने मोदी सरकार पर हमला बोला था और उन्होंने कई मोर्चों पर नाकाम रहने का आरोप लगाया था। बीजेपी ने राहुल को बैकफुट पर लाने के लिए अमेठी की राह को चुना। यह बीजेपी की रणनीतिक चाल है कि राहुल को उनके घर में ही घेरा जाए। राहुल बीजेपी पर अटैक करते हैं तो बीजेपी अमेठी में अपनी गतिविधि तेज कर देती है।

2017 में उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव
किसानों के मुद्दों पर राजनीतिक दलों में हितैषी दिखने की होड़ उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के कारण है। इसकी शुरुआत बीजेपी ने अमेठी से शुरू कर दी है। स्मृति ईरानी का इस महीने दो बार अमेठी जाना महज संयोग नहीं है। अमेठी में बीजेपी के सीनियर नेता उमा शंकर पांडे ने कहा कि ईरानी का दौरा किसानों की समस्याओं पर फोकस है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता 2017 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्साह में हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अमेठी में महज दो विधानसभा सीटों (तिलोई और जगदीशपुर) पर जीत दर्ज कर पाई थी। 2014 के आम चुनाव के बाद से कांग्रेस पार्टी कैडर को संगठित करने में जुटी है।

एक सीनियर कांग्रेस नेता ने कहा, 'फूड पार्क और किसानों की समस्याओं पर राहुल ने आवाज उठाई है। राहुल गांधी लोगों के संपर्क बनाने में कामयाब हो रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ता आशावादी हैं। राज्य भर में कांग्रेस लोगों बीच जाकर अपनी बात कह रही है। राहुल गांधी 2017 के विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।'

स्मृति ईरानी का अमेठी दौरा
हालांकि राहुल ने ईरानी के अमेठी दौरे पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने आशंका जताई कि एनडीए सरकार अमेठी से और प्रॉजेक्ट के दूसरी जगह शिफ्ट कर सकती है। तिलोई से कांग्रेस विधायक मोहम्मद मुस्लिम ने कहा, 'इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इंन्फर्मेशन टेक्नॉलजी (आईआईआईटी) से डिस्कवरी पार्क को रद्द कराने के पीछे स्मृति ईरानी ही हैं। ईरानी आईआईआईटी को इलाहाबाद शिफ्ट करने की साजिश रच रही हैं।


बीजेपी का राहुल पर हमला
अमेठी के बीजेपी नेता राहुल गांधी पर हमलावर हो गए हैं। ये आरोप लगा रहे हैं कि यूपीए के 10 साल के शासन में अमेठी का विकास नहीं हुआ। बीजेपी नेता उमाशंकर पांडे ने कहा कि राहुल गांधी पर अमेठी के लोगों का भरोसा खत्म हो रहा है। उन्होंने कहा, 'वह पिछले तीन दिनों के दौरे में किसानों की बात करते रहे लेकिन आज तक कुछ किया नहीं। ईरानी अमेठी के हेडक्वॉर्टर गरीगंज के पास कटरा लालगंज में मिट्टी जांच प्रयोगशाल स्थापित करने जा रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी जेब से अमेठी के 25 हजार लोंगों का इंश्योरेंस कराने का फैसला किया है।'

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