मंगलवार, 23 जून 2015

“जम्मू और कश्मीर” डॉ0 मुखर्जी के बलिदान से ही भारत में - महेश विजयवर्गीय




प्रेस विज्ञप्ति
महासम्पर्क अभियान पखवाडे़ का शुभारम्भ
सम्पर्क अभियान सामग्री का वितरण किया गया
डॉ0श्यामाप्रसाद मुखर्जी बलीदान दिवस संगोष्ठि

“जम्मू और कश्मीर” डॉ0 मुखर्जी के बलिदान से ही भारत में - महेश विजयवर्गीय


23 जून कोटा । भाजपा शहर जिला कोटा के द्वारा महासम्पर्क अभियान 2015 के तत्वाधान में जनसंघ के संस्थापक डॉ0 श्यामाप्रसाद मुखजी के 23 जून बलिदान दिवस से 6 जुलाई जयंती तक विशेष सम्पर्क अभियान चलाया जायेगा। इसीक्रम में मंगलवार सायं 5 बजे स्वर्णरजत कला मार्केट , सब्जिमण्डी के हाल में बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसके मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि , पूर्व जिला अध्यक्ष एवं कोर कमेटी सदस्य महेश विजयवर्गीय थे एवं अध्यक्षता जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय ने की । इस अवसर पर उपमहापौर श्रीमती सुनीता व्यास, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हनुमान शर्मा एवं वरिष्ठ भाजपा नेता जटाशंकर शर्मा मंचस्थ थे। संचालन जिला महामंत्री अरविन्द सिसोदिया ने किया। धन्यवाद ज्ञापन जिला महामंत्री अमित शर्मा ने किया तथा सूचनायें जिला महामंत्री जगदीश जिंदल ने दी। स्वागत जिला उपाध्यक्ष कृष्णकुमार सोनी रामबाबू ने किया। कार्यक्रम के समापन के बाद सम्पर्क अभियान की सामग्री का वितरण उपस्थित कार्यकर्ताओं के मध्य किया गया जिसमें केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियां तथा डेटा पत्रक सम्मिलित है।

मुुख्य अतिथि महेश विजयवर्गीय ने कहा “  प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने जम्मू और कश्मीर प्रांत को विषेश दर्जा देकर सह राष्ट्र जैसी स्थिती में लाकर, भारत से लगभग अलग होने की स्थिती प्रदान करदी थी। तब नेहरूजी की गलती से अलग झंडा, अलग निशान , अलग संविधान और प्रवेश के लिये परमिट व्यवस्था जम्मू और कश्मीर प्रांत में  थीं। इस स्थिती की भावी गंभीरता और राष्ट्रीय अखण्डता के नुकसान को जनसंघ के संस्थापक डॉ0 श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने पहचाना और आंदोलन किया “एक देश में दो निशान दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे - नहीं चलेंगे।” उन्होने परमिट व्यवस्था को तोड़ते हुये जम्मू और कश्मीर सरकार के समक्ष गिरफ्तारी दी और उनकी संदिग्ध परिस्थिती में वहीं 23 जून को बंदी रहते हुये मुत्यु हुई। कुछ अरसे बाद उसी जम्मू और कश्मीर राज्य के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला को नेहरू सरकार को अलगाववादी हरकतों के कारण गिरिफ्तार कर जेल में ड़ालना पडा था। इस प्रकार राष्ट्रहित के लिये स्वंतत्र भारत में पहली बली डॉ0 मुखर्जी ने दी और आज भारत का अभिन्न अंग जम्मू और कश्मीर डॉ0 मुखर्जी के बलिदान से ही है।

जिला अध्यक्ष हेमन्त विजयवर्गीय ने कहा जब तक जम्मू और कश्मीर का नाम रहेगा तब तक डॉ0 मुखर्जी का नाम उसके साथ अमर है। उन्होने कहा तब विश्व के सबसे कम उम्र के कुलपती रहे डॉ0 मुखर्जी ने पूरे जीवन राष्ट्रहित से समझौता नहीं किया और उनके ही बलिदान से कश्मीर आज भारत का अंग है।

उपमहापौर श्रीमती सुनीता व्यास ने कहा जनसंघ से लेकर भाजपा तक जम्मू और कश्मीर हमारा अहम एजेंडा है और जब तक अलगाववादी धारा 370 से इसकी मुक्ति नहीं होती तब तक निरंतर संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदेश कार्य समिति सदस्य हनुमान शर्मा ने कहा डॉ0 मुखर्जी का बलिदान हमें देशहितों की चिन्ता के लिए प्रेरित करता हे। वरिष्ठ भाजपा नेता जटाशंकर शर्मा ने कहा डॉ मुखर्जी का जीवन सदियों तक राष्ट्रभक्तों को प्रेरणा देता रहेगा।

संगोष्ठि में जिला उपाध्यक्ष कृष्णकुमार सोनी रामबाबू, अशोक चौधरी, सतीष गोपालानी, लक्ष्मण सिंह खींची, विशाल जोशी, त्रिलोक सिंह, जिला मंत्री मुकेश विजय, कैलाश गौतम, अर्थपालसिंह, रविन्द्रसिंह हाड़ा, किसान मोर्चा अध्यक्ष गिरिराज गौतम, अनुसूचित जाती मोर्चा अध्यक्ष अशोक बादल, हीतेन्द्रसिंह हाडा, राकेश चतुर्वेदी, प्राची दीक्षित, प्रभा तंवर, रेखा खेलवाल, सुमन मेहरा, लक्ष्मी शर्मा, पार्षद पवन अग्रवाल, नरेन्द्र सिंह हाडा, प्रकाश सैनी, भगवान स्वरूप गौतम, रेखा लखेरा, मधुकंवर हाड़ा सहित गोपालकृष्ण सोनी, वीरेन्द्रसिंह भानावत, पंकज साहू, प्रखर कौशल, जीतेन्द्र खजांची, चन्द्रशेखर नरवाल, सचिन मिश्रा,अनिल भडाना, सुरेन्द्र शर्मा आदि उपस्थ्ति थे।


                                                                                                            भवदीय
                                                                                                 अरविन्द सिसोदिया                                                                                                                                 महामंत्री , भाजपा शहर जिला कोटा

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