रविवार, 24 जनवरी 2016

99 साल की जगह फ्री होल्ड पट्टे : राजस्थान की श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार का जन हितकारी निर्णय



राजस्थान की श्रीमती वसुंधरा राजे सरकार का जन हितकारी निर्णय 

99 साल की जगह फ्री होल्ड पट्टे के प्रावधान को कैबिनेट की मंजूरी
Written By Goverdhan Choudhary , Update on 23-01-2016

— शहरी भूमि निष्पादन नियमों में संशोधन के बड़े फैसले
— 99 साल की लीज की जगह प्लॉट फ्री होल्ड करा सकेंगे
— बार— बार लीज जमा कराने के झंझट से मुक्ति
— लीज और फ्री होल्ड दोनों का विकल्प खुला रहेगा
— आवासीय जमीन को लीज राशि का 1.25 गुणा जमा करवाकर फ्री होल्ड करा सकेंगे, कमिर्शयल प्लाट के लिए 1.5 गुणा जमा कराकर फ्री होल्ड
— जिन प्लॉट की पहले लीज राशि जमा है, उनमें आवासीय में .25 फीसदी और कमिर्शयल में .50 फीसदी चार्ज लगेगा फ्री होल्ड का
— विशेष प्रयोजन के लिए आवंटित जमीन को इससे अलग रखा
— शहरी निकायों की आवासीय योजनाओं में प्रशासनिक चार्ज 30 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी किया
— अब 1 लाख की जनसंख्या तक वाले शहर में प्लॉट मकान वाले भी सरकारी स्कीम में दूसरे शहरों में प्लॉट ले सकेंगे
— आवासीय योजनाओं में विकलांगों का कोटा 2 से बढ़ाकर 3 फीसदी किया
— सरकारी अवासीय योजनाओं में लिए प्लॉट को अब 5 साल में बेचा जा सकेगा, पहले 10 साल तक नहीं बेचने का प्रावधान था
— शहरी क्षेत्रों में अब अधिकतम प्लॉट साइज 750 वर्ग मीटर से घटाकर 550 वर्गमीटर की, यानी 550 वर्गमीटर से बड़ा प्लॉट आवंटित नहीं होगा
— कांची कामकोटी मेडिकल ट्रस्ट को 8342 वर्गमीटर जमीन आवंटन को मंजूरी
—   ट्रस्ट जयपुर मेें 225 बेडेड आई हॉस्पिटल खोलेगा, 80 फीसदी ग्रामीण मरीजों का इलाज करेगा
— जनता जल योजना को पूरी तरह ग्रामीण विकास विभाग चलाएगा, कैबिनेट ने दी मंजूरी
—  अनुसूचित क्षेत्रों में सभी पदों पर भर्ती के लिए आयु सीमा एक समान होगी, न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम 35 साल होगी
— तहसील राजस्व लेखाकार के लिए भी अब कंप्यूटर में डिप्लोमा अनिवार्य होगा
— राज्य कर्मचारियों को अब पंचकर्म क्रिया से इलाज कराने पर भी पुनर्भरण मिलेगा, नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ आयुर्वेद की दरों के हिसाब से पुनर्भरण राशि मिलेगी
जयपुर।  कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला करते हुए राजस्थान सुधार न्यास शहरी भूमि निष्पादन नियम 1974 में संशोधन किए हैं, फ्री होल्ड पट्टे के प्रावधान को मंजूरी दी है।  संशोधन के मुताबिक पहले 99 साल की लीज पर पलॅट मिलते थे, अब वन टाइम पैसा जमा करवाकर प्लॉट को फ्री होल्ड करवा कर ताउम्र मालिकाना हक ले सकेंगे।  बार बार लीज मनी जमा कराने से मुक्ति मिलेगी। आवासीय में लीज राशि का 1.25 गुणा और कमिर्शयल में 1.5 गुणा वन टाइम लीज राशि जमा करवाकर फ्री होल्ड करवा सकेंगे। वन टाइम लीज मनी आठ साल की जमा होती है, उसका 1.25 गुणा और 1.5 गुणा पैसाउ जमा होगा। अगर लीज राशि पहले जमा है तो फ्री होल्ड कराने के लिए  आवासीय में .25 फीसदी और कमिर्शयल में .50 फीसदी चार्ज लगेगा।  लेकिन इसमें विशेष प्रयोजन के लिए दी गई जमीनों को अलेग रखा हे। शहरी निकायों की आवासीय योजनाओं की लागत में पहले 30 फीसदी प्रशासनिक खर्च का पैसा शामिल होता था, उसे घटाकर अब 20 फीसदी कर दिया है। शही इलाकोें में अभी 50 हजार की जनसंख्या वाले शहर में प्लॉट होने पर सरकारी स्कीम में दूसा प्लॉट नही मिलता था अब एक लाख तक की जनसंख्या में प्लॉट होने पर भी आवासीय योजना में प्लॉट ले सकेंगे। आवासीय योजनाओं में विकलांगों का कोटा दो से बढाकर तीन फीसदी करने को मंजूरी दी हे। शहरी निकायों में अब अश्धिकतम 550 वर्गमीटर से ज्यदा प्लॉट आवंटित नहीं होगा, पहले यह साइज 750 वर्गमीटर थी।

कैबिनेट ने  कांचीकामकोटी मेडिकल ट्रस्ट को 8342 वर्गमीटर जमीन आवंटन को मंजूरी दी है। यह   ट्रस्ट जयपुर मेें 225 बेडेड आई हॉस्पिटल खोलेगा, 80 फीसदी ग्रामीण मरीजों का इलाज करेगा।  जनता जल योजना को पूरी तरह ग्रामीण विकास विभाग को सौंपने पर कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अनुसूचित क्षेत्रों में सभी पदों पर भर्ती के लिए आयु सीमा एक समान होगी, न्यूनतम आयु 18 और अधिकतम 35 साल होगी।

आरपीएससी से होने वाली  तहसील राजस्व लेखाकार की भर्ती के लिए भी अब कंप्यूटर में डिप्लोमा अनिवार्य होगा।  राज्य कर्मचारियों को अब पंचकर्म क्रिया से इलाज कराने पर भी पुनर्भरण मिलेगा, नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ आयुर्वेद की दरों के हिसाब से पुनर्भरण राशि मिलेगी, अभी तक इसका प्रावधान नहीं था।

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